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कारोबारी रंजिश में हुआ था राठी का खून, छह आरोपी गिरफ्तार किए
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:45 PM IST
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राठी हत्याकांड में पकड़े गए हत्यारोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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मंसूरपुर के चर्चित कारोबारी यशपाल राठी की हत्या का खुलासा क्राइम ब्रांच की टीम ने कर दिया है। मामले में शामिल छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता के चलते की गई इस हत्या में अभी दो आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने पिस्टल, तमंचे और चोरी की बाइक बरामद की है।
मंसूरपुर नेशनल हाईवे पर 25 जनवरी की रात अपनी दुकान के बाहर कार में बैठे चर्चित कारोबारी यशपाल राठी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मामले में लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर रात में ही हाईवे पर जाम लगा दिया था। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने भी मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली थी। एसएसपी ने वारदात के खुलासे को लेकर क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया था।
टीम ने कई बिंदुओं पर जांच शुरू की। सर्विलांस के माध्यम से छह आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने नावला कोठी के पास हुई मुठभेड़ के बाद आरोपी सद्दाम पुत्र मेराजुद्दीन निवासी जोहरा मंसूरपुर, मान सिंह पुत्र धर्मेंद्र सिंह निवासी धनसैनी तितावी, विक्की उर्फ अनिरुद्ध पुत्र रविंद्र पाल निवासी पिलौना फलावदा मेरठ, अंकित भारद्वाज पुत्र अनिल कुमार पुत्र दुल्हैड़ा पल्लवपुरम मेरठ, परविंदर पुत्र धीर सिंह निवासी टिटौला खतौली और टिंकू उर्फ अभिषेक पुत्र रामबीर निवासी मंसूरपुर को गिरफ्तार कर लिया।
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मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी बबलू कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी विक्की उर्फ अनिरुद्ध का यशपाल राठी से भगतजी स्वीट्स के टाइटल को लेकर विवाद चल रहा था। यशपाल ने आरोपी और उसकी बहन के खिलाफ विवाद के चलते 2014 में थाना मंसूरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में काफी दिनों से विवाद चला आ रहा था। विक्की ने इस बात का जिक्र अपने दोस्त डाबका निवासी अंकुर चौधरी से किया।
अंकुर चौधरी ने भाड़े के शूटर सद्दाम, मान सिंह और कपिल से 50 हजार की सुपारी देकर हत्या की योजना तैयार की। 25 जनवरी को घटना को अंजाम दिया गया। मौके पर सद्दाम और मान सिंह ने गोलियां चलाई थीं, बाकी आरोपी भी आसपास ही थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पैदल ही मौके से फरार हो गए थे। एसएसपी ने बताया कि दो आरोपी अंकुश चौधरी और कपिल उर्फ मोनू अभी फरार चल रहे हैं। दोनों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों के पास से .30 बोर की पिस्टल, तमंचा, कारतूस और चोरी की बाइक मिली हैं। कप्तान ने बदमाशों को पकड़ने वाली टीम को आईजी से इनाम दिलाने का भरोसा दिलाया है।
आरोपियों को पकड़ने वाली टीम
मुजफ्फरनगर। यशपाल राठी को पकड़ने वाली टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी सुनील शर्मा, मंसूरपुर प्रभारी निरीक्षक सुभाष सिंह, स्वाट प्रभारी प्रवेश कुमार, रईश खान, अफजाल, दीपक कुमार, गुरनाम, अमित और सोनू शर्मा।
एक सप्ताह से थे राठी के पीछे
मुजफ्फरनगर। यशपाल राठी की हत्या मामले में आरोपी एक सप्ताह से रेकी कर रहे थे। घर में शादी होने के चलते राठी बाहर कम ही निकल रहा था। घटना वाली रात सड़क पर कार में बैठा था, आरोपियों को मौका मिला और घटना को अंजाम दे दिया।
होटल पर की थी फायरिंग
मुजफ्फरनगर। शूटर सद्दाम और मानसिंह ने घटना से दस दिन पूर्व राठी की तलाश में शहर के महावीर चौक स्थित एक होटल पर फायर किया था, लेकिन उस दिन राठी के वहां नहीं होने से मामला खाली रह गया था। यशपाल राठी अक्सर होटल पर बैठने जाता था।
पिस्टल की होगी जांच
मुजफ्फरनगर। यशपाल राठी की हत्या में इस्तेमाल किए गए .30 बोर की पिस्टल की जांच एफएसएल टीम करेगी। कप्तान बबलू कुमार ने बताया कि सद्दाम द्वारा हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल की एफएसएल टीम से जांच कराई जाएगी।
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मंसूरपुर नेशनल हाईवे पर 25 जनवरी की रात अपनी दुकान के बाहर कार में बैठे चर्चित कारोबारी यशपाल राठी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मामले में लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर रात में ही हाईवे पर जाम लगा दिया था। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने भी मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली थी। एसएसपी ने वारदात के खुलासे को लेकर क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया था।
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टीम ने कई बिंदुओं पर जांच शुरू की। सर्विलांस के माध्यम से छह आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने नावला कोठी के पास हुई मुठभेड़ के बाद आरोपी सद्दाम पुत्र मेराजुद्दीन निवासी जोहरा मंसूरपुर, मान सिंह पुत्र धर्मेंद्र सिंह निवासी धनसैनी तितावी, विक्की उर्फ अनिरुद्ध पुत्र रविंद्र पाल निवासी पिलौना फलावदा मेरठ, अंकित भारद्वाज पुत्र अनिल कुमार पुत्र दुल्हैड़ा पल्लवपुरम मेरठ, परविंदर पुत्र धीर सिंह निवासी टिटौला खतौली और टिंकू उर्फ अभिषेक पुत्र रामबीर निवासी मंसूरपुर को गिरफ्तार कर लिया।
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मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी बबलू कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी विक्की उर्फ अनिरुद्ध का यशपाल राठी से भगतजी स्वीट्स के टाइटल को लेकर विवाद चल रहा था। यशपाल ने आरोपी और उसकी बहन के खिलाफ विवाद के चलते 2014 में थाना मंसूरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में काफी दिनों से विवाद चला आ रहा था। विक्की ने इस बात का जिक्र अपने दोस्त डाबका निवासी अंकुर चौधरी से किया।
अंकुर चौधरी ने भाड़े के शूटर सद्दाम, मान सिंह और कपिल से 50 हजार की सुपारी देकर हत्या की योजना तैयार की। 25 जनवरी को घटना को अंजाम दिया गया। मौके पर सद्दाम और मान सिंह ने गोलियां चलाई थीं, बाकी आरोपी भी आसपास ही थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पैदल ही मौके से फरार हो गए थे। एसएसपी ने बताया कि दो आरोपी अंकुश चौधरी और कपिल उर्फ मोनू अभी फरार चल रहे हैं। दोनों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों के पास से .30 बोर की पिस्टल, तमंचा, कारतूस और चोरी की बाइक मिली हैं। कप्तान ने बदमाशों को पकड़ने वाली टीम को आईजी से इनाम दिलाने का भरोसा दिलाया है।
आरोपियों को पकड़ने वाली टीम
मुजफ्फरनगर। यशपाल राठी को पकड़ने वाली टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी सुनील शर्मा, मंसूरपुर प्रभारी निरीक्षक सुभाष सिंह, स्वाट प्रभारी प्रवेश कुमार, रईश खान, अफजाल, दीपक कुमार, गुरनाम, अमित और सोनू शर्मा।
एक सप्ताह से थे राठी के पीछे
मुजफ्फरनगर। यशपाल राठी की हत्या मामले में आरोपी एक सप्ताह से रेकी कर रहे थे। घर में शादी होने के चलते राठी बाहर कम ही निकल रहा था। घटना वाली रात सड़क पर कार में बैठा था, आरोपियों को मौका मिला और घटना को अंजाम दे दिया।
होटल पर की थी फायरिंग
मुजफ्फरनगर। शूटर सद्दाम और मानसिंह ने घटना से दस दिन पूर्व राठी की तलाश में शहर के महावीर चौक स्थित एक होटल पर फायर किया था, लेकिन उस दिन राठी के वहां नहीं होने से मामला खाली रह गया था। यशपाल राठी अक्सर होटल पर बैठने जाता था।
पिस्टल की होगी जांच
मुजफ्फरनगर। यशपाल राठी की हत्या में इस्तेमाल किए गए .30 बोर की पिस्टल की जांच एफएसएल टीम करेगी। कप्तान बबलू कुमार ने बताया कि सद्दाम द्वारा हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल की एफएसएल टीम से जांच कराई जाएगी।