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पीड़िता के मुकरने पर बलात्कार का आरोपी बरी
पीलीभीत।
Updated Wed, 29 Jul 2015 11:36 PM IST
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बलात्कार की रिपोर्ट लिखाने के बाद पीड़िता अदालत में अपने आरोपों से मुकर गई। स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट जयप्रकाश पांडेय ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया। अनुसूचित जाति की पीड़िता को सरकार से मिली सहायता राशि वापस लेने का आदेश कोर्ट ने डीएम को दिया है।
थाना दियोरियाकलां के गांव इलाबास देवल निवासी कुम्भकरण मौर्य के पुत्र राजेंद्र उर्फ चेयरमैन पर आरोप लगा कि उसने 12 दिसंबर 2013 की रात को एक महिला के साथ बुरा काम किया। कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता अनुसूूचित जाति की थी इस कारण उसे सरकार से आर्थिक सहायता भी मिल गई। विवेचना के बाद कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई।
एसपीओ वीपी पांडेय ने पीड़िता के बयान कोर्ट में दर्ज कराए। जहां पर वह राजेंद्र उर्फ चेयरमैन पर लगाए गए आरोपों से मुकर गई। उसने कहा कि उसके साथ कोई बुरा काम नहीं हुआ। साक्ष्य के अभाव में आरोपी को दोष मुक्त कर दिया गया। स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट जयप्रकाश पांडेय ने पीड़िता के पक्षद्रोही होने को काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने डीएम को आदेश दिया है कि पीड़िता को सरकार से दिलाई गई मुआवजा राशि वापस ली जाए। आदेश की कापी अनुपालन के लिए डीएम को भेज दी गई है।
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थाना दियोरियाकलां के गांव इलाबास देवल निवासी कुम्भकरण मौर्य के पुत्र राजेंद्र उर्फ चेयरमैन पर आरोप लगा कि उसने 12 दिसंबर 2013 की रात को एक महिला के साथ बुरा काम किया। कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता अनुसूूचित जाति की थी इस कारण उसे सरकार से आर्थिक सहायता भी मिल गई। विवेचना के बाद कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई।
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एसपीओ वीपी पांडेय ने पीड़िता के बयान कोर्ट में दर्ज कराए। जहां पर वह राजेंद्र उर्फ चेयरमैन पर लगाए गए आरोपों से मुकर गई। उसने कहा कि उसके साथ कोई बुरा काम नहीं हुआ। साक्ष्य के अभाव में आरोपी को दोष मुक्त कर दिया गया। स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट जयप्रकाश पांडेय ने पीड़िता के पक्षद्रोही होने को काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने डीएम को आदेश दिया है कि पीड़िता को सरकार से दिलाई गई मुआवजा राशि वापस ली जाए। आदेश की कापी अनुपालन के लिए डीएम को भेज दी गई है।
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