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नींद में ही रेत डाली थी फराज की गर्दन
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 30 May 2017 12:28 AM IST
crime news
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फराज हत्याकांड में हत्यारोपियों ने बेहद शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। प्रेम संबंधों में की गई इस घटना में आरोपी आशु मृतक फराज से मोबाइल ऐप के जरिए महिला की आवाज में बात करता था। आरोपियों ने पांच मई को गन्ने के जूस में उसे नींद की गोली पीसकर खिला दी थीं। नींद आते ही सीट पर बैठे हुए ही गर्दन रेत दी थी। बाद में शव को जंगल में फेंककर फरार हो गए।
शहर कोतवाली के रहमतनगर निवासी फराज पांच मई को घर से गायब हो गया था। 23 दिन बाद उसका शव रविवार को भोपा के बिहारगढ़ में कंकाल के रूप में मिला था। पकड़े गए दोनों आरोपियों आशू उर्फ अरशद और शाहनवाज ने मिलकर हत्या करने की बात कबूली थी। मर्डर मिस्ट्री में जो सच सामने आ रहा है, उसमें हत्यारोपी आशू और फराज के एक ही महिला से प्रेम संबंध थे। तीन वर्ष से सऊदी में रहते हुए भी फराज महिला के पति की रुपयों से सहायता करता रहता था।
लाखों की रकम महिला के पति पर बकाया हो गई थी। एक माह पूर्व फराज विदेश से वापस आया तो फिर से महिला से मिलना शुुरू कर दिया। उसने अपने रुपये भी मांगने शुरू कर दिए थे। महिला ने आशू को पूरी बात बताई और फराज को रास्ते से हटाने को कहा। आशू ने चायनीज फोन से महिला बनकर बातें करनी शुरू की और पांच मई को अपने पास बुलाया। शाहनवाज के साथ तीनों कार से निरगाजनी नहर पर पहुंचे तो आशू ने नहाने की इच्छा जताई तो फराज ने नहाने से मना कर दिया।
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इसी बीच तीनों ने गन्ने का रस पिया और फराज के जूस में नींद की गोलियों का पीस हुआ पाउडर मिला दिया। आशू और शाहनवाज नहर में नहाने लगे। जैसे ही फराज को नींद आने लगी तभी दोनों उसके पास पहुंचे और बिहारगढ़ की ओर लेकर चल दिए। रास्ते में फराज की हल्की सी नींद टूटी तो उसने पूछा कहां जा रहे हैं तो आरोपियों ने कहा कि किसी से पैसे लेने हैं। दोनों ने उसके फोन की बैट्री निकालकर उसे बंद कर दिया। फराज कार की अगली सीट पर बैठा हुआ था।
भोपा के बिहारगढ़ में जैसे ही सुनसान जगह पहुंचे तो कार में बैठे रहने के दौरान ही पीछे से फराज की गर्दन रेत डाली और नींद में ही उसकी मौत हो गई। हत्यारोपियों ने शव को बिहारगढ़ के जंगल में फेंक दिया और वापस शहर आ गए। 23 दिन बाद रविवार को शव कंकाल के रूप में मिला और हत्या के रहस्य से पर्दा उठ गया। सोमवार को पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है।
शहर कोतवाली के रहमतनगर निवासी फराज पांच मई को घर से गायब हो गया था। 23 दिन बाद उसका शव रविवार को भोपा के बिहारगढ़ में कंकाल के रूप में मिला था। पकड़े गए दोनों आरोपियों आशू उर्फ अरशद और शाहनवाज ने मिलकर हत्या करने की बात कबूली थी। मर्डर मिस्ट्री में जो सच सामने आ रहा है, उसमें हत्यारोपी आशू और फराज के एक ही महिला से प्रेम संबंध थे। तीन वर्ष से सऊदी में रहते हुए भी फराज महिला के पति की रुपयों से सहायता करता रहता था।
लाखों की रकम महिला के पति पर बकाया हो गई थी। एक माह पूर्व फराज विदेश से वापस आया तो फिर से महिला से मिलना शुुरू कर दिया। उसने अपने रुपये भी मांगने शुरू कर दिए थे। महिला ने आशू को पूरी बात बताई और फराज को रास्ते से हटाने को कहा। आशू ने चायनीज फोन से महिला बनकर बातें करनी शुरू की और पांच मई को अपने पास बुलाया। शाहनवाज के साथ तीनों कार से निरगाजनी नहर पर पहुंचे तो आशू ने नहाने की इच्छा जताई तो फराज ने नहाने से मना कर दिया।
इसी बीच तीनों ने गन्ने का रस पिया और फराज के जूस में नींद की गोलियों का पीस हुआ पाउडर मिला दिया। आशू और शाहनवाज नहर में नहाने लगे। जैसे ही फराज को नींद आने लगी तभी दोनों उसके पास पहुंचे और बिहारगढ़ की ओर लेकर चल दिए। रास्ते में फराज की हल्की सी नींद टूटी तो उसने पूछा कहां जा रहे हैं तो आरोपियों ने कहा कि किसी से पैसे लेने हैं। दोनों ने उसके फोन की बैट्री निकालकर उसे बंद कर दिया। फराज कार की अगली सीट पर बैठा हुआ था।
भोपा के बिहारगढ़ में जैसे ही सुनसान जगह पहुंचे तो कार में बैठे रहने के दौरान ही पीछे से फराज की गर्दन रेत डाली और नींद में ही उसकी मौत हो गई। हत्यारोपियों ने शव को बिहारगढ़ के जंगल में फेंक दिया और वापस शहर आ गए। 23 दिन बाद रविवार को शव कंकाल के रूप में मिला और हत्या के रहस्य से पर्दा उठ गया। सोमवार को पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है।