{"_id":"4fda9dc008822f708cf19bc0fa9abd5b","slug":"the-father-was-driven-nilgai-only-son-burned-in-fire-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता खदेड़ रहा था नीलगाय इकलौता बेटा आग में जल गया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पिता खदेड़ रहा था नीलगाय इकलौता बेटा आग में जल गया
दियोरिया/पीलीभीत।
Updated Thu, 07 Jan 2016 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच साल का मासूम
विज्ञापन
नन्हें पांवों से फुदकता हुआ सर्द रात में अपने पिता के पीछे-पीछे खेत की
ओर चला गया और वहां बनी झोपड़ी में आग तापने लगा। इस बात से अन्जान उसका
पिता राजपाल खेत में नील गाय भगाने में जुट रहा। अचानक ही उठी एक चिंगारी
ने झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।
सहमा अर्जुन वहीं पडे़ एक बिस्तर में दुबक गया। उधर राजपाल खेत में नील गाय भगाता रहा और इधर उसकी आंखों का तारा झुलसता रहा। जब तक वह आग बुझाता उसके कुल का चिराग बुझ चुका था। कोतवाली क्षेत्र के गांव इलाबांस देवल में बुधवार की रात ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसे सुन सब सिहर जा रहे हैं। पूरे गांव में मातम सा छा गया है। परिवार वालों का बुरा हाल है। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने गुरुवार को शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव इलाबांस देवल निवासी राजपाल भोजवाल ने बताया कि बुधवार की रात लगभग नौ बजे वह अपने घर के पड़ोस में स्थित गेहूं के खेत में नीलगाय भगाने गया था। राजपाल के पीछे उसका पांच वर्षीय बेटा अर्जुन भी आने लगा मगर इस बात से वह पूरी तरह अनभिज्ञ था। घरवालों ने समझा कि अर्जुन, राजपाल के साथ चला गया होगा। जबकि राजपाल बेटे के आने की बात से अनजान होकर नीलगाय भगाने में लग गया था।
अजुर्न झोपड़ी में जाकर बैठ गया। जब राजपाल ने झोपड़ी में आग की ऊंची लपटें देखीं तो वह बुझाने के लिए दौड़ पड़ा। आसपास के लोग भी आग की उठतीं लपटे देख बुझाने के लिए दौड़े । कुछ ही देर में झोपड़ी राख हो चुकी थी। राजपाल आग बुझने के बाद झोपड़ी में रखे बिस्तर को हटाने लगा तो उसमें अपने इकलौते बेटे का शव दिखा। यह देख वह बदहवास हो गया।
जानकारी होने पर घर और गांव के तमाम लोग भी पहुंच गए। राजपाल के घर कोहराम मच गया। मां राजवती का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अर्जुन की मौत उसके पिता राजपाल, मां राजवती और बहन अंजलि का रोते रोते बुरा हाल हो रहा है।
पिता के अनुसार जब उसका बेटा पीछे-पीछे खेत पर आया होगा तो वह झोपड़ी के पास जल रही आग तापने लगा होगा। घटनास्थल पर रखे गन्ने की पताई बिखरी पड़ी थी इससे अंदाजा लगा रहे थे कि पांच वर्षीय अर्जुन गन्ने की पताई आग में डाला होगा जिससे आग भड़क गई होगी और झोपड़ी को चपेट में ले लिया होगा।
सहमा अर्जुन वहीं पडे़ एक बिस्तर में दुबक गया। उधर राजपाल खेत में नील गाय भगाता रहा और इधर उसकी आंखों का तारा झुलसता रहा। जब तक वह आग बुझाता उसके कुल का चिराग बुझ चुका था। कोतवाली क्षेत्र के गांव इलाबांस देवल में बुधवार की रात ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसे सुन सब सिहर जा रहे हैं। पूरे गांव में मातम सा छा गया है। परिवार वालों का बुरा हाल है। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने गुरुवार को शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव इलाबांस देवल निवासी राजपाल भोजवाल ने बताया कि बुधवार की रात लगभग नौ बजे वह अपने घर के पड़ोस में स्थित गेहूं के खेत में नीलगाय भगाने गया था। राजपाल के पीछे उसका पांच वर्षीय बेटा अर्जुन भी आने लगा मगर इस बात से वह पूरी तरह अनभिज्ञ था। घरवालों ने समझा कि अर्जुन, राजपाल के साथ चला गया होगा। जबकि राजपाल बेटे के आने की बात से अनजान होकर नीलगाय भगाने में लग गया था।
अजुर्न झोपड़ी में जाकर बैठ गया। जब राजपाल ने झोपड़ी में आग की ऊंची लपटें देखीं तो वह बुझाने के लिए दौड़ पड़ा। आसपास के लोग भी आग की उठतीं लपटे देख बुझाने के लिए दौड़े । कुछ ही देर में झोपड़ी राख हो चुकी थी। राजपाल आग बुझने के बाद झोपड़ी में रखे बिस्तर को हटाने लगा तो उसमें अपने इकलौते बेटे का शव दिखा। यह देख वह बदहवास हो गया।
जानकारी होने पर घर और गांव के तमाम लोग भी पहुंच गए। राजपाल के घर कोहराम मच गया। मां राजवती का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अर्जुन की मौत उसके पिता राजपाल, मां राजवती और बहन अंजलि का रोते रोते बुरा हाल हो रहा है।
पिता के अनुसार जब उसका बेटा पीछे-पीछे खेत पर आया होगा तो वह झोपड़ी के पास जल रही आग तापने लगा होगा। घटनास्थल पर रखे गन्ने की पताई बिखरी पड़ी थी इससे अंदाजा लगा रहे थे कि पांच वर्षीय अर्जुन गन्ने की पताई आग में डाला होगा जिससे आग भड़क गई होगी और झोपड़ी को चपेट में ले लिया होगा।