Budget 2023: बजट पर पश्चिमी यूपी के किसान नेताओं की प्रतिक्रियाएं, टिकैत ने मोदी सरकार को लेकर दिया बड़ा बयान
Budget 2023: देश की जनता के लिए पेश किए गए बजट को लेकर पश्चिमी यूपी के किसान नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। चौधरी राकेश टिकैत ने भी बड़ा बयान दिया है।
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देश की जनता के लिए बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट पर किसान संगठनों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। पढ़िए चौधरी राकेश टिकैत समेत अन्य किसान नेताओं ने क्या-क्या कहा है।
किसानों को कर्ज के बोझ तले दबाना चाहती है सरकार : टिकैत
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सरकारी की नीति और नियत में फर्क है। किसानों को कर्ज देने की बात करती है। किसानों को कर्ज नहीं, बल्कि फसलों के वाजिब दाम चाहिए। समय पर भुगतान की जरूरत है। घोषणा पत्र के अनुसार मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था करें। बिजली के मीटर नहीं लगाए जाने चाहिए। कर्ज से किसान की जमीन चली जाएगी। युवाओं के रोजगार पर सरकार ने कुछ नहीं किया। मछली पालकों के लिए जो घोषणा की गई है, उसमें भी झोल है।
किसानों को राहत नहीं दे पाई सरकार : मलिक
भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि सरकार की बजट में कृषि के लिए कुछ पहल अच्छी, लेकिन कृषि में निराशा ही हाथ लगी है। कृषि क्षेत्र को बजट 2023 में किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी, फसल खरीद में पैसा न बढ़ाए जाने को लेकर निराशा है। मोटे अनाज को प्रोत्साहन तब तक नहीं मिल सकता, जब तक खरीद सुनिश्चित न की जाएं। बायो फर्टिलाइजर,बागवानी पर फोकस किसानों के लिए अच्छा कदम है। एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड की शुरुआत एक पहल है। इससे कृषि चुनौतियों का सामना करने में आसानी होगी। सरकार एक तरफ जैविक खेती को प्रोत्साहन दे रही है दूसरी तरफ जैव प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना गलत है। जिससे पर्यावरणीय नुकसान की आशंका है। इस बार का बजट भी एक रुटीन प्रक्रिया है।
किसानों को नहीं मिली राहत
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह का कहना है कि बजट से किसान उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन राहत नहीं मिली है। फसलों के दामों को लेकर सरकार का रूख स्पष्ट नहीं है। किसानों को फसलों के दाम चाहिए।
बजट में ठगे रह गए किसान : नरेश टिकैत
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत का कहना है कि बजट से किसान ठगे रह गए। किसानों को कृषि यंत्रों पर छूट की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। फसलों के दामों पर सरकार चुप है। इस बजट से किसानों का भला होने वाला नहीं है।
किसानों के हाथ रह गए खाली : राजपाल
रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान ने कहा कि बजट में किसानों के हाथ खाली रह गए। खेती और किसान को बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है।
कर्ज बढ़ाने की बात कर रही सरकार : मलिक
सपा के राष्ट्रीय महासचिव हरेंद्र मलिक का कहना है कि सरकार किसानों पर कर्ज बढ़ाने की बात कर रही है। बजट में किसानों के लिए कोई राहतभरा कदम नहीं उठाया गया है। यह बजट गरीब लोगों के लिए नहीं है।
पूंजीवाद को बढ़ावा दे रहा बजट : अनिल कुमार
रालोद विधायक अनिल कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के अंतिम बजट में पूरी तरह किसानों की उपेक्षा की गई है। न कृषि कार्ड पर छूट, न महंगाई, बेरोजगारी कम करने की बात क गई है। नौजवानों, महिलाओं, मजदूरों, व्यापारी और मध्यमवर्ग के लिए ये छलावा और पूंजीवाद को बढ़ावा देने वाला बजट मात्र है।
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आखिरी बजट में भी नाकाम साबित हुई सरकार : रवि
बसपा जिलाध्यक्ष सतीश रवि का कहना है कि गरीबों, महिलाओं और नौजवानों के लिए बजट में कोई राहत नहीं दी गई है। सरकार अपने आखिरी बजट में भी नाकाम साबित हुई है।
यह पूंजीपतियों का बजट : प्रमोद त्यागी
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी का कहना है कि पूंजीपतियों के लिए यह बजट पेश किया गया है। सरकार को देश की चिंता नहीं है। किसान के यंत्रों पर कोई राहत नहीं दी गई। बिजली की दरों का कोई जिक्र नहीं हुआ और फसलों के दाम सरकार भूल गई है।
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बजट में की गई लीपापोती : सुबोध शर्मा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुबोध शर्मा का कहना है कि बजट में लीपापोती की गई है। गरीबों के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। आने वाले समय में देश को नुकसान उठाना पड़ेगा।