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Muzaffarnagar News: देहरादून के लिए ... रामपुर तिराह कांड में बचाव पक्ष ने की जिरह, अब आठ अप्रैल को सुनवाई
Thu, 04 Apr 2024 01:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 04 Apr 2024 01:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में पीडि़तों से हथियारों की फर्जी बरामदगी के मामले में बचाव पक्ष ने जिरह की। सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल ने अगली सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तिथि तय की है।
उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिजीवल की अदालत में सीबीआई बनाम बृज किशोर की पत्रावली की सुनवाई हुई। इस पत्रावली में सीबीआई की जांच में सामने आया था कि पुलिस ने पीडि़तों पर फर्जी बरामदगी का केस दर्ज किया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की है।
क्या था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया था। पुलिस की फायरिंग में सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने जांच की। अलग-अलग मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है।
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मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में पीडि़तों से हथियारों की फर्जी बरामदगी के मामले में बचाव पक्ष ने जिरह की। सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक जायसवाल ने अगली सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तिथि तय की है।
उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिजीवल की अदालत में सीबीआई बनाम बृज किशोर की पत्रावली की सुनवाई हुई। इस पत्रावली में सीबीआई की जांच में सामने आया था कि पुलिस ने पीडि़तों पर फर्जी बरामदगी का केस दर्ज किया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की है।
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क्या था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया था। पुलिस की फायरिंग में सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने जांच की। अलग-अलग मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है।
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