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दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मी निलंबित
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मुरादाबाद।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने गुरुवार को एक दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित किया है। दरोगा के खिलाफ विवेचनाओं में लापरवाही बरतने में कार्रवाई की गई है, जबकि दो सिपाहियों को अलग अलग शिकायतों की जांच में आरोप सही पाए जाने पर सस्पेंड किया गया है। साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
डिलारी थाने में तैनात दरोगा अवनेश चौधरी के खिलाफ थाना प्रभारी द्वारा प्रस्तुत जांच आख्या पर एसएसपी ने कार्रवाई की है। जिसमें बताया गया कि दरोगा ने विवेचनाओं में गंभीर लापरवाही बरती। उच्च अफसरों के निर्देशों का भी लगातार उल्लंघन किया। इसके अलावा जन शिकायती प्रार्थना पत्रों का भी निस्तारण नहीं किया गया। सिविल लाइंस थाने में तैनात सिपाही संजीव कुमार के खिलाफ भी गुरुवार को निलंबन की कार्रवाई की गई। सिपाही संजीव कुमार को पंद्रह अप्रैल 2020 को अयोध्या में वीआईपी ड्यूटी के लिए पुलिस लाइन से रवाना किया गया था। वहां सात सितंबर 2020 को सात दिवस का आकस्मिक अवकाश से लगातार अनुपस्थित रहा। इसके अलावा सरकारी असलहा लेकर अपने घर चला गया। आरोप है कि वहां 22 नवंबर 2020 को सिपाही ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और सरकारी रायफल से पत्नी को धमकाया। इस मामले में उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के खटीमा थाने में सिपाही के खिलाफ केस दर्ज किया गया। वहां की पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण कराया। जिसमें एल्होकल की पुष्टि हुई। खटीमा थाने की पुलिस ने चालान कर थाने से ही सिपाही को जमानत पर छोड़ दिया था। उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने रिपोर्ट बनाकर मुरादाबाद एसएसपी को भेजी थी। इसका संज्ञान लेते हुए एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सिपाही को निलंबित कर दिया।
उधर पुलिस लाइन में तैनात अक्रांत बख्श के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। सिपाही के खिलाफ ठाकुरद्वारा थाने में एक महिला ने दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी सिपाही ने उसे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया है। बाद में सिपाही ने उसके साथ शादी कर ली थी, लेकिन आरोपी ने इसके बाद भी महिला के मारपीट की और उसका उत्पीड़न किया। पिछले माह इस संबंध में पीड़िता ने महिला थाने में केस दर्ज कराया था। गुरुवार शाम सिपाही अक्रांत बख्श को निलंबित किया गया है।
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एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने गुरुवार को एक दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित किया है। दरोगा के खिलाफ विवेचनाओं में लापरवाही बरतने में कार्रवाई की गई है, जबकि दो सिपाहियों को अलग अलग शिकायतों की जांच में आरोप सही पाए जाने पर सस्पेंड किया गया है। साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
डिलारी थाने में तैनात दरोगा अवनेश चौधरी के खिलाफ थाना प्रभारी द्वारा प्रस्तुत जांच आख्या पर एसएसपी ने कार्रवाई की है। जिसमें बताया गया कि दरोगा ने विवेचनाओं में गंभीर लापरवाही बरती। उच्च अफसरों के निर्देशों का भी लगातार उल्लंघन किया। इसके अलावा जन शिकायती प्रार्थना पत्रों का भी निस्तारण नहीं किया गया। सिविल लाइंस थाने में तैनात सिपाही संजीव कुमार के खिलाफ भी गुरुवार को निलंबन की कार्रवाई की गई। सिपाही संजीव कुमार को पंद्रह अप्रैल 2020 को अयोध्या में वीआईपी ड्यूटी के लिए पुलिस लाइन से रवाना किया गया था। वहां सात सितंबर 2020 को सात दिवस का आकस्मिक अवकाश से लगातार अनुपस्थित रहा। इसके अलावा सरकारी असलहा लेकर अपने घर चला गया। आरोप है कि वहां 22 नवंबर 2020 को सिपाही ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और सरकारी रायफल से पत्नी को धमकाया। इस मामले में उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के खटीमा थाने में सिपाही के खिलाफ केस दर्ज किया गया। वहां की पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण कराया। जिसमें एल्होकल की पुष्टि हुई। खटीमा थाने की पुलिस ने चालान कर थाने से ही सिपाही को जमानत पर छोड़ दिया था। उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने रिपोर्ट बनाकर मुरादाबाद एसएसपी को भेजी थी। इसका संज्ञान लेते हुए एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सिपाही को निलंबित कर दिया।
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उधर पुलिस लाइन में तैनात अक्रांत बख्श के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। सिपाही के खिलाफ ठाकुरद्वारा थाने में एक महिला ने दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज कराया था। जिसमें महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी सिपाही ने उसे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया है। बाद में सिपाही ने उसके साथ शादी कर ली थी, लेकिन आरोपी ने इसके बाद भी महिला के मारपीट की और उसका उत्पीड़न किया। पिछले माह इस संबंध में पीड़िता ने महिला थाने में केस दर्ज कराया था। गुरुवार शाम सिपाही अक्रांत बख्श को निलंबित किया गया है।
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