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Pilibhit News: स्टेशन के पुनर्विकास का काम धीमा, अव्यवस्थाओं से यात्री परेशान
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रेलवे जंक्शन पर निर्माण के चलते की गई तोड़फोड।संवाद
पीलीभीत। रेलवे स्टेशन की सूरत बदलने के लिए चार माह पूर्व शुरू हुआ कार्य तोड़फोड़ तक सीमित रह गया है। ऐसे में यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में लिफ्ट लगाने के लिए फाउंडेशन बनाने का कार्य किया जा रहा है। कार्यालय समेत अन्य स्थानों पर निर्माण का कार्य ठप है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पीलीभीत रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कराने को मंजूरी मिली थी। इसके लिए योजना के तहत 16.7 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया गया। पीएम के वर्चुअल शुभारंभ के बाद स्टेशन की सूरत बदलने के लिए कार्य भी शुरू किया गया।
योजना के तहत रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार, टिकट विंडो और कार्यालयों को नया रूप देने का काम शामिल था। कार्य शुरू कर कई स्थानों पर बने भवनों को तोड़ दिया गया। नक्शे के आधार पर कार्य कराने में तेजी देखी गई। जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि चंद माह में ही स्टेशन की सूरत बदली दिखेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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चार माह बीतने के बाद स्टेशन पर योजना के तहत सिर्फ लिफ्ट लगाने के लिए फाउंडेशन बनाने का कार्य कराया जा रहा है। अन्य काम तोड़फोड़ के बाद बंद हैं। तोड़फोड़ कर डाली गई सामग्री से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
हवा चलने से प्लेटफार्म क्षेत्र में धूल से परेशानी होती है। हालांकि इसके लिए कपड़ा बंधवाया गया है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। पीआरओ राजेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।
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अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पीलीभीत रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कराने को मंजूरी मिली थी। इसके लिए योजना के तहत 16.7 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया गया। पीएम के वर्चुअल शुभारंभ के बाद स्टेशन की सूरत बदलने के लिए कार्य भी शुरू किया गया।
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योजना के तहत रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार, टिकट विंडो और कार्यालयों को नया रूप देने का काम शामिल था। कार्य शुरू कर कई स्थानों पर बने भवनों को तोड़ दिया गया। नक्शे के आधार पर कार्य कराने में तेजी देखी गई। जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि चंद माह में ही स्टेशन की सूरत बदली दिखेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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चार माह बीतने के बाद स्टेशन पर योजना के तहत सिर्फ लिफ्ट लगाने के लिए फाउंडेशन बनाने का कार्य कराया जा रहा है। अन्य काम तोड़फोड़ के बाद बंद हैं। तोड़फोड़ कर डाली गई सामग्री से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
हवा चलने से प्लेटफार्म क्षेत्र में धूल से परेशानी होती है। हालांकि इसके लिए कपड़ा बंधवाया गया है, लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। पीआरओ राजेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।