दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा को लेकर पश्चिमी यूपी के दिग्गज भाजपा नेता और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने बड़े-बड़े बयान दिए हैं। जहां भाकियू नेता सरकार पर आरोप लगा रहे हैं तो वहीं राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा सरकार मांगें मान चुकी है, किसान नेता अपनी रोटियां सेकने में लगे हैं, ये आंदोलन खत्म नहीं करना चाहते। आगे विस्तार से पढ़िए किसने क्या कहा-
दिल्ली हिंसा पर नेताओं के बड़े बयान, चौधरी नरेश टिकैत समेत पढ़िए किसने क्या कहा...
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आंदोलन तोड़ने की साजिश, डरकर मोर्चा नहीं छोड़ेंगे किसान : नरेश टिकैत
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों का शांतिपूर्ण आंदोलन तोड़ने के लिए साजिश रची गई है। लालकिला जैसी ऐतिहासिक जगह पर इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच किसानों के नाम पर सिर्फ कुछ लोग कैसे पहुंच गए। सीधे-सादे किसान तो दिल्ली का रास्ता भी नहीं जानते, उन्हें गुमराह करके और रास्ता भटकाकर ले जाया गया। नरेश टिकैत का कहना है कि हमें उम्मीद नहीं थी कि ऐसा होगा। जो हुआ बहुत गलत हुआ है। हम हिंसा के विरुद्ध हैं और इसकी निंदा करते हैं। दिल्ली की हिंसा के जो भी दोषी है, जांच कराकर उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। लाल किले पर हिंसा करने वाले भाकियू कार्यकर्ता नहीं थे।
हमारे किसान वहां नहीं गए। तीनों कृषि कानूनों का विरोध जारी है, बिना समझौते के गाजीपुर बॉर्डर से नहीं उठेंगे। दिल्ली में हिंसक झड़पों के बाद सिसौली लौटते हुए भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने राष्ट्रवंदना चौक पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पूरी तरह फेल हो गई है। किसान इन साजिशों से घबराने वाले नहीं हैं, आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन में किसान की मौत हुई है, सरकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। किसानों के ट्रैक्टर तोड़ दिए गए। मृतक किसान के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों की संपत्ति का जो नुकसान हुआ है, केंद्र को उसकी भरपाई करनी चाहिए। किसान आंदोलन के खिलाफ पूरी साजिश रची गई है।
खाप चौधरी बोले, दिल्ली उपद्रव सरकार की साजिश
ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हुई हिंसक झड़प पर खाप चौधरियों का कहना है कि किसानों को बदनाम करने की साजिश रची गई है। यह हर व्यक्ति हकीकत जानता है। किसान सत्य और अहिंसा के पुजारी होते हैं। जो किसान हैं, वो हिंसक नहीं हो सकते। जो हिंसक थे, वे किसान नहीं थे। आंदोलन को तोड़ने के लिए साजिश सरकार ने रची है। इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने चाहिए।
बागपत में बड़ौत देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को रास्ता भटकाया गया। इसमें किसानों की गलती नहीं है। दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए किसानों को दोषी ठहरा रही है। राकेश टिकैत पूरी तरह बेकसूर हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। पंवार खाप के चौधरी धर्मवीर सिंह पंवार ने कहा कि किसान तो शांतिपूर्ण ढंग से परेड निकाल रहे थे। लाल किले पर झंडा फहराने की घटना बहुत निंदनीय है। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
हिंसा में घायल पुलिसकर्मी किसानों के बेटे : राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान
केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान ने कहा कि दिल्ली हिंसा में घायल पुलिसकर्मी किसानों के बेटे हैं। सरकार मांगें मान चुकी है, किसान नेता अपनी रोटियां सेकने में लगे हैं, ये आंदोलन खत्म नहीं करना चाहते। सरकार किसी दोषी को बख्शेगी नहीं, सब पर कार्रवाई होगी। रामपुर तिराहे पर कार्यक्रम में शामिल होने आए डॉक्टर संजीव बालियान ने पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि बिल को लेकर आंदोलनरत किसानों की अधिकतम मांगे मान ली है। कानून फिलहाल लागू भी नहीं हो रहा है। कुछ किसान नेता किसानों को भ्रमित कर रहे हैं। 26 जनवरी को लालकिले पर जो हुआ यह देश को अपमानित करने वाला है।
दिल्ली में जिन उपद्रवियों ने पुलिस कर्मियों पर हमला किया वह सब किसानों के ही तो बेटे हैं। अधिकतम हरियाणा और पश्चिमी यूपी के ही हैं। भाजपा सरकार में पुलिस किसी किसान पर डंडा नहीं उठाती। बावजूद इसके इस तरह का तांडव दुर्भाग्यपूर्ण है। जो किसान नेता भीड़ के बेकाबू होने की बात करते हैं, जब वह भीड़ संभाल नहीं सकते तो बुलाते क्यों हैं। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के पीछे पश्चिम के एक राजनीतिक दल का भी हाथ है। सभी लोग जानते हैं कि लालकिले और आईटीओ पर कौन लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी किसानों से अपील करता हूं जो दिल्ली बॉर्डर पर हैं अपने घर लौट जाएं।
दिल्ली में हिंसा के पीछे कम्युनिस्ट पार्टी का हाथ : स्वतंत्रदेव सिंह
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि दिल्ली में किसानों द्वारा की गई हिंसा के पीछे कम्युनिस्ट पार्टी का हाथ है। आंदोलन में किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं होनी चाहिए।
मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहे पर कार्यक्रम में भाग लेने आए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि सभी विपक्षी दल भाजपा सरकारों को बदनाम करने के लिए विभिन्न प्रकार की साजिश रच रहे हैं। किसान आंदोलन भी इसी साजिश का एक हिस्सा है। कम्युनिस्ट पार्टी देश में लगभग समाप्त हो चुकी है। बंगाल में वह खत्म होने के कगार पर है। कम्युनिस्ट पार्टी किसी तरह से देश में हिंसा चाहती है।
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