{"_id":"6ac64483066f4e975000dd75","slug":"mandatory-requirement-of-section-80-removed-yet-noc-still-being-demanded-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1005-182545-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: धारा 80 की अनिवार्यता खत्म, फिर भी मांगी जा रही एनओसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: धारा 80 की अनिवार्यता खत्म, फिर भी मांगी जा रही एनओसी
विज्ञापन
- लघु उद्योग भारती ने मंडल आयुक्त से की हस्तक्षेप की मांग
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश-2026 लागू होने के बावजूद विकास प्राधिकरणों और राजस्व विभाग से जुड़े स्तर पर धारा 80 की प्रक्रिया और अलग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगे जाने की शिकायत की गई है। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष जग मोहन गोयल ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर शासनादेश का कड़ाई से अनुपालन कराने और संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश सरकार ने 8 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश-2026 जारी किया था। इसमें उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 80(8) में संशोधन किया गया है।
संशोधन के अनुसार विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विनियमित क्षेत्र, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण अथवा उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाली ऐसी भूमि, जिसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा भवन निर्माण, विकास अनुज्ञा अथवा लेआउट प्लान स्वीकृत किया जा चुका है। उसे धारा 80(2) के तहत स्वत: अकृषिक घोषित माना जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश-2026 लागू होने के बावजूद विकास प्राधिकरणों और राजस्व विभाग से जुड़े स्तर पर धारा 80 की प्रक्रिया और अलग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगे जाने की शिकायत की गई है। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष जग मोहन गोयल ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर शासनादेश का कड़ाई से अनुपालन कराने और संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश सरकार ने 8 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश-2026 जारी किया था। इसमें उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 80(8) में संशोधन किया गया है।
विज्ञापन
संशोधन के अनुसार विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विनियमित क्षेत्र, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण अथवा उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाली ऐसी भूमि, जिसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा भवन निर्माण, विकास अनुज्ञा अथवा लेआउट प्लान स्वीकृत किया जा चुका है। उसे धारा 80(2) के तहत स्वत: अकृषिक घोषित माना जाएगा।
विज्ञापन