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गोली चलने की आवाज से मीरापुर में दहशत
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Sun, 28 May 2017 11:09 PM IST
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आसाम रोड पर धार्मिक स्थल तोड़ने पर हुए बवाल के बाद अब स्थिति सामान्य हो रही है लेकिन रविवार को दोपहर गोली चलने की आवाज से मीरापुर में अफरा-तफरी मच गई साथ ही तरह-तरह की अफवाहें भी उड़ने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो टायर फटने की बात सामने आई। इस पर सभी ने राहत महसूस की।
धार्मिक स्थल तोड़े जाने पर हुए बवाल के बाद गांव का माहौल अब तेजी से सामान्य होने लगा है और ग्रामीण रोजमर्रा के कामों में जुटने लगे हैं। लेकिन रविवार को घटना स्थल और मीरापुर गांव के लोग गोली चलने की आवाज से सहम गए। डरे गांव वालों ने इसकी सूचना पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी साथ ही मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी भी घटना की ओर दौड़े। लेकिन मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच में पाया कि बाइक का टायर फटने की आवाज को लोगों ने गोली की आवाज समझ लिया था। गोली चलने की सूचना से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी एलर्ट हो गए साथ ही शहरवासी भी इसकी टोह लेने मेें जुट गए लेकिन हकीकत सामने आने पर सभी ने राहत की सांस ली। सीओ निशांक शर्मा ने बताया कि कहीं कोई गोली नहीं चली है। टायर फटने की आवाज से अफवाह फैल गई थी। गांव और घटना स्थल पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
घटना स्थल और गांव से कम किया पुलिस फोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। घटना के बाद स्थिति सामान्य होने पर अब पुलिस भी राहत महसूस करने लगी है। सुबह एसपी के निर्देश पर बरेली और शाहजहांपुर की पुलिस को हटाकर वापस कर दिया गया है। अब घटनास्थल व गांव में केवल एक एक थानाध्यक्ष कुछ फोर्स के साथ तैनात किया गया है।
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आसाम हाइवे पर 23 मई को प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से वर्षों पुराना धार्मिक स्थल तोड़ दिया था। इसको लेकर दूसरे हाइवे जाम करने के दौरान बवाल हो गया जिसमें पुलिस की तीन बाइक फूंक दी गई और पथराव व लाठी चार्ज हुआ था। बवाल के बाद पुलिस ने धरपकड़ अभियान चलाया जिसके बाद से गांव में दहशत का माहौल था और लोग गांव छोड़कर जाने लगे थे। पुलिस ने गांव मे बैठक कर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जिसके बाद कुछ गांव लौटे भी हैं। माहौल शांत होने पर रविवार को सुबह एसपी के आदेश पर शाहजहांपुर और बरेली की पुलिस को हटा लिया गया। अब केवल दो थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ लगाए गए हैं साथ ही एक प्लाटून पीएसी लगाई गई है। पुलिस कम होने और माहौल शांत होने के बाद भी ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। किसी भी वाहन की आहट वह सहम जाते हैं। वहीं जिन परिवार के सदस्यों को पुलिस ने जेल भेजा है उन घरों में भी सन्नाटा है।
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धार्मिक स्थल तोड़े जाने पर हुए बवाल के बाद गांव का माहौल अब तेजी से सामान्य होने लगा है और ग्रामीण रोजमर्रा के कामों में जुटने लगे हैं। लेकिन रविवार को घटना स्थल और मीरापुर गांव के लोग गोली चलने की आवाज से सहम गए। डरे गांव वालों ने इसकी सूचना पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी साथ ही मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी भी घटना की ओर दौड़े। लेकिन मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच में पाया कि बाइक का टायर फटने की आवाज को लोगों ने गोली की आवाज समझ लिया था। गोली चलने की सूचना से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी एलर्ट हो गए साथ ही शहरवासी भी इसकी टोह लेने मेें जुट गए लेकिन हकीकत सामने आने पर सभी ने राहत की सांस ली। सीओ निशांक शर्मा ने बताया कि कहीं कोई गोली नहीं चली है। टायर फटने की आवाज से अफवाह फैल गई थी। गांव और घटना स्थल पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
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घटना स्थल और गांव से कम किया पुलिस फोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। घटना के बाद स्थिति सामान्य होने पर अब पुलिस भी राहत महसूस करने लगी है। सुबह एसपी के निर्देश पर बरेली और शाहजहांपुर की पुलिस को हटाकर वापस कर दिया गया है। अब घटनास्थल व गांव में केवल एक एक थानाध्यक्ष कुछ फोर्स के साथ तैनात किया गया है।
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आसाम हाइवे पर 23 मई को प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से वर्षों पुराना धार्मिक स्थल तोड़ दिया था। इसको लेकर दूसरे हाइवे जाम करने के दौरान बवाल हो गया जिसमें पुलिस की तीन बाइक फूंक दी गई और पथराव व लाठी चार्ज हुआ था। बवाल के बाद पुलिस ने धरपकड़ अभियान चलाया जिसके बाद से गांव में दहशत का माहौल था और लोग गांव छोड़कर जाने लगे थे। पुलिस ने गांव मे बैठक कर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जिसके बाद कुछ गांव लौटे भी हैं। माहौल शांत होने पर रविवार को सुबह एसपी के आदेश पर शाहजहांपुर और बरेली की पुलिस को हटा लिया गया। अब केवल दो थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ लगाए गए हैं साथ ही एक प्लाटून पीएसी लगाई गई है। पुलिस कम होने और माहौल शांत होने के बाद भी ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। किसी भी वाहन की आहट वह सहम जाते हैं। वहीं जिन परिवार के सदस्यों को पुलिस ने जेल भेजा है उन घरों में भी सन्नाटा है।