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टाइगर रिजर्व में नहीं थम रहा मछलियों का अवैध शिकार
अमर उजाला ब्यूरो माधोटांडा (पीलीभीत)।
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:53 PM IST
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जल घर में मरी मछलियां
- फोटो : अमर उजाला
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शिकारियों ने मारी गई मछलियों को उत्तराखंड भेजना शुरू किया
नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी व सीमावर्ती टाइगर रिजर्व से मछलियों का अवैध शिकार बंद नहीं हो पा रहा है। तस्करों ने अब अपना पैंतरा बदलते हुए मारी गई मछलियों को टाइगर रिजर्व के लग्गाबग्गा क्षेत्र से मायापुरी घाट होकर उत्तराखंड ले जाना शुरू कर दिया है।
टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद सांठगांठ के चलते शिकारी मछलियों का जमकर अवैध शिकार कर रहे हैं। शिकारियों ने इसका दायरा बढ़ाते हुए सीमा से सटी नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी में भी अवैध शिकार शुरू कर दिया था। मारी गई मछलियां रामनगरा से लाई जा रही थी, लेकिन मामला अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद अब शिकारियों ने अपना पैंतरा बदल दिया है। अब मछलियों के शिकार के बाद धंधे से जुड़े लोगों ने शारदा पार ही बर्फ भेजकर मछलियों को पेटियों में रखवाकर टाइगर रिजर्व के सुरक्षित लग्गा भग्गा क्षेत्र से शारदा नदी के मायापुरी घाट से होकर उत्तराखंड के खटीमा व रुद्रपुर ले जाना शुरु कर कर दिया है। हालांकि इस मामले में अब एसएसबी भी सतर्क हो गई है। दरअसल इन दिनों प्रजनन काल होने के चलते जलाशयों में मछली मारने पर प्रतिबंध रहता है। इस कारण मछलियों के दाम बढ़ जाते हैं। शिकारियों ने भी इसी का फायदा उठाना शुरू किया है। यही नहीं, शारदा डैम का इस वर्ष नीलामी ठेका भी नहीं हुआ है। इस कारण शिकारी डैम में भी अवैध शिकार कर रहे हैं। हालांकि टाइगर रिजर्व से अवैध शिकार का मामला संज्ञान में आने के बाद वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने सीमावर्ती टाइगर रिजर्व में वन कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही पूरी तरह से शिकार पर प्रतिबंध के निर्देश दिए हैं।
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नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी व सीमावर्ती टाइगर रिजर्व से मछलियों का अवैध शिकार बंद नहीं हो पा रहा है। तस्करों ने अब अपना पैंतरा बदलते हुए मारी गई मछलियों को टाइगर रिजर्व के लग्गाबग्गा क्षेत्र से मायापुरी घाट होकर उत्तराखंड ले जाना शुरू कर दिया है।
टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद सांठगांठ के चलते शिकारी मछलियों का जमकर अवैध शिकार कर रहे हैं। शिकारियों ने इसका दायरा बढ़ाते हुए सीमा से सटी नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी में भी अवैध शिकार शुरू कर दिया था। मारी गई मछलियां रामनगरा से लाई जा रही थी, लेकिन मामला अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद अब शिकारियों ने अपना पैंतरा बदल दिया है। अब मछलियों के शिकार के बाद धंधे से जुड़े लोगों ने शारदा पार ही बर्फ भेजकर मछलियों को पेटियों में रखवाकर टाइगर रिजर्व के सुरक्षित लग्गा भग्गा क्षेत्र से शारदा नदी के मायापुरी घाट से होकर उत्तराखंड के खटीमा व रुद्रपुर ले जाना शुरु कर कर दिया है। हालांकि इस मामले में अब एसएसबी भी सतर्क हो गई है। दरअसल इन दिनों प्रजनन काल होने के चलते जलाशयों में मछली मारने पर प्रतिबंध रहता है। इस कारण मछलियों के दाम बढ़ जाते हैं। शिकारियों ने भी इसी का फायदा उठाना शुरू किया है। यही नहीं, शारदा डैम का इस वर्ष नीलामी ठेका भी नहीं हुआ है। इस कारण शिकारी डैम में भी अवैध शिकार कर रहे हैं। हालांकि टाइगर रिजर्व से अवैध शिकार का मामला संज्ञान में आने के बाद वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने सीमावर्ती टाइगर रिजर्व में वन कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही पूरी तरह से शिकार पर प्रतिबंध के निर्देश दिए हैं।
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