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आखिर कब पूरा होगा सड़क का अधूरा निर्माण
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काली नदी-रामलीला टिल्ला को जोड़ने वाली सड़क अधूरी
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-चरथावल मार्ग पर मदरसे के पास बह रही काली नदी पर शहर के रामलीला टिल्ला को जोड़ने के लिए पुल बनाया गया है। मेरठ के सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण पूरा किए छह महीने से ज्यादा बीत चुके हैं। अभी तक सड़क का निर्माण नहीं होने से आवागमन शुरू नहीं हो सका है।
शासन ने चरथावल-थानाभवन मार्ग के कई दर्जन गांवों के लोगों को भीड़ से बचाकर शहर में आने के लिए पुल बनवाया गया था। शहर के बाहरी छोर पर चरथावल मार्ग पर मदरसे के निकट काली नदी पर न्याजुपुरा-रामलीला टिल्ला को जोड़ने के लिए पुल बनकर तैयार हुए अरसा बीत गया। कई महीने पूर्व दोनों तरफ मिट्टी के ढेर और कच्ची सड़क पर मिट्टी के ढेर लगा दिए गए। परंतु पुल के किनारों को पक्का तैयार नहीं किया। अधूरे निर्माण के चलते अभी तक आवागमन भी नहीं हा पा रहा है, साथ ही उड़ती धूल के गुब्बार से लोग बेहाल हैं। इसी जगह पुल से डायवर्ट किया गए मुजफ्फरनगर चरथावल मार्ग टूटा पड़ा हैं। इस जर्जर मार्ग से हजारों वाहन गुजरते है। खासकर दुपहिया वाहन चालक टूटी बजरी और धूल में होकर गुजरने को मजबूर हैं।
सेतु निगम द्वारा पुल के दोनों तरफ ‘सावधान निर्माण प्रगति पर है’ का बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली है। वही लोक निर्माण विभाग के एक्सईन अजय भास्कर ने बताया कि पुल के दोनों तरफ सड़क निर्माण भी सेतु निगम द्वारा किया जाएगा। उधर, प्रधान लकड़संधा राहुल कशयप, व्यापारी अरविंद कुमार, अजय कंसल आदि का कहना है कि विभाग की उदासीनता के चलते महत्वपूर्ण सड़क से जुड़ने वाले पुल के दोनों तरफ अधूरे निर्माण से लोगों को कोई फायदा नहीं हो पा रहा है।
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सात किलोमीटर कम हो जाएंगे
इस पुल पर दोनों ओर सड़क का निर्माण होने से राहगीर रामलीला टिल्ला मार्ग से सीधा काली नदी पार करके शहर में पहुंच जाएंगे। ऐसा होने पर राहगीरों को करीब सात किलोमीटर चक्कर काट कर शहर नहीं आना पड़ेगा।
पुल बन कर तैयार है। सेतु निगम द्वारा पुल के दोनों ओर सड़क का निर्माण करना है, मगर कोरोना संक्रमण काल के कारण कार्य पूरा नहीं हो सका है। अब इस सड़क निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाएगा - दीपक कुमार, एसडीएम सदर
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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर-चरथावल मार्ग पर मदरसे के पास बह रही काली नदी पर शहर के रामलीला टिल्ला को जोड़ने के लिए पुल बनाया गया है। मेरठ के सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण पूरा किए छह महीने से ज्यादा बीत चुके हैं। अभी तक सड़क का निर्माण नहीं होने से आवागमन शुरू नहीं हो सका है।
शासन ने चरथावल-थानाभवन मार्ग के कई दर्जन गांवों के लोगों को भीड़ से बचाकर शहर में आने के लिए पुल बनवाया गया था। शहर के बाहरी छोर पर चरथावल मार्ग पर मदरसे के निकट काली नदी पर न्याजुपुरा-रामलीला टिल्ला को जोड़ने के लिए पुल बनकर तैयार हुए अरसा बीत गया। कई महीने पूर्व दोनों तरफ मिट्टी के ढेर और कच्ची सड़क पर मिट्टी के ढेर लगा दिए गए। परंतु पुल के किनारों को पक्का तैयार नहीं किया। अधूरे निर्माण के चलते अभी तक आवागमन भी नहीं हा पा रहा है, साथ ही उड़ती धूल के गुब्बार से लोग बेहाल हैं। इसी जगह पुल से डायवर्ट किया गए मुजफ्फरनगर चरथावल मार्ग टूटा पड़ा हैं। इस जर्जर मार्ग से हजारों वाहन गुजरते है। खासकर दुपहिया वाहन चालक टूटी बजरी और धूल में होकर गुजरने को मजबूर हैं।
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सेतु निगम द्वारा पुल के दोनों तरफ ‘सावधान निर्माण प्रगति पर है’ का बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली है। वही लोक निर्माण विभाग के एक्सईन अजय भास्कर ने बताया कि पुल के दोनों तरफ सड़क निर्माण भी सेतु निगम द्वारा किया जाएगा। उधर, प्रधान लकड़संधा राहुल कशयप, व्यापारी अरविंद कुमार, अजय कंसल आदि का कहना है कि विभाग की उदासीनता के चलते महत्वपूर्ण सड़क से जुड़ने वाले पुल के दोनों तरफ अधूरे निर्माण से लोगों को कोई फायदा नहीं हो पा रहा है।
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सात किलोमीटर कम हो जाएंगे
इस पुल पर दोनों ओर सड़क का निर्माण होने से राहगीर रामलीला टिल्ला मार्ग से सीधा काली नदी पार करके शहर में पहुंच जाएंगे। ऐसा होने पर राहगीरों को करीब सात किलोमीटर चक्कर काट कर शहर नहीं आना पड़ेगा।
पुल बन कर तैयार है। सेतु निगम द्वारा पुल के दोनों ओर सड़क का निर्माण करना है, मगर कोरोना संक्रमण काल के कारण कार्य पूरा नहीं हो सका है। अब इस सड़क निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाएगा - दीपक कुमार, एसडीएम सदर