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भाकियू का कलक्ट्रेट पर कब्जा

Wed, 09 Sep 2015 11:58 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Wed, 09 Sep 2015 11:58 PM IST
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BKU's capture Kalktret
मुजफ्फरनगर। चीनी मिलों से गन्ना भुगतान न होने से गुस्साए किसानों ने बुधवार को कलक्ट्रेट पर चढ़ाई कर दी। कलेक्ट्रेट कार्यालयों पर तालाबंदी कर भाकियू कार्यकर्ताओं ने डीएम ऑफिस पर अपना झंडा लगा दिया। मामला बिगड़ता देख अफसरों ने किसानों को वार्ता के लिए बुलाया और उनकी अधिकतर मांगे मान ली।
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बुधवार को भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में सैकड़ाें किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित चकबंदी विभाग और नजारत विभागों के कार्यालयों में तालाबंदी कर दी और कलक्ट्रेट पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने डीएम ऑफिस पर भाकियू का झंडा लहरा दिया। कुछ कार्यकर्ता भैंसा बांधने के लिए कलेक्ट्रेट में ही खूंटा गाड़ने लगे, जिस पर वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने कुछ गणमान्य बुजुुर्ग किसानों के सहयोग से उन्हें रोका।
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किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि गन्ना भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसान के पास अपने बच्चों की फीस जमा करने के लिए रकम नहंी है। बेटियों की शादी के लिए धनराशि नहीं मिल पा रह्री। प्रशासन ने जिन चीनी मिल मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि अब आरपार की लड़ाई लड़ने का वक्त आ गया है। सरकारी दफ्तरों में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। चकबंदी महकमें  की कहानी किसी से छिपी नहीं है। गांवों में बिजली नहीं मिल रही। बगैर भुगतान के किसान की हालत खराब है और मिल मालिकों पर कोई असर नहीं है।

भाकियू नेताओं ने अफसरों को काला अंग्रेज बताते हुए कहा कि अफसर यहां जनता को लूटने में लगे हैं। बिना पैसे के कोई अधिकारी काम नहीं कर रहा है। राज सिंह त्यागी ने तो यहां तक कह दिया कि यही हालात रहे तो खूनी क्रांति दूर नहीं है। भाकियू ने अपनी मांग को लेकर एडीएम प्रशासन डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी को ज्ञापन देते हुए कहा कि मांगे पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।

किसानों के आक्रोश को देखते हुए डीएम निखिल चंद्र शुक्ला वार्ता के लिए तैयार हुए। देर शाम तक किसानों और जिला प्रशासन के बीच वार्ता चली। प्रशासन की ओर से डीएम के अलावा एसएसपी केबी सिंह, एडीएम वित्त सुनील सिंह, एसपी सिटी श्रवण कुमार, जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव आदि रहे।

किसानों की ओर से भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत, राजसिंह त्यागी, ओमपाल मलिक, जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, धर्मेंद्र मलिक, बिजेंद्र, योगेश शर्मा, कापिल सोम आदि रहे। लंबी वार्ता के बाद अधिकारियों ने किसानों की कई मांगे मानते हुए आश्वासन दिया। इसके बाद किसान वापस लौटे।

इन समस्याओं पर बनी सहमति
दो दिन में 154 करोड़ का गन्ना भुगतान होगा।
एक सप्ताह के अंदर 151 करोड़ का भुगतान ओर कराएंगे।
जिन मिलों पर मुदकमें हैं, उनके अफसर गिरफ्तार किए जाएंगे।
जिन गांवों में चकबंदी में गड़बड़ी हैं, वह निरस्त होंगी।
भ्रष्टाचार में लिप्त मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई।
ओवर लोडिंग गांवों में डबल ग्रुप सप्लाई।
यमुना प्रदूषण बोर्ड को दी गई जमीन के मामले में कमेटी गठित होगी।

भाकियू के प्रदर्शन से शहर में हर तरफ जाम
मुजफ्फरनगर। भाकियू के आंदोलन के चलते बुधवार को शहर में हर तरफ जाम ही जाम दिखाई दिया। कलक्ट्रेट के आसपास के क्षेत्र से लोगों का निकलना दूभर रहा। प्रकाश चौक से लेकर महावीर चौक तक भाकियू के वाहन खड़े दिखाई दिए। प्रकाश चौक पर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। आम जनता की परेशानी के आगे पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे।

कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने अपने वाहन शहर के मुख्य मार्गों पर खड़े कर दिए। इस कारण प्रकाश चौक से लेकर महावीर चौक तक ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर दी गई। प्रकाश चौक पर वाहन इस तरह से खड़े किए गए कि पैदल यात्री भी परेशान हो उठे। साइकिल तक के निकलने की जगह नहीं छोड़ी गई। जो लोग कचहरी में किसी वाहन से आए थे, वह वहीं पर फंस गए। रास्ते बंद होने से शहर की जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा।


भाकियू के कार्यकर्ताओं के सामने पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। स्कूली बच्चों से लेकर वृद्धों तक को मुसीबत का सामना करना पड़ा। मीनाक्षी चौक और शिवचौक के रास्ते से अधिकतम लोगों के आवागमन से इन चौराहों पर भीड़ रही और कई बार जाम की स्थिति बन गई। शाम को कहीं जाकर आवागमन सुचारु हो पाया।

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