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Pilibhit News: कुत्तों-बंदरों का आतंक, पकड़ने के लिए एजेंसी तक नहीं

Thu, 28 May 2026 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 01:42 AM IST
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Dogs and monkeys are a terror, and there's no agency to catch them.
शहर की अशोक कॉलोनी में घूमता आवारा कुत्तों का झुंड। संवाद - फोटो : Samvad
पीलीभीत। तराई बेल्ट में कुत्ता और बंदरों का खूब आतंक है। पीलीभीत नगर पालिका ही नहीं, बीसलपुर, पूरनपुर और अमरिया जैसे क्षेत्र में लोग इससे प्रभावित हैं। कुत्तों ने इतना आतंक मचाया है कि गलियों में दौड़ाकर काट लेते हैं, जबकि बंदरों के झुुंड छतोें पर कपड़े सुखाने या खाने-पीने की चीज सूखाने के दौरान बच्चों और महिलाओं पर झपट पड़ते हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 100 से 120 लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।
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हाल ही मेें सुप्रीम कोर्ट ने कुत्ता पकड़ने के इंतजाम करने के आदेश जारी किए, लेकिन जिम्मेदारों ने इसमें गंभीरता नहीं दिखाई। खूंखार कुत्ते और कटखने बंदर को पकड़ने के लिए कई सालों से कोई एजेंसी नियुक्त नहीं की गई है।
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इस समस्या को लेकर जिले की तीन नगर पालिकाएं और सात नगर पंचायतें बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। यही कारण है कि मेडिकल कॉलेज में डॉग बाइट के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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पीलीभीत नगर पालिका के कई वार्डों में कुत्तों और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई बार कुत्तों के अचानक दौड़ने से बाइक सवार संतुलन खोकर गिरकर घायल हो जाते हैं। डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है।
इधर, कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश जारी किए। इसके तहत हिंसक, बीमार और बेसहारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने, उनका उपचार कराने और नसबंदी कराने की बात कही थी, लेकिन लंबे समय बाद भी योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। नगर पालिका क्षेत्र के गौहनिया चौराहा, नकटादाना चौराहा, लाल रोड, कोतवाली रोड, छतरी चौराहा, अशोक कॉलोनी, काला मंदिर रोड, स्टेशन चौराहा, जिला अस्पताल, डालचंद, खकरा, मोहम्मद फारुख और बल्लभ नगर समेत कई अन्य इलाकों में कुत्तों के झुंड लगातार देखे जा रहे हैं।

रात के समय इन क्षेत्रों में खतरा और अधिक बढ़ जाता है। इनमें से आधे मोहल्लों में बंदरों का आतंक है। कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन शिकायतों को न बोर्ड बैठक और न ही उच्चाधिकारियों की मेज पर तवज्जो मिली। मेडिकल कॉलेज में डॉग बाइट के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संवाद
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