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‘बाढ़ से बचाव नहीं, समाधान चाहिए’
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छपार टोल प्लाजा पर सरकार विरोधी नारे लगाते भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
छपार/रोहाना (मुजफ्फरनगर)। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर जनपद के छपार और रोहाना टोल प्लाजा पर चल रहा भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना दसवें दिन जारी रहा। शुक्रवार को धरनास्थलों पर खादर क्षेत्र में हर साल आने वाली बाढ़ पर चर्चा करते हुए अफसरों पर बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करने के बहाने पिकनिक मनाने का आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि इस बार ऐसे अफसरों को बंधक बनाया जाएगा। उन्हें बाढ़ का बचाव नहीं, समाधान चाहिए।
दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर भाकियू ने जनपद के छपार व रोहाना टोल प्लाजा पर गत 26 मई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। शुक्रवार को लगातार दसवें दिन दोनों टोल प्लाजा पर धरना जारी रहा। इस दौरान छपार टोल प्लाजा पर खादर क्षेत्र में हर साल आने वाली बाढ़ के मुद्दे पर चर्चा की गई।
भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि खादर क्षेत्र के गांव शेरपुर, अमलावाला व बढ़ीवाला समेत अन्य सभी गांवों में अगस्त माह में बरसात के दौरान हर साल बाढ़ आती है। इससे क्षेत्र की सैकड़ों बीघा भूमि जलमग्न हो जाती है, जिसमें खड़ी फसल भी बर्बाद हो जाती है। इस विभीषिका के बीच भी जिले के अफसर बाढ़ का निरीक्षण करने के बहाने नाव में बैठकर पिकनिक मनाते हैं। इस बार ऐसे अफसरों को बंधक बनाया जाएगा। इसके लिए बाढ़ से पहले खादर क्षेत्र में बांध का निर्माण किया जाना चाहिए।
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भाकियू कार्यकर्ताओं ने गांव शेरपुर खादर से भदौला गांव तक की जर्जर हो चुकी सड़क के निर्माण की भी मांग की। भाकियू पदाधिकारी बूटा सिंह ने बताया कि खादर क्षेत्र में एक बड़ी झील है, जिसमें वहां की सैकड़ों बीघा भूमि जलमग्न है। उन्होंने उक्त झील से नदी तक एक नाला बनाकर उसका पानी गंगा में छुड़वाया जाना चाहिए। इससे जहां एक ओर झील में जलमग्न भूमि बचेगी, वहीं गंगा में भी पानी की पूर्ति हो जाएगी। धरनास्थल पर राहुल, प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, यशवेंदर सिंह, पवनदीप सिंह, पदम सिंह, कय्यूम अंसारी, मनोज त्यागी, रोबिन शर्मा, सुधीर, विक्रम सिंह और आयुष आदि मौजूद रहे।
उधर, रोहाना टोल प्लाजा पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने रात्रि विश्राम के लिए टोल पर ही अस्थायी झोपड़ी का निर्माण कर दिया। भाकियू तहसील अध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि लगातार दस दिन से चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर मौजूद कार्यकर्ताओं के रात्रि विश्राम के लिए इस झोपड़ी का निर्माण किया गया है। यहां रात्रि विश्राम के साथ ही दिन में खाना भी बनाया जाएगा। धरना स्थल पर शक्ति सिंह, अमित कुमार, बबलू, कुलदीप और मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
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दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर भाकियू ने जनपद के छपार व रोहाना टोल प्लाजा पर गत 26 मई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। शुक्रवार को लगातार दसवें दिन दोनों टोल प्लाजा पर धरना जारी रहा। इस दौरान छपार टोल प्लाजा पर खादर क्षेत्र में हर साल आने वाली बाढ़ के मुद्दे पर चर्चा की गई।
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भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि खादर क्षेत्र के गांव शेरपुर, अमलावाला व बढ़ीवाला समेत अन्य सभी गांवों में अगस्त माह में बरसात के दौरान हर साल बाढ़ आती है। इससे क्षेत्र की सैकड़ों बीघा भूमि जलमग्न हो जाती है, जिसमें खड़ी फसल भी बर्बाद हो जाती है। इस विभीषिका के बीच भी जिले के अफसर बाढ़ का निरीक्षण करने के बहाने नाव में बैठकर पिकनिक मनाते हैं। इस बार ऐसे अफसरों को बंधक बनाया जाएगा। इसके लिए बाढ़ से पहले खादर क्षेत्र में बांध का निर्माण किया जाना चाहिए।
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भाकियू कार्यकर्ताओं ने गांव शेरपुर खादर से भदौला गांव तक की जर्जर हो चुकी सड़क के निर्माण की भी मांग की। भाकियू पदाधिकारी बूटा सिंह ने बताया कि खादर क्षेत्र में एक बड़ी झील है, जिसमें वहां की सैकड़ों बीघा भूमि जलमग्न है। उन्होंने उक्त झील से नदी तक एक नाला बनाकर उसका पानी गंगा में छुड़वाया जाना चाहिए। इससे जहां एक ओर झील में जलमग्न भूमि बचेगी, वहीं गंगा में भी पानी की पूर्ति हो जाएगी। धरनास्थल पर राहुल, प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, यशवेंदर सिंह, पवनदीप सिंह, पदम सिंह, कय्यूम अंसारी, मनोज त्यागी, रोबिन शर्मा, सुधीर, विक्रम सिंह और आयुष आदि मौजूद रहे।
उधर, रोहाना टोल प्लाजा पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने रात्रि विश्राम के लिए टोल पर ही अस्थायी झोपड़ी का निर्माण कर दिया। भाकियू तहसील अध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि लगातार दस दिन से चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर मौजूद कार्यकर्ताओं के रात्रि विश्राम के लिए इस झोपड़ी का निर्माण किया गया है। यहां रात्रि विश्राम के साथ ही दिन में खाना भी बनाया जाएगा। धरना स्थल पर शक्ति सिंह, अमित कुमार, बबलू, कुलदीप और मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।