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नेटवर्क की दिक्कत के चलते सारथी एप बना मुसीबत
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पीलीभीत। नए यातायात नियमों और जुर्माना में बढ़ोतरी के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़ उमड़ रही है। लोग कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। दूसरी तरफ परिवहन विभाग रोजाना अधिकतम 75 आवेदन ही स्वीकार कर रहा है। नेटवर्क की समस्या के चलते भी लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें, सरकार ने परिवहन विभाग के अधिकांश सेवाओं को ऑलाइलन कर दिया है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भी ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के बाद आवेदक के नंबर पर ओटीपी कोड और परीक्षा की तारीख का मेसेज आता है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाता है। वहीं नए यातायात नियमों में बिना लाइसेंस वाले चालकों पर भारी जुर्माना लगाया गया है। इसे लेकर जिले के वह लोग जिनका लाइसेंस नहीं बना है, वह ऑनलाइन परिवहन विभाग के पोर्टल सारथी पर आवेदन कर रहे हैं। आलम यह है कि ऑनलाइन हो रहे आवेदनों की भरमार के बीच परिवहन विभाग रोजाना अधिकतम 75 से ज्यादा आवेदन पत्रों को स्वीकार नहीं कर रहा है। एआरटीओ अमिताभ राय ने बताया कि पहले 30 से 40 आवेदन रोजाना स्वीकार किए जाते थे। बाद में इसकी संख्या बढ़ाकर 50 की गई और अब 75 आवेदन लिए जाते हैं। आवेदक परीक्षा की निर्धारित तारीख और नियत समय में आकर ऑनलाइन परीक्षा पास करके अपना डीएल बनवा रहे हैं।
नेटवर्क की समस्या बनी बाधा
जिले में नेटवर्क की समस्या के कारण आवेदकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आए दिन नेटवर्क ध्वस्त होने के कारण नियत तिथि पर परीक्षा देने आए आवेदकों को वापस किया जाता है। इसके कारण लोगों के लाइसेंस नहीं बन पा रहा है। हालांकि अफसरों का दावा है नेटवर्किंग की समस्या पूरे प्रदेश में है।
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तीन कंप्यूटर पर होती है परीक्षा
एआरटीओ अमिताभ राय का कहना है कि कार्यालय में तीन कंप्यूटर ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा के लिए लगाए गए हैं। आवेदक का थंब इंप्रेशन व ओटीपी कोड के बिना परीक्षा नहीं हो सकती। ऑनलाइन इस प्रक्रिया में नेटवर्क के कारण थोड़ी दिक्कत है लेकिन व्यवस्था तेजी के साथ सही की जा रही है।
पहले के मुकाबले काफी हद तक लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के प्रति जागरूक हुए हैं। नेटवर्क की समस्या जनपद में ही नहीं पूरे प्रदेश में है। इस कारण लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हमारी ओर से यातायात नियमों को लेकर लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अमिताभ राय, एआरटीओ
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बता दें, सरकार ने परिवहन विभाग के अधिकांश सेवाओं को ऑलाइलन कर दिया है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भी ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के बाद आवेदक के नंबर पर ओटीपी कोड और परीक्षा की तारीख का मेसेज आता है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाता है। वहीं नए यातायात नियमों में बिना लाइसेंस वाले चालकों पर भारी जुर्माना लगाया गया है। इसे लेकर जिले के वह लोग जिनका लाइसेंस नहीं बना है, वह ऑनलाइन परिवहन विभाग के पोर्टल सारथी पर आवेदन कर रहे हैं। आलम यह है कि ऑनलाइन हो रहे आवेदनों की भरमार के बीच परिवहन विभाग रोजाना अधिकतम 75 से ज्यादा आवेदन पत्रों को स्वीकार नहीं कर रहा है। एआरटीओ अमिताभ राय ने बताया कि पहले 30 से 40 आवेदन रोजाना स्वीकार किए जाते थे। बाद में इसकी संख्या बढ़ाकर 50 की गई और अब 75 आवेदन लिए जाते हैं। आवेदक परीक्षा की निर्धारित तारीख और नियत समय में आकर ऑनलाइन परीक्षा पास करके अपना डीएल बनवा रहे हैं।
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नेटवर्क की समस्या बनी बाधा
जिले में नेटवर्क की समस्या के कारण आवेदकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आए दिन नेटवर्क ध्वस्त होने के कारण नियत तिथि पर परीक्षा देने आए आवेदकों को वापस किया जाता है। इसके कारण लोगों के लाइसेंस नहीं बन पा रहा है। हालांकि अफसरों का दावा है नेटवर्किंग की समस्या पूरे प्रदेश में है।
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तीन कंप्यूटर पर होती है परीक्षा
एआरटीओ अमिताभ राय का कहना है कि कार्यालय में तीन कंप्यूटर ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा के लिए लगाए गए हैं। आवेदक का थंब इंप्रेशन व ओटीपी कोड के बिना परीक्षा नहीं हो सकती। ऑनलाइन इस प्रक्रिया में नेटवर्क के कारण थोड़ी दिक्कत है लेकिन व्यवस्था तेजी के साथ सही की जा रही है।
पहले के मुकाबले काफी हद तक लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के प्रति जागरूक हुए हैं। नेटवर्क की समस्या जनपद में ही नहीं पूरे प्रदेश में है। इस कारण लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हमारी ओर से यातायात नियमों को लेकर लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अमिताभ राय, एआरटीओ