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जानलेवा हमला में महिला समेत चार को दस साल की कैद, जुर्माना
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पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय (महिला संरक्षण) विवेक कुमार ने जानलेवा हमला, बलवा, मारपीट के मामले में सुनवाई के बाद महिला समेत चार आरोपियों को दोषी पाते हुए दस वर्ष कैद और दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है, जबकि एक अन्य आरोपी के नाबालिग होने पर उसकी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है। एक आरोपी को आयुध अधिनियम में भी दोषी पाया है।
थाना न्यूरिया पर वादी ने 11 अगस्त 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार उसका पड़ोसी वीरेंद्र सिंह उसके घर के सामने नाली बनाना चाहता था। इसे लेकर वादी से उसकी रंजिश हो गई। 11 अगस्त 2015 को करीब साढ़े आठ बजे वीरेंद्र सिंह, उसका बेटा मान सिंह, तेज पाल सिंह, पत्नी प्रेमवती और एक नाबालिग आरोपी एकराय होकर लाठी-डंडे, बंदूक, तमंचा लेकर आए और जान से मारने की नीयत से गाली गलौज करते हुए हमला बोल दिया। वादी के बेटे महेंद्र सिंह पर बंदूक से फायर किया गया, जो उसकी बायीं कोख में लगा। वादी और उसकी पत्नी कैकेई देवी से भी मारपीट की गई। शोर पर गांव के जनरैल सिंह, इतवारी सिंह आ गए और बचाया। आरोपी धमकी देकर भाग गए। दी गई तहरीर के आधार पर उसी दिन बलवा, मारपीट, जानलेवा हमला, धमकाने के लिए रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। एक आरोपी के नाबालिग होने पर विचारण हेतु मामला किशोर न्याय बोर्ड के सुपुर्द कर दिया। इधर, सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय (महिला संरक्षण) विवेक कुमार ने आरोपी वीरेंद्र सिंह, मान सिंह, तेजपाल और प्रेमवती को जानलेवा हमले में दोषी पाते हुए दस साल कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। वीरेंद्र सिंह को न्यायालय ने आयुध अधिनियम में भी दोषी पाया। उसे इसमें तीन माह कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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थाना न्यूरिया पर वादी ने 11 अगस्त 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार उसका पड़ोसी वीरेंद्र सिंह उसके घर के सामने नाली बनाना चाहता था। इसे लेकर वादी से उसकी रंजिश हो गई। 11 अगस्त 2015 को करीब साढ़े आठ बजे वीरेंद्र सिंह, उसका बेटा मान सिंह, तेज पाल सिंह, पत्नी प्रेमवती और एक नाबालिग आरोपी एकराय होकर लाठी-डंडे, बंदूक, तमंचा लेकर आए और जान से मारने की नीयत से गाली गलौज करते हुए हमला बोल दिया। वादी के बेटे महेंद्र सिंह पर बंदूक से फायर किया गया, जो उसकी बायीं कोख में लगा। वादी और उसकी पत्नी कैकेई देवी से भी मारपीट की गई। शोर पर गांव के जनरैल सिंह, इतवारी सिंह आ गए और बचाया। आरोपी धमकी देकर भाग गए। दी गई तहरीर के आधार पर उसी दिन बलवा, मारपीट, जानलेवा हमला, धमकाने के लिए रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। एक आरोपी के नाबालिग होने पर विचारण हेतु मामला किशोर न्याय बोर्ड के सुपुर्द कर दिया। इधर, सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय (महिला संरक्षण) विवेक कुमार ने आरोपी वीरेंद्र सिंह, मान सिंह, तेजपाल और प्रेमवती को जानलेवा हमले में दोषी पाते हुए दस साल कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। वीरेंद्र सिंह को न्यायालय ने आयुध अधिनियम में भी दोषी पाया। उसे इसमें तीन माह कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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