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Moradabad News: फर्जी एप के जाल में फंस रहे दुकानदार
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मुरादाबाद। साइबर अपराधियों ठेले और छोटे दुकानदारों को ठगने का नया तरीका अपनाया है। साइबर ठग फर्जी फोन पे एप के जरिये भुगतान होने का मैसेज दुकानदारों को दिखाकर उन्हें चूना लगा रहे हैं। ठग इस फर्जी एप का इस्तेमाल ऐसी दुकानों पर कर रहे हैं, जहां भीड़ अधिक होती है और दुकानदार अपना एकाउंट चेक नहीं कर पाते हैं। मुरादाबाद में कई दुकानदार इस तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं।
बदलते दाैर में सब्जी की दुकान से लेकर बड़े-बड़े शाॅपिंग माॅल तक यूपीआई एप के जरिये ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। अगर आप कोई दुकान चला रहे हैं और दुकान पर अपने खाते का क्यूआर कोड लगा रखा है तो भुगतान लेते समय चाैकन्ना रहने की जरूरत है। साइबर ठग फर्जी फोन पे एप के जरिये भुगतान किए बिना ही भुगतान का मैसेज दिखाकर चूना लगा रहे हैं। वह एप बिल्कुल असली की तरह दिखते हैं। फर्जी एप से क्यूआर स्कैन करने पर सारी जानकारी उनके मोबाइल में आ जाती है। वह दुकानदार को फर्जी मैसेज दिखाकर बिना भुगतान किए ही निकल जाते हैं।
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ठगी करने के साथ आपकी जानकारी भी बेच रहे ठग
गूगल से फर्जी एप को डाउनलोड करने वाले की पूरी जानकारी इस एप को बनाने वाले साइबर ठगों के पास पहुंच रही है। इसके अलावा एप का किसी क्यूआर कोड पर इस्तेमाल करेंगे तो उस क्यूआर कोड खाताधारक की भी पूरी जानकारी साइबर ठगों के पास पहुंच रही है। फर्जी एप के जरिये किए गए भुगतान के बाद एक नोटिफिकेशन आता है, जिसमें भुगतान पूरा होने का संदेश होता है, लेकिन स्पीकर में कोई आवाज नहीं आती है। इसलिए दुकानदारों को क्यूआर कोड के साथ स्पीकर भी लगाना चाहिए। अगर स्पीकर लगा हो और आवाज न आए तो सतर्क हो जाएं। इससे आप साइबर ठगी से बच सकते हैं।
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अंकुश कुमार की पीतलनगरी में कपड़े की दुकान है। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर ग्राहक सामान लेेने के बाद ज्यादातर ऑनलाइन ही भुगतान करते हैं। जिसके लिए उन्होंने पेमेंट कंफर्म के लिए स्पीकर भी लगा रखा है। 12 अक्तूबर को दुकान पर बहुत भीड़ थी। इसी दौरान एक ग्राहक आया। उसने 1300 रुपये के कपड़ों की खरीदारी की। क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान किया। उसने भुगतान का मैसेज दिखाया, लेकिन स्पीकर पर आवाज नहीं आई। तकनीकी समस्या समझकर दुकानदार ने उसे जाने दिया। जब रात में देखा तो पता चला कि आरोपी ने भुगतान किया ही नहीं था। उसके साथ ठगी हो गई।
इस तरह करें बचाव -
- आपको कोई भी ऑनलाइन भुगतान करे तो आप अपना बैंक अकाउंट जरूर चेक करें।
- आपने अपनी दुकान, ठेले या किसी अन्य जगह क्यूआर कोड लगा रखा है तो उसके साथ स्पीकर भी जरूर लगाएं।
- अगर आपको भुगतान को लेकर संदेह होता है तो सतर्क हो जाएं और तुरंत भुगतान की जांच करें।
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तकनीकी क्षेत्र में साइबर ठगी हमेशा एक छोटी सी गलती की वजह से होती है। अभी सामने आया कि क्यूआर कोड पर भुगतान करके धोखाधड़ी की जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। कंपनी को भी क्यूआर कोड जारी करते हुए सुरक्षा बढ़ानी चाहिए ताकि उसे हर एप से स्कैन न किया जा सके। - मनु रस्तोगी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर
फर्जी एप के जरिये पेमेंट करने के नाम पर ठगी की जा रही है। ऐसे में दुकानदारों को भी सतर्क करने की जरूरत है। उन्हें भी भुगतान लेते समय अपना एकाउंट चेक करना चाहिए और स्पीकर लगाने चाहिए। जिससे धनराशि प्राप्त होने की आवाज आती रहे। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी क्राइम
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बदलते दाैर में सब्जी की दुकान से लेकर बड़े-बड़े शाॅपिंग माॅल तक यूपीआई एप के जरिये ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। अगर आप कोई दुकान चला रहे हैं और दुकान पर अपने खाते का क्यूआर कोड लगा रखा है तो भुगतान लेते समय चाैकन्ना रहने की जरूरत है। साइबर ठग फर्जी फोन पे एप के जरिये भुगतान किए बिना ही भुगतान का मैसेज दिखाकर चूना लगा रहे हैं। वह एप बिल्कुल असली की तरह दिखते हैं। फर्जी एप से क्यूआर स्कैन करने पर सारी जानकारी उनके मोबाइल में आ जाती है। वह दुकानदार को फर्जी मैसेज दिखाकर बिना भुगतान किए ही निकल जाते हैं।
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ठगी करने के साथ आपकी जानकारी भी बेच रहे ठग
गूगल से फर्जी एप को डाउनलोड करने वाले की पूरी जानकारी इस एप को बनाने वाले साइबर ठगों के पास पहुंच रही है। इसके अलावा एप का किसी क्यूआर कोड पर इस्तेमाल करेंगे तो उस क्यूआर कोड खाताधारक की भी पूरी जानकारी साइबर ठगों के पास पहुंच रही है। फर्जी एप के जरिये किए गए भुगतान के बाद एक नोटिफिकेशन आता है, जिसमें भुगतान पूरा होने का संदेश होता है, लेकिन स्पीकर में कोई आवाज नहीं आती है। इसलिए दुकानदारों को क्यूआर कोड के साथ स्पीकर भी लगाना चाहिए। अगर स्पीकर लगा हो और आवाज न आए तो सतर्क हो जाएं। इससे आप साइबर ठगी से बच सकते हैं।
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अंकुश कुमार की पीतलनगरी में कपड़े की दुकान है। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर ग्राहक सामान लेेने के बाद ज्यादातर ऑनलाइन ही भुगतान करते हैं। जिसके लिए उन्होंने पेमेंट कंफर्म के लिए स्पीकर भी लगा रखा है। 12 अक्तूबर को दुकान पर बहुत भीड़ थी। इसी दौरान एक ग्राहक आया। उसने 1300 रुपये के कपड़ों की खरीदारी की। क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान किया। उसने भुगतान का मैसेज दिखाया, लेकिन स्पीकर पर आवाज नहीं आई। तकनीकी समस्या समझकर दुकानदार ने उसे जाने दिया। जब रात में देखा तो पता चला कि आरोपी ने भुगतान किया ही नहीं था। उसके साथ ठगी हो गई।
इस तरह करें बचाव -
- आपको कोई भी ऑनलाइन भुगतान करे तो आप अपना बैंक अकाउंट जरूर चेक करें।
- आपने अपनी दुकान, ठेले या किसी अन्य जगह क्यूआर कोड लगा रखा है तो उसके साथ स्पीकर भी जरूर लगाएं।
- अगर आपको भुगतान को लेकर संदेह होता है तो सतर्क हो जाएं और तुरंत भुगतान की जांच करें।
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तकनीकी क्षेत्र में साइबर ठगी हमेशा एक छोटी सी गलती की वजह से होती है। अभी सामने आया कि क्यूआर कोड पर भुगतान करके धोखाधड़ी की जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। कंपनी को भी क्यूआर कोड जारी करते हुए सुरक्षा बढ़ानी चाहिए ताकि उसे हर एप से स्कैन न किया जा सके। - मनु रस्तोगी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर
फर्जी एप के जरिये पेमेंट करने के नाम पर ठगी की जा रही है। ऐसे में दुकानदारों को भी सतर्क करने की जरूरत है। उन्हें भी भुगतान लेते समय अपना एकाउंट चेक करना चाहिए और स्पीकर लगाने चाहिए। जिससे धनराशि प्राप्त होने की आवाज आती रहे। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी क्राइम