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Pilibhit News: कटान रोकने के कामों में खानापूरी से गुस्साए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Sun, 06 Aug 2023 12:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 06 Aug 2023 12:10 AM IST
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पूरनपुर तहसील में प्रदर्शन करते चंदिया हजारा के लोग ।
पूरनपुर। शारदा नदी का कटान रोकने के नाम पर महज खानापूरी किए जाने से गुस्साए गांव चंदिया हजारा के लोगों ने शनिवार को तहसील में प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि सिंचाई विभाग और बाढ़ खंड ने कटान की रोकथाम के लिए कारगर उपाय न किए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर गांव चंदिया में शुक्रवार शाम को करीब 100 घरों में पानी घुस गया था। गांव की तमाम गलियों में भी पानी भर गया था। नदी में उफान के बाद कटान रोकने के लिए परकोपाइन लगाने का काम भी शनिवार को नहीं हो सका। तहसीलदार ध्रुवनरायण यादव ने शुक्रवार शाम गांव पहुंचकर जलभराव की स्थिति देखी। गांव के लोगों ने नाला खुलवाने की मांग की।
गांव चंदिया हजारा के लोगों ने कटान रोकने के कामों में महज औपचारिकता निभाने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। ज्ञापन में कहा गया है कि शारदा नदी धनाराघाट की ओर से गांव की ओर तेजी से कटान कर रही है। कई किसानों की 50 एकड़ गन्ने की फसल नदी की भेंट चढ़ चुकी है। नदी तेजी से कटान करती हुई चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह और गांव खिरकिया बरगदिया की ओर बढ़ रही है। अगर नदी इसी रफ्तार से कटान करती रही तो इन गांवों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और करीब 25 हजार लोग बेघर हो जाएंगे।
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ज्ञापन में कहा गया कि बाढ़ और कटान रोकने के लिए हर साल बांस, बल्ली, तिगड़ी आदि लगाने पर लाखों रुपये ठिकाने लगा दिए जाते हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। कटान जीओ बैग लगाने से ही रुक सकता है, लेकिन अधिकारी जियो बैग नहीं लगवा रहे हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून संगठन के धर्मेंद्र पाल, जितेंद्र कुमार, रामऔतार प्रजापति आदि ने भी मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है।
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शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर गांव चंदिया में शुक्रवार शाम को करीब 100 घरों में पानी घुस गया था। गांव की तमाम गलियों में भी पानी भर गया था। नदी में उफान के बाद कटान रोकने के लिए परकोपाइन लगाने का काम भी शनिवार को नहीं हो सका। तहसीलदार ध्रुवनरायण यादव ने शुक्रवार शाम गांव पहुंचकर जलभराव की स्थिति देखी। गांव के लोगों ने नाला खुलवाने की मांग की।
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गांव चंदिया हजारा के लोगों ने कटान रोकने के कामों में महज औपचारिकता निभाने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। ज्ञापन में कहा गया है कि शारदा नदी धनाराघाट की ओर से गांव की ओर तेजी से कटान कर रही है। कई किसानों की 50 एकड़ गन्ने की फसल नदी की भेंट चढ़ चुकी है। नदी तेजी से कटान करती हुई चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह और गांव खिरकिया बरगदिया की ओर बढ़ रही है। अगर नदी इसी रफ्तार से कटान करती रही तो इन गांवों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और करीब 25 हजार लोग बेघर हो जाएंगे।
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ज्ञापन में कहा गया कि बाढ़ और कटान रोकने के लिए हर साल बांस, बल्ली, तिगड़ी आदि लगाने पर लाखों रुपये ठिकाने लगा दिए जाते हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। कटान जीओ बैग लगाने से ही रुक सकता है, लेकिन अधिकारी जियो बैग नहीं लगवा रहे हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून संगठन के धर्मेंद्र पाल, जितेंद्र कुमार, रामऔतार प्रजापति आदि ने भी मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है।