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प्रियंका ने किसानों को बताया देश की धड़कन
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किसान पंचायत को संबोधित करतीं प्रियंका गांधी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
प्रियंका गांधी का भाषण किसानों पर फोकस
मुजफ्फरनगर। बघरा की किसान पंचायत में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के भाषण का पूरा फोकस किसानों पर रहा। उन्होंने राकेश टिकैत के आंसू और गन्ना किसानों की पीड़ा को भी अपने भाषण के केंद्र में रखा। किसानों को देश की धड़कन बताया। जवान और किसान को एक साथ जोड़कर आम जनता को झकझोरने का काम किया।
शनिवार को बघरा स्थित कल्याणकारी इंटर कॉलेज में आयोजित किसान पंचायत में प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूरी तरह से सधा हुआ भाषण दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अपने भाषण का फोकस किसान पर रखा। प्रियंका गांधी ने आम किसानों को अपने साथ जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह हर आदमी का एक दिल होता है, इसी तरह देश का हृदय भी होता है। इस देश की धड़कन किसान है। किसान ही है, जो जमीन को उपजाऊ बनाकर अन्न पैदा करता है। इन किसानों और जनता से ही सरकार बनती है। सरकारों का कर्तव्य है कि वह जनता की पीड़ा को सुने। प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब टिकैत के आंसू गिर रहे थे, तो प्रधानमंत्री हंस रहे थे। किसानों को जोड़ते हुए गन्ने का जिक्र किया। कहा कि बिजनौर की रैली के दौरान उन्हें किसानों ने बताया कि मूल्य की जगह शून्य लिखा जा रहा है। हमने इस पर बोला तो सरकार ने रेट घोषित किया। गन्ना भुगतान नहीं होने पर सरकार को घेरते हुए सीधे कहा कि प्रधानमंत्री के पास हवाई जहाज खरीदने और संसद बनवाने के लिए पैसा है, किसानों को देने के लिए नहीं है। आम किसानों की नब्ज पर हाथ रखते हुए कहा कि इस सरकार को किसानों की नहीं अपने पूंजीपति मित्रों की चिंता है। जिन किसानों के बेटे देश की सीमा की रक्षा कर रहे हैं, उनकी पीड़ा सुनने का वक्त सरकार के पास नहीं है। दिल्ली के बॉर्डर को किसानों के लिए देश की सीमा बना दिया गया। देशभक्त किसानों को आतंकी, राष्ट्रदोही, आंदोलनजीवी बता दिया। प्रियंका गांधी जितनी देर बोली, पूरा पंडाल शांत रहा, लोगों ने उन्हें दिल से सुना।
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मुजफ्फरनगर। बघरा की किसान पंचायत में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के भाषण का पूरा फोकस किसानों पर रहा। उन्होंने राकेश टिकैत के आंसू और गन्ना किसानों की पीड़ा को भी अपने भाषण के केंद्र में रखा। किसानों को देश की धड़कन बताया। जवान और किसान को एक साथ जोड़कर आम जनता को झकझोरने का काम किया।
शनिवार को बघरा स्थित कल्याणकारी इंटर कॉलेज में आयोजित किसान पंचायत में प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूरी तरह से सधा हुआ भाषण दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अपने भाषण का फोकस किसान पर रखा। प्रियंका गांधी ने आम किसानों को अपने साथ जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह हर आदमी का एक दिल होता है, इसी तरह देश का हृदय भी होता है। इस देश की धड़कन किसान है। किसान ही है, जो जमीन को उपजाऊ बनाकर अन्न पैदा करता है। इन किसानों और जनता से ही सरकार बनती है। सरकारों का कर्तव्य है कि वह जनता की पीड़ा को सुने। प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब टिकैत के आंसू गिर रहे थे, तो प्रधानमंत्री हंस रहे थे। किसानों को जोड़ते हुए गन्ने का जिक्र किया। कहा कि बिजनौर की रैली के दौरान उन्हें किसानों ने बताया कि मूल्य की जगह शून्य लिखा जा रहा है। हमने इस पर बोला तो सरकार ने रेट घोषित किया। गन्ना भुगतान नहीं होने पर सरकार को घेरते हुए सीधे कहा कि प्रधानमंत्री के पास हवाई जहाज खरीदने और संसद बनवाने के लिए पैसा है, किसानों को देने के लिए नहीं है। आम किसानों की नब्ज पर हाथ रखते हुए कहा कि इस सरकार को किसानों की नहीं अपने पूंजीपति मित्रों की चिंता है। जिन किसानों के बेटे देश की सीमा की रक्षा कर रहे हैं, उनकी पीड़ा सुनने का वक्त सरकार के पास नहीं है। दिल्ली के बॉर्डर को किसानों के लिए देश की सीमा बना दिया गया। देशभक्त किसानों को आतंकी, राष्ट्रदोही, आंदोलनजीवी बता दिया। प्रियंका गांधी जितनी देर बोली, पूरा पंडाल शांत रहा, लोगों ने उन्हें दिल से सुना।
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