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धान खरीद में अनियमितता : डिप्टी आरएमओ और डीडी कृषि का जवाब तलब
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मंडी समिति में एक आढ़त के बाहर लगा धान का ढेर।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। धान खरीद पटरी पर न आने की वजह से डीएम का सख्त रुख बरकरार है। दो दिन पहले मंडी में औचक निरीक्षण कर चार केंद्र प्रभारियों को निलंबित करने वाले जिलाधिकारी ने बुधवार को लक्ष्य के सापेक्ष खरीद न होने पर डिप्टी आरएमओ और डीडी कृषि का जवाब तलब किया है। दोनों अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वह धान लेकर क्रय केंद्र पहुंचने वाले किसानों के जरूरी अभिलेख लेकर मौके पर ही पंजीकरण कराएं।
धान खरीद शुरू हुए 14 दिन बीत चुके हैं मगर बिचौलियों के हावी रहने की वजह से अब तक क्रय केंद्रों पर धान खरीद पटरी पर नहीं आ पाई है। सोमवार दोपहर अचानक मंडी समिति पहुंचे जिलाधिकारी को तमाम गड़बड़ियां मिली थीं। चार क्रय केंद्र प्रभारियों को निलंबित करने के साथ ही डिप्टी आरएमओ की डीएम ने कड़ी फटकार लगाई थी। मंगलवार को भी मंडी में किसानों का पंजीकरण न होने और नमी अधिक बताकर धान नहीं तौलने पर किसानों ने हंगामा किया था। बुधवार को डीएम ने किसानों का पंजीकरण न होने, क्रय केंद्रों पर किसानों से धान खरीद न करके मिल मालिकों और आढ़तियों से क्रय लक्ष्य पूरा करने के परंपरागत तरीके से नाराज डीएम ने डिप्टी आरएमओ डॉ.अविनाश झा और डीडी कृषि यशराज सिंह का जवाब तलब किया है।
‘धान खरीद पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। पूरी धान खरीद की गंभीरता से निगरानी होगी। लापरवाही मिलने पर डिप्टी आरएमओ और डीडी कृषि से जवाब तलब किया गया है।’ - पुलकित खरे, डीएम
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50 हजार में मात्र 19 हजार किसानों का पंजीकरण
जिले में कुल 2.75 लाख किसान हैं। उनमें छोटे बड़े मिलाकर दो लाख से ज्यादा किसानों ने धान उगाया है। सरकार ने धान खरीद के लिए मात्र 50 हजार किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा है। धान खरीद में करोड़ों रुपये के खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शासन से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 19409 किसानों का ही पंजीकरण अब तक किया गया है। केवल वही किसान पंजीकृत हैं, जिनका संपर्क मिल मालिकों से है। बाकी छोटे और मझोले किसानों का पंजीकरण नहीं कराया गया। वो अपना धान मजबूरी में आढ़तियों और मिलों को बेचेंगे। जब खरीद लक्ष्य की पूर्ति करने का दबाव बढ़ेगा तो पूरा तंत्र मिल मालिकों और आढ़तियों से ही सरकारी रेट में धान खरीदकर उसे खरीद में दर्शाएगा।
क्रय केंद्र प्रभारियों को भी नोटिस, प्रतिदिन 70 टन खरीद करें
एडीएम वित्त एवं राजस्व अतुल सिंह ने धान खरीद की समीक्षा की। सभी क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के मुताबिक खरीद नहीं मिली। इस पर सभी क्रय केंद्रों के प्रभारियों का जवाब तलब किया गया। उन्हें प्रतिदिन 70 टन धान खरीद हर हाल में करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई है कि लापरवाही मिली या किसानों को टरकाया तो कार्रवाई तय है।
कर्मचारी कल्याण निगम के निदेशक को लिखा पत्र
बीते दिनों चार क्रय केंद्र प्रभारियों पर डीएम ने निलंबन की कार्रवाई की थी। उसमें कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय केंद्र प्रभारी शिवराज सिंह भी थे। कर्मचारी कल्याण निगम के निदेशक को पत्र लिखा गया। क्रय केंद्र प्रभारी के गैर हाजिर रहने में किसानों को आई दिक्कतों का हवाला देते हुए सख्ती करने की बात कही है।
धान खरीद की समीक्षा को बनाए नोडल अफसर
डीएम ने क्रय केंद्रों की दैनिक खरीद लक्ष्य की समीक्षा को नोडल अधिकारी बनाए हैं। एएमओ भूपेंद्र कुमार को मंडी परिषद पीलीभीत, लालचंद्र सिंह को मंडी परिषद पूरनपुर और महिपाल सिंह को बीसलपुर मंडी परिषद की जिम्मेदारी दी। यह अफसर खरीद लक्ष्य पूरा कराएंगे। टोकन और पंजीकरण की दिक्कत भी निपटाएंगे। एजेंसियों के जिला प्रबंधकों से समन्वय स्थापित करके व्यवस्था बनाने को कहा गया है। मंडी के बाहर क्रय केंद्रों की देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और लेखपाल को दी गई है।
किसान नेता बोले- हम आढ़तों पर लुट रहे ..कब जागेंगे अफसर
पीलीभीत। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने भी धान खरीद में गड़बड़ी पर डीएम से सख्ती की मांग की है। किसान समन्वय समिति अध्यक्ष श्रवण दत्त सिंह की अगुवाई में मंडी समिति में बुधवार को हुई बैठक में कहा गया कि आढ़ती और मिल मालिक धान की खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं। नमी अधिक बताकर किसानों से 900 रुपये से लेकर 1200 रुपये क्विंटल में धान खरीदा जा रहा। ग्रामीण इलाकों में 12 किमी दूर तौल कांटे लगवाए जाएं। मक्का का सरकारी रेट 2300 रुपये था, मगर किसानों को 600 रुपये में आढ़तों पर बेचना पड़ा। नत्थूलाल गंगवार, तुलसीराम, रमेश चंद्र, नन्हेलाल, किशनलाल, बुद्धसेन थे।
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धान खरीद शुरू हुए 14 दिन बीत चुके हैं मगर बिचौलियों के हावी रहने की वजह से अब तक क्रय केंद्रों पर धान खरीद पटरी पर नहीं आ पाई है। सोमवार दोपहर अचानक मंडी समिति पहुंचे जिलाधिकारी को तमाम गड़बड़ियां मिली थीं। चार क्रय केंद्र प्रभारियों को निलंबित करने के साथ ही डिप्टी आरएमओ की डीएम ने कड़ी फटकार लगाई थी। मंगलवार को भी मंडी में किसानों का पंजीकरण न होने और नमी अधिक बताकर धान नहीं तौलने पर किसानों ने हंगामा किया था। बुधवार को डीएम ने किसानों का पंजीकरण न होने, क्रय केंद्रों पर किसानों से धान खरीद न करके मिल मालिकों और आढ़तियों से क्रय लक्ष्य पूरा करने के परंपरागत तरीके से नाराज डीएम ने डिप्टी आरएमओ डॉ.अविनाश झा और डीडी कृषि यशराज सिंह का जवाब तलब किया है।
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‘धान खरीद पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। पूरी धान खरीद की गंभीरता से निगरानी होगी। लापरवाही मिलने पर डिप्टी आरएमओ और डीडी कृषि से जवाब तलब किया गया है।’ - पुलकित खरे, डीएम
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50 हजार में मात्र 19 हजार किसानों का पंजीकरण
जिले में कुल 2.75 लाख किसान हैं। उनमें छोटे बड़े मिलाकर दो लाख से ज्यादा किसानों ने धान उगाया है। सरकार ने धान खरीद के लिए मात्र 50 हजार किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा है। धान खरीद में करोड़ों रुपये के खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शासन से निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 19409 किसानों का ही पंजीकरण अब तक किया गया है। केवल वही किसान पंजीकृत हैं, जिनका संपर्क मिल मालिकों से है। बाकी छोटे और मझोले किसानों का पंजीकरण नहीं कराया गया। वो अपना धान मजबूरी में आढ़तियों और मिलों को बेचेंगे। जब खरीद लक्ष्य की पूर्ति करने का दबाव बढ़ेगा तो पूरा तंत्र मिल मालिकों और आढ़तियों से ही सरकारी रेट में धान खरीदकर उसे खरीद में दर्शाएगा।
क्रय केंद्र प्रभारियों को भी नोटिस, प्रतिदिन 70 टन खरीद करें
एडीएम वित्त एवं राजस्व अतुल सिंह ने धान खरीद की समीक्षा की। सभी क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के मुताबिक खरीद नहीं मिली। इस पर सभी क्रय केंद्रों के प्रभारियों का जवाब तलब किया गया। उन्हें प्रतिदिन 70 टन धान खरीद हर हाल में करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई है कि लापरवाही मिली या किसानों को टरकाया तो कार्रवाई तय है।
कर्मचारी कल्याण निगम के निदेशक को लिखा पत्र
बीते दिनों चार क्रय केंद्र प्रभारियों पर डीएम ने निलंबन की कार्रवाई की थी। उसमें कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय केंद्र प्रभारी शिवराज सिंह भी थे। कर्मचारी कल्याण निगम के निदेशक को पत्र लिखा गया। क्रय केंद्र प्रभारी के गैर हाजिर रहने में किसानों को आई दिक्कतों का हवाला देते हुए सख्ती करने की बात कही है।
धान खरीद की समीक्षा को बनाए नोडल अफसर
डीएम ने क्रय केंद्रों की दैनिक खरीद लक्ष्य की समीक्षा को नोडल अधिकारी बनाए हैं। एएमओ भूपेंद्र कुमार को मंडी परिषद पीलीभीत, लालचंद्र सिंह को मंडी परिषद पूरनपुर और महिपाल सिंह को बीसलपुर मंडी परिषद की जिम्मेदारी दी। यह अफसर खरीद लक्ष्य पूरा कराएंगे। टोकन और पंजीकरण की दिक्कत भी निपटाएंगे। एजेंसियों के जिला प्रबंधकों से समन्वय स्थापित करके व्यवस्था बनाने को कहा गया है। मंडी के बाहर क्रय केंद्रों की देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और लेखपाल को दी गई है।
किसान नेता बोले- हम आढ़तों पर लुट रहे ..कब जागेंगे अफसर
पीलीभीत। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने भी धान खरीद में गड़बड़ी पर डीएम से सख्ती की मांग की है। किसान समन्वय समिति अध्यक्ष श्रवण दत्त सिंह की अगुवाई में मंडी समिति में बुधवार को हुई बैठक में कहा गया कि आढ़ती और मिल मालिक धान की खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं। नमी अधिक बताकर किसानों से 900 रुपये से लेकर 1200 रुपये क्विंटल में धान खरीदा जा रहा। ग्रामीण इलाकों में 12 किमी दूर तौल कांटे लगवाए जाएं। मक्का का सरकारी रेट 2300 रुपये था, मगर किसानों को 600 रुपये में आढ़तों पर बेचना पड़ा। नत्थूलाल गंगवार, तुलसीराम, रमेश चंद्र, नन्हेलाल, किशनलाल, बुद्धसेन थे।