{"_id":"86f797c86be220d1c3e0713b65c1ef4d","slug":"report-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व मैनेजर समेत दो पर फिर धोखाधड़ी की रिपोर्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूर्व मैनेजर समेत दो पर फिर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Sat, 20 Dec 2014 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव भीकमपुर के एक ग्रामीण के खाते से लाखों रुपयों की हेराफेरी करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जेल में बंद दोनों बैंक अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
गांव भीकमपुर निवासी लालाराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि नगर स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा में बचत खाता के अलावा केसीसी और ट्रैक्टर लिमिट खाता संचालित हैं। आरोप है कि सभी खातों से आहरण कर 1.44 लाख रुपये ट्रैक्टर के ऋण खाते में जमा करने के लिए नकद दिए। जिसे दोनों अधिकारियों ने मिलकर हड़प लिए। मामले का खुलासा होने के बाद ग्रामीण ने बैंक के चक्कर लगाए, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। मजबूरन उसे कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। कोर्ट ने मैनेजर और फील्ड आफीसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर शनिवार पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बताते चलें कि 22 जुलाई को वर्तमान में तैनात शाखा प्रबंधक अनुराग अवस्थी ने मैनेजर शील कुमार सिंह, फील्ड आफीसर जेपी गंगवार और कार्यालय सहायक अतुल दीक्षित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें 52 ग्राहकों के खातों से करीब एक करोड़ रुपयों से अधिक की धनराशि अवैध रूप से आहरण कर ठिकाने लगाने का आरोप है। इनके अलावा सबलपुर निवासी घनश्याम दीक्षित, नगर निवासी संजीव जायसवाल, मनोज जायसवाल और जाबिर हुसैन पर भी हेराफेरी का आरोप लगाते हुए नामजद किया गया था। पुलिस आरोपी फील्ड आफीसर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि मैनेजर शीलकुमार सिंह ने पिछले हफ्ते कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। मौजूदा समय में दोनों बैंक अधिकारी जेल में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव भीकमपुर निवासी लालाराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि नगर स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा में बचत खाता के अलावा केसीसी और ट्रैक्टर लिमिट खाता संचालित हैं। आरोप है कि सभी खातों से आहरण कर 1.44 लाख रुपये ट्रैक्टर के ऋण खाते में जमा करने के लिए नकद दिए। जिसे दोनों अधिकारियों ने मिलकर हड़प लिए। मामले का खुलासा होने के बाद ग्रामीण ने बैंक के चक्कर लगाए, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। मजबूरन उसे कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। कोर्ट ने मैनेजर और फील्ड आफीसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर शनिवार पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विज्ञापन
बताते चलें कि 22 जुलाई को वर्तमान में तैनात शाखा प्रबंधक अनुराग अवस्थी ने मैनेजर शील कुमार सिंह, फील्ड आफीसर जेपी गंगवार और कार्यालय सहायक अतुल दीक्षित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें 52 ग्राहकों के खातों से करीब एक करोड़ रुपयों से अधिक की धनराशि अवैध रूप से आहरण कर ठिकाने लगाने का आरोप है। इनके अलावा सबलपुर निवासी घनश्याम दीक्षित, नगर निवासी संजीव जायसवाल, मनोज जायसवाल और जाबिर हुसैन पर भी हेराफेरी का आरोप लगाते हुए नामजद किया गया था। पुलिस आरोपी फील्ड आफीसर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि मैनेजर शीलकुमार सिंह ने पिछले हफ्ते कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। मौजूदा समय में दोनों बैंक अधिकारी जेल में हैं।
विज्ञापन