{"_id":"630a6a7e1f224a6bb41aaa9f","slug":"uprooted-paved-road-contractor-missing-muzaffarnagar-news-mrt602732338","type":"story","status":"publish","title_hn":"पक्की सड़क उखाड़ लापता हुआ ठेकेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पक्की सड़क उखाड़ लापता हुआ ठेकेदार
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। न्याय पंचायत शेखपुरा में वैष्णों मंदिर से लेकर रजबहे तक की काली सड़क को पीडब्लूडी के ठेकेदार ने दोबारा से मरम्मत करने के लिए उखड़वा दिया, लेकिन दो महीने बाद भी सड़क का निर्माण नही हो पाया। जिस कारण वहां पर उड़ने वाली धूल से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने जनहित में सड़क का निर्माण कराने की मांग की है।
जीटी रोड से शुगर मिल की ओर जाने वाली सफेदा रोड़ से होकर शेखपुरा, जसौला, कढ़ली, चांदसमद, सिकेडा, अतरपुरा, पीपलेहडा, शाहपुर, फहीमपुर, गालिबपुर, मोहददीपुर, बिहारीपुर, कैलावड़ा, फलावदा आदि जाने के लिए प्रयोग किया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार वैष्णो मंदिर शेखपुरा से रजबहे तक रास्ता खस्ता हाल होने के कारण चार माह पहले टेेंडर छोड़ दिया गया था। जिस कारण पीडब्लूडी के ठेकेदार ने काली सड़क को तुड़वा दिया था। जिससे फिर से उसे सही से बनाया जा सके। सड़क तोड़ने के बाद उस पर बारीक पत्थर और मिट्टी डाली गई थी, लेकिन बाद में काम बंद कर दिया गया। इस मार्ग का काम न होने के कारण यहां पर हर समय धूल उड़ती है। धूल के कारण वहां से आने जाने वाले राहगीर, स्कूली बच्चे और वहां पर रहने वाले ग्रामीण बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
क्या कहते हैं लोग
डॉ ओमपाल सिंह ने बताया कि धूल के कारण कई दर्जन लोग बीमार पड़े है। कई लोग ऐसे भी है जो आक्सीजन पर पहुंच गए है। इस मार्ग को जनहित में बनाया जाना चाहिए।
नीशू सैनी का कहना है कि सड़क पर पड़ी बारीक रोड़ी पर जब भारी वाहन चलता है तो उसके टायर के नीचे से स्लिप होकर निकलने वाली रोड़ी से दर्जनों लोग चोटिल हो चुके है।
विज्ञापन
सागर सैनी का कहना है कि इस रोड से सैकड़ों वाहन प्रतिदिन आते जाते है, हर समय धूल उड़ती रहती है। यहां पर सरकारी स्कूल भी है, धूल के कारण स्कूली बच्चों के साथ-साथ ग्रामीण बीमार हो रहे है।
विनोद कुमार का कहना है कि सड़क से उड़ने वाली धूल से उनके चाचा फतेह सिंह बीमार हो गए थे। उन्हें कई दिन चिकित्सक के यहां भर्ती रखना पड़ा। फिलहाल वह ऑक्सीजन से सांस ले रहे हैं।
वर्जन.........
पीडब्लूडी के एई डी के तोमर का कहना है कि इस मार्ग के लिए बजट बनाकर भेज दिया है। ठेकेदार ने पैसों की कमी के कारण काम रोक दिया था। जल्द ही यह काम शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
खतौली। न्याय पंचायत शेखपुरा में वैष्णों मंदिर से लेकर रजबहे तक की काली सड़क को पीडब्लूडी के ठेकेदार ने दोबारा से मरम्मत करने के लिए उखड़वा दिया, लेकिन दो महीने बाद भी सड़क का निर्माण नही हो पाया। जिस कारण वहां पर उड़ने वाली धूल से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने जनहित में सड़क का निर्माण कराने की मांग की है।
जीटी रोड से शुगर मिल की ओर जाने वाली सफेदा रोड़ से होकर शेखपुरा, जसौला, कढ़ली, चांदसमद, सिकेडा, अतरपुरा, पीपलेहडा, शाहपुर, फहीमपुर, गालिबपुर, मोहददीपुर, बिहारीपुर, कैलावड़ा, फलावदा आदि जाने के लिए प्रयोग किया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार वैष्णो मंदिर शेखपुरा से रजबहे तक रास्ता खस्ता हाल होने के कारण चार माह पहले टेेंडर छोड़ दिया गया था। जिस कारण पीडब्लूडी के ठेकेदार ने काली सड़क को तुड़वा दिया था। जिससे फिर से उसे सही से बनाया जा सके। सड़क तोड़ने के बाद उस पर बारीक पत्थर और मिट्टी डाली गई थी, लेकिन बाद में काम बंद कर दिया गया। इस मार्ग का काम न होने के कारण यहां पर हर समय धूल उड़ती है। धूल के कारण वहां से आने जाने वाले राहगीर, स्कूली बच्चे और वहां पर रहने वाले ग्रामीण बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
विज्ञापन
क्या कहते हैं लोग
डॉ ओमपाल सिंह ने बताया कि धूल के कारण कई दर्जन लोग बीमार पड़े है। कई लोग ऐसे भी है जो आक्सीजन पर पहुंच गए है। इस मार्ग को जनहित में बनाया जाना चाहिए।
नीशू सैनी का कहना है कि सड़क पर पड़ी बारीक रोड़ी पर जब भारी वाहन चलता है तो उसके टायर के नीचे से स्लिप होकर निकलने वाली रोड़ी से दर्जनों लोग चोटिल हो चुके है।
विज्ञापन
सागर सैनी का कहना है कि इस रोड से सैकड़ों वाहन प्रतिदिन आते जाते है, हर समय धूल उड़ती रहती है। यहां पर सरकारी स्कूल भी है, धूल के कारण स्कूली बच्चों के साथ-साथ ग्रामीण बीमार हो रहे है।
विनोद कुमार का कहना है कि सड़क से उड़ने वाली धूल से उनके चाचा फतेह सिंह बीमार हो गए थे। उन्हें कई दिन चिकित्सक के यहां भर्ती रखना पड़ा। फिलहाल वह ऑक्सीजन से सांस ले रहे हैं।
वर्जन.........
पीडब्लूडी के एई डी के तोमर का कहना है कि इस मार्ग के लिए बजट बनाकर भेज दिया है। ठेकेदार ने पैसों की कमी के कारण काम रोक दिया था। जल्द ही यह काम शुरू करा दिया जाएगा।