{"_id":"5a5511064f1c1bd1178b5d6a","slug":"111515524358-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला की हत्या करने वाले को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला की हत्या करने वाले को उम्रकैद
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन ने दस वर्ष पहले भोपा के गांव रहकड़ा में हुई महिला की हत्या के मामले एक मुल्जिम को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। प्लाट के विवाद में यह हत्या हुई थी।
भोपा थाने पर गांव रहकड़ा निवासी रमेश ने एक दिसंबर 2007 को घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अपने प्लॉट पर मकान बना रहा था। इस पर कब्जा करने की नीयत से गांव के ही बेदू उर्फ वेदपाल पक्ष ने हमला कर दिया। हमलावरों ने गोली मारकर उसकी पत्नी बोहती की हत्या कर दी और उसकी बेटी संगीता और बेटे अंकित पर भी धारदार हथियारों से हमला कर घायल कर दिया था, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रमेश ने इस संबंध में बेदू उर्फ वेदपाल पुत्र मंशाराम, अमित पुत्र चरण उर्फ चरणा और मोती पुत्र खजान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे मनोज कुमार मिश्रा की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में हुई। एडीजीसी नरेश कुमार शर्मा ने अदालत में नौ गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त बेदू उर्फ वेदपाल को महिला बोहती की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना, धारा 307 के तहत सात वर्ष का कारावास और सात हजार रुपया जुर्माना तथा धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। वह वर्तमान में जेल से जमानत पर बाहर था। वादी पक्ष की ओर से पैरवी अधिवक्ता सोहनवीर सिंह ने की।
एक की मौत, दूसरा फरार
एडीजीसी ने बताया कि इस मुकदमे के सह अभियुक्त अमित पुत्र चरणा की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी, जबकि दूसरा सह अभियुक्त मोती पुत्र खजान फरार है। इसलिए उनकी सुनवाई नहीं हो सकी। उसकी फाइल अलग चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भोपा थाने पर गांव रहकड़ा निवासी रमेश ने एक दिसंबर 2007 को घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अपने प्लॉट पर मकान बना रहा था। इस पर कब्जा करने की नीयत से गांव के ही बेदू उर्फ वेदपाल पक्ष ने हमला कर दिया। हमलावरों ने गोली मारकर उसकी पत्नी बोहती की हत्या कर दी और उसकी बेटी संगीता और बेटे अंकित पर भी धारदार हथियारों से हमला कर घायल कर दिया था, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रमेश ने इस संबंध में बेदू उर्फ वेदपाल पुत्र मंशाराम, अमित पुत्र चरण उर्फ चरणा और मोती पुत्र खजान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे मनोज कुमार मिश्रा की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में हुई। एडीजीसी नरेश कुमार शर्मा ने अदालत में नौ गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त बेदू उर्फ वेदपाल को महिला बोहती की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना, धारा 307 के तहत सात वर्ष का कारावास और सात हजार रुपया जुर्माना तथा धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। वह वर्तमान में जेल से जमानत पर बाहर था। वादी पक्ष की ओर से पैरवी अधिवक्ता सोहनवीर सिंह ने की।
विज्ञापन
एक की मौत, दूसरा फरार
एडीजीसी ने बताया कि इस मुकदमे के सह अभियुक्त अमित पुत्र चरणा की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी, जबकि दूसरा सह अभियुक्त मोती पुत्र खजान फरार है। इसलिए उनकी सुनवाई नहीं हो सकी। उसकी फाइल अलग चल रही है।
विज्ञापन