मुजफ्फरनगर में हुए दर्दनाक हादसे में बच्ची समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। राजपुर गढ़ी गांव के मजदूर मोमीन भी हादसे का शिकार हो गए। मोमीन के घर पहली संतान का इंतजार है। आठ माह की पत्नी को घर छोड़कर वह अपने साले फरमान के साथ ईंट भट्ठे पर जाने की तैयारी में जुटा था। दोनों पहले बुढ़ाना दवाई लेने गए और इसके बाद सोरम चले गए। लौटते हुए हादसे का शिकार हुआ।
मोमीन बुढ़ाना के गांव गढ़ी राजपुर का रहने वाला था। उसका साला बागपत निवासी फरमान पिछले काफी समय से बीमार चल रहा था। बताया गया कि फरमान ने मोमीन को बुढ़ाना में एक डॉक्टर के यहां से दवाई लेने जाने के साथ सोरम रिश्तेदारी में चलने के कहा था। फरमान अपनी बेटी को लेकर मोमीन से मिला और तीनों सुबह के समय बाइक पर सवार होकर काम पूरे करने के लिए चल दिए थे।
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बुढ़ाना के भैसाना गांव में हुए हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और इकट्ठे हुए ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने पहले तो बुढ़ाना से दवाई ली और इसके बाद अन्य काम निबटाते हुए भैसाना पहुंचे थे। उन्हें भट्ठे पर जाने पर लेकर जाने के लिए एक पिकअप की जरूरत थी। दोनों ने भैसाना में एक युवक को उसकी पिकअप किराए पर तय कर दो हजार रुपये दिए। इसके बाद दोनों जैसे ही चले और पचास कदम दूर पहुंचे तभी सामने से आ रही रोडवेज बस उनके लिए काल बन गई। तीनों लोगों की हादसे में मौत हो गई।
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मुजफ्फरनगर में पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे मृतकों के परिजन
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आंसू बहाता रहा गया परिवार
मोमीन खुश था कि उसके आंगन में जल्द ही बच्चे के रूप में किलकारी गूंजेंगी। लेकिन वह यह खुशी देख नहीं पाया। पहले ही उसकी जिंदगी को हादसे ने लील लिया। परिजन उसकी मौत से शोक में हैं। उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए वह भट्ठे पर मजदूरी करता था। उसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी। परिवार में उसके दो बड़े भाई तालिब व साकिर हैं। वह तीन भाइयों व एक बहन में सबसे छोटा था।
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फरमान की फाइल फोटो
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फरमान कहकर गए थे, शाहपुर से दवा लाएंगे, अब जीवनभर का इंतजार
मुजफ्फरनगर जिले में भैंसाना मिल तिराहे पर रोडवेज बस की टक्कर लगने से जान गंवाने वाले फरमान (25) अपने घर कहकर गए थे कि सोरम से आते समय शाहपुर से अपनी और बेटी अल्लो की दवा लेकर आएंगे। अब जीवनभर कर इंतजार रह गया है। हादसे में उमरदीन, उनकी बेटी और रिश्तेदार की मौत होने के बाद परिवार वाले रोते-बिखलते हुए यही बातें कह रहे थे।
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सुहाना की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तमेलागढ़ी गांव निवासी आलम ने बताया कि उनके परिवार का फरमान अपने परिवार के साथ बागपत के ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था, जो कई माह से गांव में रह रहा था। मुजफ्फरनगर जिले के सोरम गांव में रिश्तेदार की मौत होने पर बुधवार की सुबह बाइक से अपनी बेटी अल्लो (3) को बाइक पर लेकर गए थे। वहां से वापस आते समय राजपुर जिला मुजफ्फरनगर निवासी बहनोई मोमीन भी उनके साथ आ रहे थे।