{"_id":"648b2609f8ad6602b209b3ee","slug":"92-bighas-of-government-land-encroached-free-in-chapar-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-1843-2023-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: छपार में 92 बीघा सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: छपार में 92 बीघा सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त
विज्ञापन
1965 से जयभारत इंटर कॉलेज प्रबंध तंत्र का था जमीन पर कब्जा
राजस्व विभाग और पुलिस की टीम की कई घंटे चली कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। छपार में एसडीएम सदर परमानंद झा के नेतृत्व में 92 बीघा सरकारी जमीन खाली कराई गई। इस जमीन पर 1965 से अवैध कब्जा चला आ रहा था।
एसडीएम ने बताया कि राज्य सरकार की 92 बीघा जमीन पर 1965 से जयभारत इंटर कॉलेज प्रबंध तंत्र का कब्जा चला आ रहा था। इस जमीन को लेकर शिकायत हुई थी। जांच में सामने आया कि फर्जी कागजों के आधार पर जमीन को कॉलेज के नाम किया गया। इस मामले में एसडीएम सदर परमानंद झा ने जमीन को राज्य सरकार में दर्ज करने के आदेश दिए। आदेश के खिलाफ प्रबंध तंत्र मंडलायुक्त और उसके बाद न्यायालय में पहुंचा। दोनों जगह ही एसडीएम के आदेश को ठीक पाया गया और याचिका खारिज हो गई।
एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और पुलिस ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। एसडीएम ने बताया कि जमीन को गांव प्रधान जुबेर की अभिरक्षा में दिया गया है।
विज्ञापन
राजस्व विभाग और पुलिस की टीम की कई घंटे चली कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। छपार में एसडीएम सदर परमानंद झा के नेतृत्व में 92 बीघा सरकारी जमीन खाली कराई गई। इस जमीन पर 1965 से अवैध कब्जा चला आ रहा था।
एसडीएम ने बताया कि राज्य सरकार की 92 बीघा जमीन पर 1965 से जयभारत इंटर कॉलेज प्रबंध तंत्र का कब्जा चला आ रहा था। इस जमीन को लेकर शिकायत हुई थी। जांच में सामने आया कि फर्जी कागजों के आधार पर जमीन को कॉलेज के नाम किया गया। इस मामले में एसडीएम सदर परमानंद झा ने जमीन को राज्य सरकार में दर्ज करने के आदेश दिए। आदेश के खिलाफ प्रबंध तंत्र मंडलायुक्त और उसके बाद न्यायालय में पहुंचा। दोनों जगह ही एसडीएम के आदेश को ठीक पाया गया और याचिका खारिज हो गई।
एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और पुलिस ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। एसडीएम ने बताया कि जमीन को गांव प्रधान जुबेर की अभिरक्षा में दिया गया है।
विज्ञापन