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अब बाघ को ट्रैंकुलाइज करने को जुटे एक्सपर्ट
Pilibhit
Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
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पूरनपुर। बाघ को ट्रैंकुलाइज करने को एक और एक्सपर्ट दिल्ली से पहुंच गए। पिंजरा के समीप बाघ के न फटकने पर उसे ट्रैंकुलाइज ही करने की योजना के तहत एक और मचान बनाया गया है। मचान से एक्सपर्ट पूरे दिन बाघ पर नजर रखे रहे। कई बार दिखाई देने के बाद भी बाघ को ट्रैंकुलाइज नहीं किया जा सका।
गांव कढ़ेरचौरा और उसके आसपास कई गांवों में एक बाघ चार-पांच माह से आतंक मचाए हुए है। एक्सपर्ट बाघ को ट्रैंकुलाइज नहीं कर पा रहे है। बाघ को पिंजरा में फंसाने को प्रयास किया गया। मगर, तीन बार बाघ बकरी खा गया और पिंजरे में नहीं फंसा। रात भी बाघ को फंसाने को पिंजरा लगाया गया, लेकिन बाघ पिंजरा के नजदीक नहीं आया। सामाजिक वानिकी के रेंजर हसीब बेग ने बताया कि चालाक बाघ पिंजरा में तमाम प्रयास के बाद भी नहीं फंस रहा है। अब बाघ को ट्रैंकुलाइज ही किया जाएगा। इसके लिए झाड़ियों के समीप एक और मचान बनाया गया है। उन्होंने बताया कि दुधवा और दिल्ली के एक्सपर्ट की टीम के अलावा दिल्ली से एक्सपर्ट डा. शहवाज अमीन पहुंचे है। उन्होंने पूरे दिन मचान पर बैठकर बाघ पर नजर रखी है। पूरे दिन में तीन-चार बार बाघ झाड़ियों में दिखाई भी दिया। रेंजर ने बताया कि शीघ्र ही बाघ को ट्रैंकुलाइज कर लिया जाएगा।
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गांव कढ़ेरचौरा और उसके आसपास कई गांवों में एक बाघ चार-पांच माह से आतंक मचाए हुए है। एक्सपर्ट बाघ को ट्रैंकुलाइज नहीं कर पा रहे है। बाघ को पिंजरा में फंसाने को प्रयास किया गया। मगर, तीन बार बाघ बकरी खा गया और पिंजरे में नहीं फंसा। रात भी बाघ को फंसाने को पिंजरा लगाया गया, लेकिन बाघ पिंजरा के नजदीक नहीं आया। सामाजिक वानिकी के रेंजर हसीब बेग ने बताया कि चालाक बाघ पिंजरा में तमाम प्रयास के बाद भी नहीं फंस रहा है। अब बाघ को ट्रैंकुलाइज ही किया जाएगा। इसके लिए झाड़ियों के समीप एक और मचान बनाया गया है। उन्होंने बताया कि दुधवा और दिल्ली के एक्सपर्ट की टीम के अलावा दिल्ली से एक्सपर्ट डा. शहवाज अमीन पहुंचे है। उन्होंने पूरे दिन मचान पर बैठकर बाघ पर नजर रखी है। पूरे दिन में तीन-चार बार बाघ झाड़ियों में दिखाई भी दिया। रेंजर ने बताया कि शीघ्र ही बाघ को ट्रैंकुलाइज कर लिया जाएगा।
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