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पुलिस के हत्थे चढ़ा पांच हजार का इनामी
Updated Thu, 31 May 2018 06:11 PM IST
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पुलिस के हत्थे चढ़ा पांच हजार का इनामी
स्वॉट, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस ने दबोचा
2016 से गोवंशीय पशुओं की तस्करी के मामले में था फरार
31पीबीटीपी6
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। गोवंशीय पशुओं की तस्करी के मामले में दो साल से फरार चल रहे पांच हजार के इनामी पूरनपुर के बाजारगंज निवासी दिलबाग सिंह को पकड़ने में आखिरकार पुलिस को सफलता मिल गई। सूचना पर स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार रात रोडवेज के पास दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा। बृहस्पतिवार को उसका चालान कर दिया गया है।
आठ अक्तूबर 2016 बिलसंडा क्षेत्र में एक लग्जरी कार से दो बछड़े व एक बैल बरामद हुए थे। इसमें आरोपी मौके से भाग गए थे। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। छानबीन के बाद इस मामले में दिलबाग सिह बतौर आरोपी सामने आया था। उसकी गिरफ्तारी करने के पुलिस ने काफी प्रयास किए, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका। वह पुलिस को चकमा देकर मलेशिया चला गया। बुधवार रात करीब सवा 11 बजे पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी दिलबाग कहीं जाने की फिराक में है और रोडवेज पर खड़ा है। इसको गंभीरता से लेते हुए कोतवाल अनिल कुमार सिंह, स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव, सर्विलांस प्रभारी रेहान खां, हरीश शर्मा ने टीम के साथ दबिश दी और आरोपी को रोडवेज के पास से गिरफ्तार कर लिया। एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता कर टीम के गुडवर्क की सराहना की।
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आरोपी ने खुद को बताया बेगुनाह
प्रेसवार्ता के दौरान आरोपी दिलबाग सिंह ने खुद पर लगाए गए गोतस्करी के आरोपों को गलत बताया। उसने अफसरों के खुलासे के बीच स्पष्ट कहा कि उसकी सिर्फ कार का इस्तेमाल उसकी जानकारी के बिना पशु तस्करी में किया गया था। उसने बताया कि उसने अपनी कार एक मैकेनिक के जरिए बेच दी थी। जिसके बाद कार से तस्करी की गई है, लेकिन कार उसी के नाम पर होने के कारण, वह मुकदमे में फंस गया है। हालांकि अफसर आरोपी की इस बात को नकार गए।
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कबूतरबाजी में भी शामिल है आरोपी
आरोपी पर सोलह सितंबर 2017 को पांच हजार का इनाम घोषित हुआ था। वह इसके अलावा विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामलों में भी शामिल है। उसने डीएम ओवरसीज कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी भी रजिस्टर्ड करा रखी है। उसके खिलाफ कबूतरबाजी से जुड़े कई मामले जिले के अलावा पंजाब और उत्तराखंड में भी दर्ज हैं। उसके नेटवर्क को लेकर भी जांच कराई जा रही है।
बालेंदु भूषण सिंह, एसपी
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स्वॉट, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस ने दबोचा
2016 से गोवंशीय पशुओं की तस्करी के मामले में था फरार
31पीबीटीपी6
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। गोवंशीय पशुओं की तस्करी के मामले में दो साल से फरार चल रहे पांच हजार के इनामी पूरनपुर के बाजारगंज निवासी दिलबाग सिंह को पकड़ने में आखिरकार पुलिस को सफलता मिल गई। सूचना पर स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार रात रोडवेज के पास दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा। बृहस्पतिवार को उसका चालान कर दिया गया है।
आठ अक्तूबर 2016 बिलसंडा क्षेत्र में एक लग्जरी कार से दो बछड़े व एक बैल बरामद हुए थे। इसमें आरोपी मौके से भाग गए थे। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। छानबीन के बाद इस मामले में दिलबाग सिह बतौर आरोपी सामने आया था। उसकी गिरफ्तारी करने के पुलिस ने काफी प्रयास किए, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका। वह पुलिस को चकमा देकर मलेशिया चला गया। बुधवार रात करीब सवा 11 बजे पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी दिलबाग कहीं जाने की फिराक में है और रोडवेज पर खड़ा है। इसको गंभीरता से लेते हुए कोतवाल अनिल कुमार सिंह, स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव, सर्विलांस प्रभारी रेहान खां, हरीश शर्मा ने टीम के साथ दबिश दी और आरोपी को रोडवेज के पास से गिरफ्तार कर लिया। एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता कर टीम के गुडवर्क की सराहना की।
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आरोपी ने खुद को बताया बेगुनाह
प्रेसवार्ता के दौरान आरोपी दिलबाग सिंह ने खुद पर लगाए गए गोतस्करी के आरोपों को गलत बताया। उसने अफसरों के खुलासे के बीच स्पष्ट कहा कि उसकी सिर्फ कार का इस्तेमाल उसकी जानकारी के बिना पशु तस्करी में किया गया था। उसने बताया कि उसने अपनी कार एक मैकेनिक के जरिए बेच दी थी। जिसके बाद कार से तस्करी की गई है, लेकिन कार उसी के नाम पर होने के कारण, वह मुकदमे में फंस गया है। हालांकि अफसर आरोपी की इस बात को नकार गए।
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कबूतरबाजी में भी शामिल है आरोपी
आरोपी पर सोलह सितंबर 2017 को पांच हजार का इनाम घोषित हुआ था। वह इसके अलावा विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामलों में भी शामिल है। उसने डीएम ओवरसीज कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी भी रजिस्टर्ड करा रखी है। उसके खिलाफ कबूतरबाजी से जुड़े कई मामले जिले के अलावा पंजाब और उत्तराखंड में भी दर्ज हैं। उसके नेटवर्क को लेकर भी जांच कराई जा रही है।
बालेंदु भूषण सिंह, एसपी