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टनकपुर हाईवे पर दस घंटे लगा रहा जाम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Sat, 19 May 2018 01:23 AM IST
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टनकपुर हाईवे पर गन्ना वाहनों की बेतरतीब तरीके से इंट्री राहगीरों और शहर वासियों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। दिन हो या रात हाईवे जाम की गिरफ्त में रहता है। लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को तो हालात और बद से बदतर हो गए। टनकपुर हाईवे से गुजरने वाले वाहन जाम में करीब दस घंटे फंसे रहे। जाम में फंसे स्कूली बच्चों के साथ-साथ राहगीरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस बीच सीओ सिटी के शुगर फैक्ट्री पहुंचने और मिल प्रशासन की फटकार लगाने के बाद जाम में फंसे वाहनों का आवागमन जारी कराया जा सका।
शुक्रवार को शहर स्थित एलएच शुगर मिल पर गन्ना लेकर पहुंचने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लगी लंबी लाइन टनकपुर हाईवे पर लगी थीं । वहीं फ्लाईओवर पर भी गन्ना लदे वाहन बेतरतीब से खड़े थे। असम चौराहे तक जाम की स्थिति दोपहर करीब एक बजे तक बनी रही। जाम में फंसे लोग शुगर मिल प्रशासन के साथ अफसरों व नेताओं को भी कोसते दिखाई दिए। पुलिस को जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। वाहनों की कई किलोमीटर लंबी लाइन लगने पर लोग गलियों व मोहल्लों का सहारा लेते दिखाई दिए। गन्ना वाहन चालकों ने भी जाम लगने का जिम्मेदार शुगर मिल प्रशासन को ठहराया।
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मिल यार्ड खाली देख सीओ सिटी भड़के
बेकाबू जाम की स्थिति देख सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल का शुक्रवार को उस वक्त पारा चढ़ गया। जब उन्हें पता चला कि गौहनिया चौराहे से लेकर असम चौराहे तक जाम लगा है। छोटे वाहन गली मोहल्ले से होकर निकल रहे हैं, राहगीरों के साथ-साथ जाम में स्कूल के बच्चे फंसे है। जानकारी पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल पुलिस फोर्स के साथ एलएच शुगर फैक्ट्री के मिल यार्ड में पहुंच गए। खाली पड़ा मिल का यार्ड देख सीओ सिटी मिल प्रशासन पर भड़क उठे और जमकर फटकार लगाई कहा कि पूरे शहर में जाम लगा है। जब यार्ड में जगह है तो ट्रैक्टर यहां क्यों नहीं खड़े कराए जा रहे हैं। आननफानन में मिल यार्ड में ट्रैक्टर खड़ा होना शुरू हुए जिसके बाद कछुआ गति से रेंग रहे वाहनों का आवागमन शुरू हो सका।
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पवन कुमार बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे से ट्रैक्टर लेकर लाइन में लगे हैं। उन्होंने बताया कि कब गन्ना की तौल कब होगी और कब घर पहुंचेंगे पता नहीं। गर्मी में शरीर टूट रहा है। सुनने वाला कोई नहीं है।
सूरजपाल अफसरों और जनप्रतिनिधयों को कोसते नजर आए। कहा कि किसानों की फिक्र करने वाले दिखाई नहीं दे रहे। घर परिवार को छोड़ कर गन्ना तुलवाने के लिए लाइन में खड़े दो दिन हो गए हैं। खाना भी नहीं खाया है, पर अभी तक गन्ना नहीं तुल सका।
गन्ना भरी ट्रॉली लेकर खड़े नरेश ने बताया कि रात से लाइन में लगे हैं। पूरी रात बीत गई। दिन भी निकल गया, लेकिन नंबर कब आएगा इसका कुछ पता नहीं। चीनी मिल प्रशासन की लापरवाही इसी तरह जारी रही तो किसानों की समस्या और बढ़ जाएगी।
बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से गन्ना लेकर ट्रैक्टर-ट्राली के साथ खड़े उमाशंकर थक कर चूर हो चुके थे। उनका कहना था कि जाम की वजह से तीन किलोमीटर का सफर तय करने में तीस घंटे का समय लग गया। न ठीक से सोना हो पाया है न ठीक से खाना खा पाए हैं।
बृहस्पतिवार रात शुगर मिल में खराबी आने के कारण नौ घंटे गन्ने की तौल रोक दी गई थी। इस कारण शुक्रवार को गन्ना लदे वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। अब स्थिति ठीक है और गन्ना की तौल हो रही है। केबी शर्मा, जीएम, गन्ना मिल
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शुक्रवार को शहर स्थित एलएच शुगर मिल पर गन्ना लेकर पहुंचने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लगी लंबी लाइन टनकपुर हाईवे पर लगी थीं । वहीं फ्लाईओवर पर भी गन्ना लदे वाहन बेतरतीब से खड़े थे। असम चौराहे तक जाम की स्थिति दोपहर करीब एक बजे तक बनी रही। जाम में फंसे लोग शुगर मिल प्रशासन के साथ अफसरों व नेताओं को भी कोसते दिखाई दिए। पुलिस को जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। वाहनों की कई किलोमीटर लंबी लाइन लगने पर लोग गलियों व मोहल्लों का सहारा लेते दिखाई दिए। गन्ना वाहन चालकों ने भी जाम लगने का जिम्मेदार शुगर मिल प्रशासन को ठहराया।
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मिल यार्ड खाली देख सीओ सिटी भड़के
बेकाबू जाम की स्थिति देख सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल का शुक्रवार को उस वक्त पारा चढ़ गया। जब उन्हें पता चला कि गौहनिया चौराहे से लेकर असम चौराहे तक जाम लगा है। छोटे वाहन गली मोहल्ले से होकर निकल रहे हैं, राहगीरों के साथ-साथ जाम में स्कूल के बच्चे फंसे है। जानकारी पर सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल पुलिस फोर्स के साथ एलएच शुगर फैक्ट्री के मिल यार्ड में पहुंच गए। खाली पड़ा मिल का यार्ड देख सीओ सिटी मिल प्रशासन पर भड़क उठे और जमकर फटकार लगाई कहा कि पूरे शहर में जाम लगा है। जब यार्ड में जगह है तो ट्रैक्टर यहां क्यों नहीं खड़े कराए जा रहे हैं। आननफानन में मिल यार्ड में ट्रैक्टर खड़ा होना शुरू हुए जिसके बाद कछुआ गति से रेंग रहे वाहनों का आवागमन शुरू हो सका।
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पवन कुमार बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे से ट्रैक्टर लेकर लाइन में लगे हैं। उन्होंने बताया कि कब गन्ना की तौल कब होगी और कब घर पहुंचेंगे पता नहीं। गर्मी में शरीर टूट रहा है। सुनने वाला कोई नहीं है।
सूरजपाल अफसरों और जनप्रतिनिधयों को कोसते नजर आए। कहा कि किसानों की फिक्र करने वाले दिखाई नहीं दे रहे। घर परिवार को छोड़ कर गन्ना तुलवाने के लिए लाइन में खड़े दो दिन हो गए हैं। खाना भी नहीं खाया है, पर अभी तक गन्ना नहीं तुल सका।
गन्ना भरी ट्रॉली लेकर खड़े नरेश ने बताया कि रात से लाइन में लगे हैं। पूरी रात बीत गई। दिन भी निकल गया, लेकिन नंबर कब आएगा इसका कुछ पता नहीं। चीनी मिल प्रशासन की लापरवाही इसी तरह जारी रही तो किसानों की समस्या और बढ़ जाएगी।
बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से गन्ना लेकर ट्रैक्टर-ट्राली के साथ खड़े उमाशंकर थक कर चूर हो चुके थे। उनका कहना था कि जाम की वजह से तीन किलोमीटर का सफर तय करने में तीस घंटे का समय लग गया। न ठीक से सोना हो पाया है न ठीक से खाना खा पाए हैं।
बृहस्पतिवार रात शुगर मिल में खराबी आने के कारण नौ घंटे गन्ने की तौल रोक दी गई थी। इस कारण शुक्रवार को गन्ना लदे वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। अब स्थिति ठीक है और गन्ना की तौल हो रही है। केबी शर्मा, जीएम, गन्ना मिल