{"_id":"57f92dba4f1c1bcd402705bf","slug":"bdc-members-in-electoral-revenge-killing-sons","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनावी रंजिश में बीडीसी सदस्य के बेटे की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चुनावी रंजिश में बीडीसी सदस्य के बेटे की हत्या
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sat, 08 Oct 2016 11:32 PM IST
विज्ञापन
चुनावी रंजिश में बीडीसी सदस्य के बेटे की हत्या
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवरात्रि के मौके पर गांव के देवीस्थान मंदिर परिसर के पास एक खेत में बीडीसी सदस्य रामरतन के तेरह साल के बेटे अरुण कुमार की शुक्रवार रात चुनावी रंजिश में हत्या कर दी गई। अरुण का शव शनिवार सुबह खेत में पड़ा मिला। उसका गला दबाने के अलावा चेहरे और कान पर धारदार हथियार से वार किए गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर गांव के ही धर्मेंद्र और उसके साथियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सेहरामऊ थाना क्षेत्र के गांव सोंधा निवासी बीडीसी सदस्य रामरतन की गांव में ही आटा चक्की हैं। नवरात्रि के मौके पर गांव के देवीस्थान मंदिर परिसर में प्रोजेक्टर पर रामायण दिखाई जा रही है। शुक्रवार रात रामरतन का बड़ा बेटा अशोक (28) अपने छोटे भाई अरुण (13) के साथ वहां गया। अशोक के मुताबिक, रात करीब पौने ग्यारह बजे गांव का ही धर्मेंद्र कुछ लोगों के साथ वहां आ गया और अरुण को सेलर पर पिता रामरतन के पास छोड़ने की बात कहकर ले गया। घर पहुंचकर जब उसे अरुण के घर न आने की जानकारी मिली तो उसकी तलाश की गई। धर्मेंद्र के घर जाकर पूछा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सुबह अरुण का शव धर्मेंद्र के खेत में पड़ा मिला।
रामरतन ने बताया कि उसके बेटे की हत्या चुनावी रंजिश में की गई है। प्रधानी के चुनाव में आरोपी धर्मेंद्र के पिता रामलाल ने एक प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने का दबाव बनाया था, लेकिन उसने अपने मनचाहे प्रत्याशी को चुनाव लड़ाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेहरामऊ थाना क्षेत्र के गांव सोंधा निवासी बीडीसी सदस्य रामरतन की गांव में ही आटा चक्की हैं। नवरात्रि के मौके पर गांव के देवीस्थान मंदिर परिसर में प्रोजेक्टर पर रामायण दिखाई जा रही है। शुक्रवार रात रामरतन का बड़ा बेटा अशोक (28) अपने छोटे भाई अरुण (13) के साथ वहां गया। अशोक के मुताबिक, रात करीब पौने ग्यारह बजे गांव का ही धर्मेंद्र कुछ लोगों के साथ वहां आ गया और अरुण को सेलर पर पिता रामरतन के पास छोड़ने की बात कहकर ले गया। घर पहुंचकर जब उसे अरुण के घर न आने की जानकारी मिली तो उसकी तलाश की गई। धर्मेंद्र के घर जाकर पूछा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सुबह अरुण का शव धर्मेंद्र के खेत में पड़ा मिला।
विज्ञापन
रामरतन ने बताया कि उसके बेटे की हत्या चुनावी रंजिश में की गई है। प्रधानी के चुनाव में आरोपी धर्मेंद्र के पिता रामलाल ने एक प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने का दबाव बनाया था, लेकिन उसने अपने मनचाहे प्रत्याशी को चुनाव लड़ाया था।
विज्ञापन