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दो बच्चियों में एक की सेहत बिगड़ी, कुपोषण के चलते पेट में हुआ इंफेक्शन
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:19 AM IST
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बच्ची को उपचार के लिए ले जाती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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तीन दिन पहले रेलवे स्टेशन पर छोड़ी गई दोनों बच्चियों के परिजनों का अभी तक पता लगाने में पुलिस प्रशासन नाकाम है। बच्चियों के बारे में अभी तक कोई अहम सुराग पुलिस को नहीं लग सका है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी दोनों की देखरेख कर रही है। छोटी बच्ची की हालत चिंताजनक बनी है, जिसे मंगलवार शाम को मेरठ मेडिकल रेफर किया गया है।
अतिकुपोषण के कारण इस मासूम के पेट में इंफेक्शन होने पर वह खतरे से बाहर नहीं है। उधर, जीआरपी ने दोनों बच्चियों के परिजनों की तलाश में अपनी कार्रवाई तेज करते हुए दोनों के फोटो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, ताकि कोई इसके बारे में जानकारी दे सके। पुलिस प्रशासन भी सोशल मीडिया के सहारे बच्चियों के परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने में जुटा हुआ है।
रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल हाल के सामने बेंच पर दोनों बच्चियां लावारिस मिली थीं, जिनमें से एक की उम्र करीब एक साल और दूसरी की उम्र लगभग ढाई साल है।
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जीआरपी ने दोनों बच्चियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) अध्यक्ष कमलेश वर्मा को मौके पर बुला कर दोनों बच्चियों को उन्हें सौंप दिया था। सीडब्ल्यूसी टीम ने दोनों बच्चियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
आराम मिलने पर शाम को दोनों को आदर्श कालोनी स्थित बाल गृह केंद्र पर ले जाया गया। सोमवार को छोटी बच्ची को अचानक तबीयत बिगडऩे पर फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। मगर यहां उसे राहत नहीं मिल सकी। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ गरिमा अग्रवाल और डॉ एके अग्रवाल ने बच्ची का उपचार किया।
बताया कि वह अतिकुपोषण का शिकार है, जिस कारण इसके पेट में इंफेक्शन हो गया है। उसकी हालत गंभीर है, जिसे मेरठ मेडिकल के पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर किया गया है। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष कमलेश वर्मा ने बताया कि छोटी बच्ची को जिला बाल संक्षरण इकाई की मीना त्यागी और संजय कुमार मेरठ मेडिकल लेकर गए है।
बड़ी बच्ची आदर्श कालोनी के बाल गृह में है। उन्होंने बताया कि अभी तक दोनों बच्चियों के वारिस नहीं मिले हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही इनके फोटो समाचार पत्रों और न्यूज चैनल पर प्रकाशित कराए जाएंगे, ताकि इनकी पहचान हो सके।
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अतिकुपोषण के कारण इस मासूम के पेट में इंफेक्शन होने पर वह खतरे से बाहर नहीं है। उधर, जीआरपी ने दोनों बच्चियों के परिजनों की तलाश में अपनी कार्रवाई तेज करते हुए दोनों के फोटो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, ताकि कोई इसके बारे में जानकारी दे सके। पुलिस प्रशासन भी सोशल मीडिया के सहारे बच्चियों के परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने में जुटा हुआ है।
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रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल हाल के सामने बेंच पर दोनों बच्चियां लावारिस मिली थीं, जिनमें से एक की उम्र करीब एक साल और दूसरी की उम्र लगभग ढाई साल है।
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जीआरपी ने दोनों बच्चियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) अध्यक्ष कमलेश वर्मा को मौके पर बुला कर दोनों बच्चियों को उन्हें सौंप दिया था। सीडब्ल्यूसी टीम ने दोनों बच्चियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
आराम मिलने पर शाम को दोनों को आदर्श कालोनी स्थित बाल गृह केंद्र पर ले जाया गया। सोमवार को छोटी बच्ची को अचानक तबीयत बिगडऩे पर फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। मगर यहां उसे राहत नहीं मिल सकी। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ गरिमा अग्रवाल और डॉ एके अग्रवाल ने बच्ची का उपचार किया।
बताया कि वह अतिकुपोषण का शिकार है, जिस कारण इसके पेट में इंफेक्शन हो गया है। उसकी हालत गंभीर है, जिसे मेरठ मेडिकल के पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर किया गया है। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष कमलेश वर्मा ने बताया कि छोटी बच्ची को जिला बाल संक्षरण इकाई की मीना त्यागी और संजय कुमार मेरठ मेडिकल लेकर गए है।
बड़ी बच्ची आदर्श कालोनी के बाल गृह में है। उन्होंने बताया कि अभी तक दोनों बच्चियों के वारिस नहीं मिले हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही इनके फोटो समाचार पत्रों और न्यूज चैनल पर प्रकाशित कराए जाएंगे, ताकि इनकी पहचान हो सके।