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विवाहिता से दुष्कर्म, विरोध करने पर पीटा

बीसलपुर। मोहल्ला हबीबुल्ल्ला खां शुमाली के एक युवक ने बुधवार को अपने घर में एक विवाहिता से दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसकी पिटाई भी की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता ने बताया कि बुधवार दोपहर वह दवा लेने बीसलपुर आई थी। सरकारी अस्पताल के गेट पर उसे एक परिचित युवक मिल गया। वह उसे चाय पिलाने के बहाने घर ले गया। आरोप है कि घर पहुंचकर युवक ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और विवाहिता से दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसकी लातघूंसों से पिटाई कर दी। बाद में विवाहिता ने कोतवाली में तहरीर दी। एसएसआई इख्त्यिार हुसैन ने बताया कि विवाहिता की तहरीर पर दुष्कर्म और मारपीट करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी मोहल्ला हबीबुल्ला खां निवासी अवनीश वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। विवाहिता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। ब्यूरो
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मजदूर वीरेंद्र की मौत के मामले में उसके ही दोस्त पर हत्या का आरोप

न्यूरिया (पीलीभीत)। मजदूर वीरेंद्र की मौत के मामले में उसके ही दोस्त पर परिजन ने हत्या का आरोप लगाया है। आरोपी दोस्त को पकड़कर न्यूरिया पुलिस के हवाले करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। प्रेम प्रसंग में हत्या किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। फिलहाल न्यूरिया पुलिस ने खटीमा (उत्तराखंड) पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दे दी है। अग्रिम कार्रवाई वहीं से की जाएगी।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के बिथरा गांव निवासी 39 वर्षीय वीरेंद्र पुत्र धनीराम का शव मंगलवार को खटीमा (उत्तराखंड) के मेवादनगर में देवहा नदी में उतराता मिला था। खटीमा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। बुधवार को इस मामले में नया मोड़ आया। परिजन ने वीरेंद्र के शेरगढ़ (बरेली) निवासी दोस्त को बुधवार दोपहर पकड़कर न्यूरिया पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उनका आरोप है कि उसने ही वीरेंद्र की हत्या की है। प्रेम प्रसंग को लेकर हत्या की अंदेशा जताया गया है। पुलिस ने युवक से पूछताछ की। इंस्पेक्टर बिरजाराम ने बताया कि ग्रामीणों ने एक युवक को पकड़कर उनके हवाले किया है। उसी पर प्रेम प्रसंग को लेकर वीरेंद्र की हत्या करने का आरोप है। चूंकि घटना उत्तराखंड के खटीमा थाना क्षेत्र में हुई है, इसलिए कानूनी कार्रवाई भी वहीं से की जाएगी। परिजन को वहीं जाकर तहरीर देने के लिए कहा गया है। आरोपी को भी खटीमा पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। खटीमा पुलिस को इसकी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई तो वह भी अपना जुर्म कबूल कर रहा है।
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वृद्ध किसान की दिनदहाडे़ गोली मारकर हत्या

पूरनपुर (पीलीभीत)। घर का सामान खरीदने साइकिल से पूरनपुर आ रहे वृद्ध किसान शंकरलाल पांडे (70) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एएसपी ने जानकारी जुटाई। परिवार के लोगों ने किसी रंजिश से इंकार किया। फिर भी पुलिस का मानना है कि संभव है संपत्ति के चक्कर में हत्या की गई हो।
पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर निवासी शंकरलाल पांडे खेती करते थे। उनकी चार विवाहित बेटियां हैं। पत्नी की मौत के बाद से वह अकेले रहते थे। छोटी बेटी नीलम की ससुराल पड़ोस के गांव पिपरिया जयभद्र में है। वही उनकी देखरेख करती थी। इसके अलावा गांव में ही बड़ी बेटी सुनीता की भी ससुराल है। वह भी पिता की हाल-चाल लेती रहती थी। बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे वह साइकिल से घरेलू सामान खरीदने के लिए पूरनपुर जाने को निकले। दो किलोमीटर दूर भगवंतापुर मार्ग पर टूटी पुलिया के पास पहुंचते ही उनकी सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई। ग्रामीणों से शंकरलाल के लहूलुहान सड़क पर पड़े होने की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में एएसपी रोहित मिश्र, सीओ कमल सिंह भी पुलिस बल के साथ आ गए। आनन-फानन में शंकरलाल पांडे को सीएचसी पूरनपुर भिजवाया गया, वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन हत्या का कोई कारण भी नहीं बता सके। भतीजे गोपीराम पांडे से मिली तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। इंस्पेक्टर आरके कश्यप के अनुसार संपत्ति के लिए हत्या हो सकती है। पूरी बात जांच के बाद सामने आएगी।

वृद्ध के परिजन घटना को लेकर कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। मौका मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कुछ बिंदुओं पर पुलिस की टीमें पड़ताल करने को लगाई गई हैं, ताकि हत्याकांड के खुलासे तक पहुंचा जा सके। अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जल्द वर्कआउट किया जाएगा।
- रोहित मिश्र, एएसपी

पुलिस को शक- संपत्ति को लेकर तो नहीं हुई हत्या
पूरनपुर। पुलिस को शक है कि वृद्ध किसान शंकर लाल पांडेय की हत्या संपत्ति को लेकर की गई है। पुलिस इसी बिंदु को सामने रखकर जांच कर रही है। परिजन हत्या की वजह नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों को तलाश रही है, ताकि घटना के बारे में कुछ क्लू हाथ लग सके।
वृद्ध किसान की चार बेटियों सुनीता, नन्ही देवी, ऊषा और नीलम की शादी हो चुकी है। बेटा कोई नहीं है। गांव वालों की माने तो शंकरलाल की अपनी पुत्रियों सहित परिवार के किसी सदस्य से ज्यादा नहीं बनती थी। उनकी पत्नी रामलली की करीब एक साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। तब से वह अकेले ही रह रहे थे। शंकर लाल पांडेय काफी कमजोर थे। उनका गांव के अलावा पूरनपुर के मोहल्ला चौक में भी एक मकान है। करीब छह एकड़ जमीन है। गांव से अक्सर साइकिल से नगर वाले घर पर आते रहते थे। बुधवार को भी वह साइकिल से घर से पूरनपुर आ रहे थे। तभी रास्ते में गोली मारकर उनकी हत्या की गई। हत्या किसने और क्यों की? इसका परिवार वाले कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि पुलिस संपत्ति को लेकर बुजुर्ग की हत्या होने का संदेह जता रही है। इंस्पेक्टर आरके कश्यप ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में संपत्ति को लेकर बुजुर्ग किसान की हत्या होना लग रहा है। इसमें किसी करीबी का हाथ होने की आशंका है।

घटना के बाद खेतों से गायब हो गए लोग
पूरनपुर। बुजुर्ग किसान की जिस रोड पर हत्या की गई, उस पर देररात तक आवागमन रहता है। घटना के वक्त धान के खेतों से कई लोग घास भी निकाल रहे थे। फायर की आवाज सुनकर और घटना की जानकारी मिलने पर आनन-फानन में सभी लोग खेतों से भाग गए।

परिवार और रिश्तेदारों से रहती थी दूरी
पूरनपुर। कहने को तो शंकर लाल की चार पुत्री-दामाद, नाती और भतीजों का भरा पूरा परिवार है, लेकिन उनकी सबसे दूरी रहती थी। शंकर लाल के बड़े भाई सियाराम का निधन हो चुका है। उनके पांच पुत्र हैं। शंकर लाल की गांव में ही ब्याही पुत्री सुनीता ने बताया कि पिछले कई माह से उसका पिता के घर आना जाना नहीं था। दूसरी बेटी ऊषा के पति पवन पांडेय बोले-वह करीब दो साल से विवाद के चलते ससुराल नहीं गए। शंकर लाल के भतीजे गोपीराम पांडेय ने बताया कि चाची की मौत से पहले उसके परिवार वालों की चाचा से बोलचाल नहीं थी। करीब साल भर पहले चाची की मौत के बाद उसका उनके घर आना जाना शुरू हुआ था, लेकिन उसकी चचेरी बहनों को यह नागवार लगता था।
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पीलीभीत: निजी स्कूल के प्रधानाचार्य पर कक्षा छठी की छात्रा से छेड़खानी का आरोप, आरोपी गिरफ्तार

बच्ची से छेड़छाड़ बच्ची से छेड़छाड़

पीलीभीत: पत्नियां करती थीं रेकी, पति दोस्तों के साथ बंद घरों को बनाते थे निशाना, चार गिरफ्तार, तीन फरार

शहर में पिछले दिनों गोदावरी स्टेट कॉलोनी में एक अधिवक्ता के बंद घर से लाखों की चोरी हुई थी। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्जकर खुलासे के प्रयास शुरू किए थे। शुक्रवार को सुबह सात बजे मुखबिर की सूचना पर महिला समेत चार लोगों को पुलिस ने दबोच लिया। तीन अन्य फरार हो गए।

सदर कोतवाली पुलिस ने सुबह सात बजे मुखबिर की सूचना पर वनकटी रोड पर पुष्प कॉलेज के पास से एक महिला समेत चार लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने चोरी की घटनाओं को स्वीकार लिया। कोतवाल अशोक पाल ने बताया कि उधमसिंह नगर के कस्बा खटीमा में इस्लाम नगर का अकील उसकी पत्नी सिम्मी, बरेली के मोहल्ला शेरगढ़ निवासी दीपक उसकी पत्नी किरण, शहर से सटे गांव नौगवा पकड़िया निवासी राजा उर्फ इरफान, जीशान, खटीमा के मोहल्ला इस्लाम नगर निवासी अशरफ चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
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पीलीभीत: किसान से छह लाख की रिश्वत मांगने पर दरोगा और दो सिपाही निलंबित, आईजी के आदेश पर कार्रवाई

किसान से छह लाख रुपये की रिश्वत मांगने और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एसएसआई रामगोपाल और दो सिपाहियों लेखपाल और मोनू कुमार को जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया। आईजी ने इनके खिलाफ आई शिकायत पर शाहजहांपुर के सीओ से जांच कराई थी।

माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव पंचपेड़ा में किसान गुरुदयाल सिंह ने बताया कि उन्होंने खेत में खड़े 35 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से अनुमति ली थी। तीन दिसंबर को पेड़ कटवाने के बाद जेसीबी से जड़ों को निकलवा रहे थे। कुछ जड़ें बची थीं। इसी दौरान करीब नौ बजे थाने के एसएसआई रामगोपाल, सिपाही लेखपाल और सिपाही मोनू कुमार कुछ अन्य लोगों के साथ खेत पर पहुंचे। साथ में आए लोगों को वनकर्मी बताया था।

शिकायत के अनुसार, पुलिस ने अनुमति से ज्यादा पेड़ काटने का आरोप लगाया। इस पर मौके से पेड़ों की गिनती करने की बात कही गई। मगर पुलिस ने नहीं सुना। जेसीबी चालक को हिरासत में लेकर जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली अपने कब्जे में लेकर थाने ले जाने लगे। रास्ते में बिहारी पुल के पास पुलिस ने छह लाख की रिश्वत मांगी।
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भंडाफोड़: महिला डिग्री कॉलेज का प्रोफेसर चला रहा था सेक्स रैकेट, छात्रा ने किया खुलासा

पीलीभीत शहर के प्रतिष्ठित राजकीय महिला महाविद्यालय का प्रोफेसर छात्राओं को फंसाकर सेक्स रैकट चला रहा है। रविवार को एक छात्रा ने पुलिस को तहरीर देकर इसकी शिकायत की। देर रात रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी गई है। 

प्रोफेसर एक दिन के अवकाश का प्रार्थना पत्र कॉलेज में छोड़कर चला गया है। कार्यवाहक प्राचार्य ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर दी है।
नकटादाना चौराहा स्थित प्रतिष्ठित महिला महाविद्यालय में गणित विभाग में प्रोफेसर कामरान आलम खान 2016 में स्थानांतरण होकर आया था। आरोप है कि प्रोफेसर कॉलेज की छात्राओं को फंसाकर अपने कमरे पर ले जाता था और नशीला पदार्थ खिलाकर अश्लील हरकत करने के साथ ही अवैध संबंध बनाता था। 

इसके बाद छात्राओं को बाहर भी भेजा जाता है। शहर की आवास विकास कॉलोनी के एक युवक ने 20 नवंबर को इस संबंध में कॉलेज प्रशासन को फोन पर जानकारी दी। इसके बाद भी कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 

रविवार को छात्रा ने इस संबंध में सदर कोतवाली में तहरीर देकर मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सोमवार को कॉलेज पहुंचकर जानकारी जुटाई और आरोपी से फोन पर बात की।
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पीलीभीत: दरिंदगी के बाद छात्रा की हत्या, शक के घेरे में दोस्त, दस प्रेम पत्र और मोबाइल खोल सकता है कई राज

फाइल फोटो
यूपी में पीलीभीत के बरखेड़ा में दरिंदगी के बाद छात्रा की हत्या मामले में उसका दोस्त ही मुख्य आरोपी हो सकता है। छात्रा से उसकी डेढ़ साल से दोस्ती थी। छात्रा लगातार उसके संपर्क में थी। पिछले दो महीने से वह छात्रा पर दूसरे से संबंध होने का शक करने लगा था। छात्रा उससे दूरी भी बनाने लगी थी। इससे उसका शक गहरा गया और घटना वाले दिन रास्ते में रोककर बातचीत करने के लिए खेत में ले गया और उसे मार डाला। इसके बाद वह चुपचाप घर चला गया। पुलिस ने उसके घर से दस प्रेम पत्र, मोबाइल में बातचीत के संदेश और सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाया है। 

सूत्रों का कहना है कि उसके प्रेम पत्र, मोबाइल फोन के संदेश मिले तो उस पर शक गहरा गया। मोबाइल फोन की जांच की गई तो उसमें कुछ ऐसे संदेश मिले, जिसमें लगातार छात्रा से बातचीत सामने आई। पुलिस के अनुसार प्रेम पत्र और मोबाइल के संदेश को आधार बनाकर किशोर से पूछताछ की गई तो वह टूट गया। 

सूत्रों का कहना है कि छात्रा के पास जो मोबाइल फोन था वह उसके पिता का बताया जा रहा है, जिसमें संदेश भेजने के बाद छात्रा उसे डिलीट कर देती थी। वहीं दो महीने पहले उसके दोस्त को पता चला कि वह किसी दूसरे युवक के संपर्क में है। कई बार उससे पूछा तो वह इनकार करती रही। घटना वाले दिन रास्ते में उसे रोककर खेत में ले गया जहां उससे पूछा तो उसने थप्पड़ मार दिया। इस पर गुस्से में आकर उसे मारा पीटा और गला कस कर हत्या कर दी और घर चला गया। इस संबंध में जल्द ही पुलिस खुलासा कर सकती है।
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाला गैंग बेनकाब, पांच गिरफ्तार

फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर असलहों की खरीद-फरोख्त कराने वाले गिरोह का खुलासा कर गाजियाबाद पुलिस ने शाहजहांपुर के ग्राम प्रधान सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को डीएम अजय शंकर पांडेय व एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता कर गिरोह के राजफाश की जानकारी दी।

डीएम ने बताया कि हाल ही में शाहजहांपुर जिले के एक शस्त्र लाइसेंस का गाजियाबाद में ट्रांसफर के लिए आवेदन आया था। जांच में यूनिक आईडी मैच नहीं हुई और पता चला कि उक्त यूनिक आईडी पर कोई शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं है। उन्होंने डीएम शाहजहांपुर को चिट्ठी लिखते हुए गाजियाबाद कप्तान को जांच कराने की संस्तुति की। जांच में लाइसेंस फर्जी निकला और गिरोह की परतें खुलती चली गईं।

गन हाउस संचालक है सरगना
एसएसपी ने बताया कि कविनगर पुलिस ने फुरकान पुत्र अब्दुल वहीद निवासी बिहारीपुरा कमला हॉल वाली गली लाल क्वार्टर के सामने थाना विजयनगर, संजय गर्ग पुत्र राजपाल गर्ग निवासी ए-3, सेक्टर-12 प्रताप विहार थाना विजयनगर, विनोद पुऊत्र तेजराम सिंह निवासी मकान नंबर-64 सर्वोदय नगर थाना विजयनगर, हरिशंकर अवस्थी पुत्र राजकुमार निवासी मोहल्ला कोट थाना खुटार जिला शाहजहांपुर व सदानंद शर्मा पुत्र रामाधार शर्मा निवासी अनाथा थाना पुआया जिला शाहजहांपुर को गिरफ्तार किया गया है। हरिशंकर अवस्थी गन हाउस संचालक और गिरोह का सरगना है, जबकि सदानंद उसका सहयोगी व मौजूदा ग्राम प्रधान है।
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अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

बीसलपुर। कोतवाली पुलिस ने विवाहिता के अपहरण और उससे सामूहिक दुष्कर्म के मामले के मामले में नामजद मुख्य आरोपी को गुरुवार को बिलसंडा नहर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद विवाहिता के पिता ने राष्ट्रपति से की गई सपरिवार इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग वापस ले ली है।
नगर की एक विवाहिता का आठ जून को कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था। विवाहिता 10 जून को किसी तरह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूट आई थी। इस मामले में विवाहिता के पिता की ओर से 12 जून को कोतवाली में अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। रिपोर्ट में थाना बिलसंडा क्षेत्र के गांव घुंघौरा निवासी अर्जुन, लालाराम और बदायूं के थाना दातागंज क्षेत्र के गांव जयपालपुर निवासी संजीव को नामजद किया गया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो विवाहिता के पिता ने 15 जुलाई को राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छामृत्यु की मांग की थी। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने गुरुवार को नगर के बिलसंडा नहर तिराहे से मुख्य आरोपी गांव घुघौंरा निवासी अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया। एसएसआई इखित्यार हुसैन ने बताया कि अर्जुन को जेल भेज दिया गया है। बाकी दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। ब्यूरो
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अब पिपरा भगु गांव में मिले गोवंश के अवशेष

पीलीभीत। अधिकारियों की सख्ती के बावजूद जिले में गोकशी थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार इससे जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। अब शहर से सटे पिपरा भगु गांव में गन्ने के खेत में गोवंशीय अवशेष मिलने के बाद खलबली मच गई है। सूचना पर सीओ सिटी, सुनगढ़ी पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुट गई है। हालांकि अभी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के पिपरा भगु गांव में असम हाईवे से महज 100 मीटर दूर गन्ने के खेत में बृहस्पतिवार सुबह गोवंश के अवशेष पड़े मिले। ग्रामीणों ने अवशेष पड़े देखे तो गोकशी का शोर मच गया। भीड़ जमा हो गई। सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी सत्यप्रकाश सिंह, पूरनपुर गेट चौकी प्रभारी जवाहर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। मौका मुआयना करने के दौरान तीन खेतों में अवशेष मिले। ग्रामीणों से पुलिस ने जानकारी की, लेकिन कोई भी इस संबंध में जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने पशु चिकित्सक को बुलाकर अवशेषों को परीक्षण के बाद दफन करा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले उनके गांव में कभी गोकशी का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों पर शिकंजा कसने की मांग की। पुलिस ने उनको सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

कहीं पर तो हो रही चूक
बीते माह गोकशी की घटनाएं बढ़ने पर एसपी मनोज कुमार सोनकर ने इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की थी। इसके बाद घटनाओं में कमी आई थी। अब कुछ दिनों से फिर से घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि कहीं न कहीं बरती गई ढील तस्करों के लिए अभयदान साबित हो रही है।

गोकशी की हाल ही में हुई घटनाएं - 19 अप्रैल को गजरौला के बांसबोझ में बाग में मिले थे अवशेष
- 03 जून को जहानाबाद के परेवावैश्य गांव में 1.20 क्विंटल गोमांस और औजार हुए थे बरामद
- 16 जून को बरखेड़ा के मोहल्ला काहरान में मिले थे अवशेष
- 19 जून को बंद स्लाटर हाउस और भूरे खां में मिले थे अवशेष और खालें
- 20 जून को सुनगढ़ी क्षेत्र के चिड़ियादाह गांव में सात गोवंश के मिले थे अवशेष
- 23 जून को बीसलपुर के ग्यासपुर मोहल्ले में एक मकान से पांच क्विंटल गोमांस और औजार हुए थे बरामद
- 25 जून को बरखेड़ा के गाजीपुर कुंडा में खेत में मिले थे गोवंश के अवशेष
- पूरनपुर में आए दिन सामने आते हैं मामले
- 28 जून को पूरनपुर में शेरपुर सिमरिया मार्ग पर नहर के नजदीक मिले थे अवशेष
- 10 जुलाई को पूरनपुर के शेरपुरकलां निवासी मुख्तयार के खेत में मिले थे गोवंश के अवशेष और खालें
- 13 जुलाई को कोतवाली क्षेत्र के बिलगवां में मिले गोवंश के अवशेष
- 15 जुलाई को जहानाबाद के परेवा वैश्य में दो घरों में पकड़ी गई गोकशी

गोकशी की घटनाओं को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। गोमांस तस्करों की धरपकड़ कराई जा रही है। उन पर गैंगस्टर, गुंडा एक्ट से लेकर रासुका की कार्रवाई हो रही है। सुनगढ़ी में हुई घटना में भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तस्करों का पता लगाकर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
- मनोज कुमार सोनकर, एसपी

दूसरे दिन भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े गोमांस तस्कर
बीसलपुर। कोतवाली पुलिस पर जानलेवा हमला कर भागने वाले पांचों गोमांस तस्कर अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इनमें से चार के खिलाफ पहले भी गाय काटने के मामले में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
कोतवाली पुलिस ने 16 जुलाई को देर रात गांव रसायाखानपुर निवासी मंगल खां के यूकेलिप्टस के बाग में छापा मारा था। पुलिस को देखकर गोमांस तस्करों ने फायर झोंक दिया था, इसमें पुलिस पार्टी बाल बाल बच गई थी। पुलिस ने घेराबंदी कर छह में से एक तस्कर को पकड़ लिया था, जबकि पांच भाग गए थे। एसएसआई इख्त्यिार हुसैन ने कोतवाली में मांस तस्करों के विरुद्ध पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने, गोहत्या करने, और शस्त्र अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट में गांव रसायाखानपुर निवासी तौफीक, कयूम, गांव मीरपुरवाहनपुर निवासी इलियास, शरीफ, शकील और जाने आलम को नामजद किया गया था। पुलिस ने मौके से गिरफ्तार तौफीक को जेल भेज दिया था। फायरिंग कर भागे बाकी तस्कर अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस बुधवार रात फरार मांस तस्करों की तलाश में कई जगह दबिश भी दी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
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काटने ले जाए जा रहे सात गोवंशीय पशु बरामद, एक गिरफ्तार

पूरनपुर। काटने के लिए क्रूरता पूर्वक पीटते हुए ले जाए जा रहे सात गोवंशीय पशुओं को पुलिस ने बरामद किया है। बरामदगी दो स्थानों से हुई है। एक मामले में मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी अफजाल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके तीन साथी भाग गए। पुलिस के मुताबिक, इन्हीं चारों ने बुधवार को एक धार्मिक स्थल के पास गोवंशीय पशु काटा था। इसके अलावा शेरपुर-खैरपुर रोड से पुलिस ने पशु तो बरामद किए, लेकिन किसी आरोपी को नहीं पकड़ सकी।
हत्याकर मांस की तस्करी करने के लिए गोवंशीय पशु लाने की सूचना पर दरोगा अब्दुल समीद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शेरपुर नहर पुलिया पर घेराबंदी की। पुलिस ने चार लोगों को एक गोवंशीय पशु को क्रूरतापूर्वक पीटते हुए लाते देखा तो उन्हें ललकारा। इस पर आरोपी पशु को छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर अफजाल को पकड़ लिया, जबकि उसके तीन साथी भाग गए। कोतवाली पुलिस ने दरोगा अब्दुल समीद की ओर से अफजाल और पुलिस को देखकर भागे गुलफाम, फुरकान, नाजिम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। दरोगा अब्दुल समीद ने बताया कि इन्हीं चारों आरोपियों ने बुधवार को नगर के एक धार्मिक स्थल के समीप गोवंशीय पशु काटा था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा शेरपुर-खैरपुर रोड पर काटने के लिए ले जाए जा रहे छह गोवंशीय पशु बरामद किए गए हैं, लेकिन उन्हें लेकर आ रहे चारों आरोपी भाग गए।
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बड़े दामाद ने छोटी बेटी के साथ मिलकर की थी बुजुर्ग की हत्या

पीलीभीत। वृद्ध किसान शंकरलाल पांडे की हत्या बड़े दामाद महमंदपुर निवासी ओमप्रकाश पांडे ने शंकरलाल की छोटी बेटी गांव पिपरिया जयभद्र निवासी नीलम पांडे के साथ मिलकर की थी। दोनों शंकर लाल के अपनी छह एकड़ जमीन भतीजे के नाम करने के फैसले से वे नाराज थे। एसपी ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी कर हत्याकांड का खुलासा किया। टीम को 24 घंटे के भीतर घटना का वर्कआउट करने पर पांच हजार के नकद इनाम की घोषणा की।
पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के महमंदपुर गांव निवासी 70 वर्षीय किसान शंकरलाल पांडे बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घर से साइकिल से पूरनपुर जाने के लिए निकले थे। रास्ते में उनकी सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भतीजे गोपी की ओर से पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। संपत्ति को लेकर हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस ने छानबीन शुरू की तो हत्याकांड का खुलासा हो गया। हत्यारोपी वृद्ध के बड़े दामाद ओमप्रकाश पांडे और छोटी बेटी नीलम पांडे निकले। उनको गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ की तो एक-एक कर पूरी गुत्थी सुलझ गई। हत्या में प्रयुक्त तमंचा और तीन कारतूस भी बरामद कर लिए गए। बृहस्पतिवार को एसपी मनोज कुमार सोनकर, एएसपी रोहित मिश्र ने पुलिस लाइन में घटना का खुलासा कर दोनों को जेल भेज दिया।

इधर जमीन भतीजे को देने का पता लगा, उधर रच दी हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार वृद्ध शंकरलाल पांडे के पास छह एकड़ जमीन है। उनकी चार विवाहित बेटियां हैं। पहले जमीन आरोपी बेटी नीलम के नाम कर दी गई थी, लेकिन बाद में वृद्ध ने इस निर्णय को कैंसल करा दिया। आठ बीघा जमीन अब भी नीलम के कब्जे में है। दामाद और बेटियों से उनके संबंध मधुर नहीं थे। इसी के चलते अब वह भतीजे गोपी के नाम पर जमीन करने वाले थे। इसी का पता लगते ही उनकी हत्या कर दी गई। बड़े दामाद ने छोटी बेटी को साथ लिया और बाइक पर बैठकर दोनों बुधवार सुबह आए और दामाद ने तमंचे से ससुर के सीने में गोली मार दी। फिर वह शेरपुर वाले रास्ते की तरफ से भाग गए।

कुछ सवाल अब भी अनसुलझे
हत्यारोपी के तौर पर पुलिस ने बड़े दामाद और छोटी बेटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वृद्ध की हत्या की प्लानिंग को लेकर बड़ी बेटी और छोटे दामाद को भनक थी या नहीं? इस बात को अभी पुलिस स्पष्ट नहीं कर सकी है।

शंकरलाल हत्याकांड का खुलासा कर दोनों आरोपी जेल भेज दिए हैं। परिवार के अन्य सदस्यों की इसमें मिलीभगत है या नहीं? इसकी भी जांच होगी। नीलम के पास लाइसेंसी पिस्टल है। उसका भी लाइसेेेंस निरस्त कराने को कार्रवाई होगी।
- मनोज कुमार सोनकर, एसपी

परिवार के गले नहीं उतर रही पुलिस की कहानी
पूरनपुर। वृद्ध किसान शंकरलाल पांडे की हत्या का पुलिस ने भले ही खुलासा कर दिया है लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने सही खुलासा करने के बजाय विरोधियों से मिलकर अपनों को ही जेल भेज दिया है।

बड़ी बेटी और आरोपी ओमप्रकाश की पत्नी सुनीता का कहना है कि उनकी ताऊ के घर वालों से कभी नहीं बनती थी। तहेरा भाई गोपीराम पांडेय चारों बहनों की शादी तक में शामिल नहीं हुआ। आरोप लगाया कि ताऊ का परिवार हमेशा संपत्ति के लालच में रहता था। पुलिस ने उनसे मिलकर गलत खुलासा किया है।
मतक की मझली बेटी ऊषा देवी का कहना है कि बेटा न होने पर पिता ने चारों बहनों को पुत्रों की तरह ही पाला था। वह अपनी संपत्ति बेटियों को ही देना चाहते थे। ये खुलासा गले उतरने लायक नहीं है।
मृतक की दूसरे नंबर की बेटी नन्ही देवी का कहना है कि गांव वालों से इस बात की पुष्टि की जा सकती है कि ताऊ के परिवार से हमारे कैसे संबंध थे। ताऊ के घर तो आना-जाना ही बंद था। मां के अंतिम संस्कार और अन्य कार्यक्रमों में भी वे कभी शामिल नहीं किए गए। पिता की संपत्ति हड़पने के लिए के लिए ताऊ का परिवार उन्हें वरगलाता था।

अंत्येष्टि पर विवाद, पहुंची पुलिस
वृद्ध शंकरलाल पांडे के शव का बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार किया गया। इसमें भतीजे गोपी के मुखाग्नि देने की इच्छा जताते ही विवाद की स्थिति बन गई। बेटियों ने विरोध कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। अंत में नाती अभिषेक ने मुखाग्नि दी।
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