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फर्जी प्रमाण-पत्र से ली स्कॉलरशिप, हेड कांस्टेबल और उसके बेटे के खिलाफ मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 13 May 2016 11:47 PM IST
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- फोटो : crime logo
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यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल पर फर्जीवाड़ा कर खुद को पेंशनभोगी दर्शाकर बेटे को डेढ़ लाख रुपये से अधिक की स्कॉलरशिप दिलाने का आरोप लगाया गया है। डीआईजी अशोक कुमार राघव से शिकायत के बाद बाप-बेटे के खिलाफ नईमंडी कोतवाली में केस दर्ज कर लिया गया है।
तितावी थानाक्षेत्र अंतर्गत नंगला पिथौरा गांव निवासी नीरज कुमार ने डीआईजी को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि थानाभवन क्षेत्र के कुतबगढ़ गांव निवासी रतिराम फिलहाल अलमासपुर में रहता है। वह उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल है और मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन कार्यालय में तैनात है। आरोप है कि रतिराम ने मुजफ्फरनगर तहसील से फर्जी आय प्रमाण-पत्र बनवाया, जिसमें खुद को वर्ष 2013 में 31 सितंबर को सेवानिवृत्त दर्शाया।
इस प्रमाण-पत्र के आधार पर उसके बेटे अरुण कुमार ने जनहित दयाल कॉलेज गाजियाबाद और दीन दयाल कॉलेज मुजफ्फरनगर से कुल 1,53,450 रुपये की छात्रवृत्ति हासिल कर ली, जबकि रतिराम रिटायर नहीं हुआ है और पुलिस सेवा में कार्यरत है। वादी का कहना है कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया है।
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पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाला धन हड़पा है। खाकी द्वारा धोखाधड़ी करने का यह गंभीर मामला प्रकाश में आने पर डीआईजी अशोक कुमार राघव ने नईमंडी कोतवाली पुलिस को केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए। जिसके बाद पुलिस ने रतिराम और उसके बेटे अरुण कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से दूसरे छात्रों द्वारा बनवाए गए प्रमाण पत्रों की जांच की तैयारी हो रही है कि कहीं और छात्रों ने तो ऐसा फर्जीवाड़ा नहीं किया है।
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तितावी थानाक्षेत्र अंतर्गत नंगला पिथौरा गांव निवासी नीरज कुमार ने डीआईजी को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि थानाभवन क्षेत्र के कुतबगढ़ गांव निवासी रतिराम फिलहाल अलमासपुर में रहता है। वह उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल है और मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन कार्यालय में तैनात है। आरोप है कि रतिराम ने मुजफ्फरनगर तहसील से फर्जी आय प्रमाण-पत्र बनवाया, जिसमें खुद को वर्ष 2013 में 31 सितंबर को सेवानिवृत्त दर्शाया।
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इस प्रमाण-पत्र के आधार पर उसके बेटे अरुण कुमार ने जनहित दयाल कॉलेज गाजियाबाद और दीन दयाल कॉलेज मुजफ्फरनगर से कुल 1,53,450 रुपये की छात्रवृत्ति हासिल कर ली, जबकि रतिराम रिटायर नहीं हुआ है और पुलिस सेवा में कार्यरत है। वादी का कहना है कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया है।
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पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाला धन हड़पा है। खाकी द्वारा धोखाधड़ी करने का यह गंभीर मामला प्रकाश में आने पर डीआईजी अशोक कुमार राघव ने नईमंडी कोतवाली पुलिस को केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए। जिसके बाद पुलिस ने रतिराम और उसके बेटे अरुण कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से दूसरे छात्रों द्वारा बनवाए गए प्रमाण पत्रों की जांच की तैयारी हो रही है कि कहीं और छात्रों ने तो ऐसा फर्जीवाड़ा नहीं किया है।