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कर्मचारियों ने लिपिक को बंधक बनाया

Thu, 03 Aug 2017 05:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,पीलीभीत
अमर उजाला ब्यूरो,पीलीभीत Updated Thu, 03 Aug 2017 05:28 PM IST
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Workers takes clerk hostage on annomalies
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नगर पालिका में अनुचर को गलत तरीके से पदोन्नति देने व कर्मचारियों का उत्पीड़न करने के विरोध में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने लेखाकार कार्यालय में तालाबंदी कर वरिष्ठ लिपिक को बंधक बना लिया। इस दौरान आक्रोशित कर्मचारियों ने लेखाकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। आधा घंटे बाद कर्मचारियों ने ताला खोल लिपिक को बंधन मुक्त किया। साथ ही मामले को डीएम के समक्ष रखने का निर्णय लिया है। नगर पालिका में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी व सेवानिवृत्त कर्मचारियों की एनएससी, पेंशन आदि से जुड़ी समस्याएं लंबे अरसे से लंबित चल रही हैं। आरोप है कि काम करने के बदले में सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। इधर बृहस्पतिवार सुबह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नगर पालिका में पहुंचे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए लेखाकार कार्यालय में तालाबंदी कर दी। हालांकि उस दौरान लेखाकार कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसके बाद कर्मचारियों ने वरिष्ठ लिपिक मतलूब खां के कमरे में तालाबंदी कर उन्हें बंधक बना लिया। आक्रोशित कर्मचारियों ने लेखाकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना था कि नगर पालिका मेें पूर्व में गलत तरीके से कुछ कर्मचारियों को पदोन्नति दे दी गई थी। पालिका अध्यक्ष ने इन पदोन्नतियों को निरस्त कर दिया था। इधर अब पुन: स्वास्थ्य विभाग के कार्यरत एक महिला अनुचर को गलत तरीके कर संग्रहता के पद पर पदोन्नति दे दी गई। जबकि ज्येष्ठता के आधार पर कई कर्मचारी उक्त अनुचर से ऊपर है। महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेतन संबंधी व पेंशन आदि को लेकर सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। सुविधा शुल्क न देने पर कई तरह की आपत्तियां लगाकर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ कर्मचारियों लेखाकार विनोद त्रिपाठी की नियुक्ति को फर्जी होने का आरोप लगाया। उनकी नियुक्ति के संबंध में जनसूचना के तहत कई बार सूचनाएं मांगी गई लेकिन पालिका द्वारा सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गई। कर्मचारी कैंपस में मौजूद ईओ वीपी सिंह से भी मिले, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने का हवाला देते हुए मामले को बाद में देखने की बात कही।  करीब आधे घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने लेखाकार कार्यालय व वरिष्ठ लिपिक कार्यालय के ताले खोल दिए। कर्मचारियों  ने कहा कि अब इस फर्जीवाड़े को डीएम के समक्ष रखकर मामले की जांच करवाई जाएगी। तालाबंदी व प्रदर्शन करने वालों में राजकुमार, चेतन शर्मा, अनीता, ममता, अहमद बी, मुन्नी बेगम, अशरफ, विकास, मनीष, महेश, रामगोपाल, शिखा, मधु, अशोक सक्सेना, अनीस अहमद, जुनैदा बी, शांति, छोटेलाल, डालचंद, रामकिशन, मुकेश कुमार आदि कर्मचारी शामिल रहे। इधर लेखाकार विनोद त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों के एनएससी संबंधी प्रकरण पुराने हैं। फिलहाल इन सभी का निस्तारण चल रहा है। नियुक्ति कोर्ट के आदेश पर की गई है। उन्होंने सुविधा शुल्क मांगने के आरोप पर बेबुनियाद बताया।  

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