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Moradabad News: जीएसटी चोरी का मुख्य आरोपी शाहिद पुलिस पकड़ से दूर
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मुरादाबाद। एसआईटी ने करोड़ों की जीएसटी चोरी के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन अभी मेरठ के मास्टर माइंड आरोपी शाहिद सहित दो अन्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
एसआईटी ने मेरठ के शास्त्रीनगर निवासी इखलाक और शाहजहांपुर जिले के चमकनी गरिपुरा निवासी कबाड़ी इत्तेफाक को गिरफ्तार कर 22 नवंबर को जीएसटी चोरी का खुलासा किया था। इखलाक ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उसका टायर का धंधा मंदा पड़ गया था। इस बीच उसकी मुलाकात मेरठ के शाहिद से हुई। शाहिद ने ही बताया कि बगैर पैसे लगाए बोगस फर्मों के माध्यम से पैसा कमाया जा सकता है।
शाहिद के सिखाए रास्ते पर चलकर वह कानपुर और लुधियाना के सीए से मिलकर बोगस फर्म बनाने लगा। फर्मों का प्रबंध दिल्ली में चल रहे कॉल सेंटर से होता था। पुलिस ने कॉल सेंटर के एक आरोपी अमित को गिरफ्तार कर काफी जानकारियों का खुलासा किया। एसपी क्राइम सुभाष गंगवार ने भी कहा था कि शीघ्र ही शाहिद को गिरफ्तार किया जाएगा लेकिन अभी तक शाहिद पुलिस के हत्थे नहीं चल सका।
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पुुलिस की विवेचना के दौरान आईटीसी से पैसा हासिल करने वाले आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। इस मामले में राज्य कर के अधिकारियों ने पुलिस को बताया था कि गिरफ्तार आरोपियों के साथियों ने 535 बोगस बोगस फर्में देश के 20 राज्यों में खोलकर 990 करोड़ की जीएसटी चोरी की है। इस गिरोह ने ई वेबिलों के माध्यम से 5478 करोड़ टर्नओवर दिखाया था। पुलिस ने फर्जी सीए परमिंदर सिंह को गिरफ्तार लिया लेकिन अभी तक मास्टर माइंड शाहिद पकड़ा नहीं गया है। अभी जीएसटी चोरी का काफी हिस्सा बाकी है।
लकड़ी चोरी के आरोपियों का नाम पुलिस रिपोर्ट में जुड़ेगा
राज्य कर अपर आयुक्त आरए सेठ ने बताया कि लकड़ी चोरी के प्रमुख आरोपी रियासत सहित अन्य लोगों नाम थाने में दर्ज मुकदमे में जोड़ा जाएगा। इसी आधार पर पुलिस भी आरोपियों को गिरफ्तार भी करेगी। अभी राज्य कर के अधिकारी आरोपियों के बैंक खाते को सीज कराने की तैयारी में लगे हैं। इस मामले में काफी जानकारियां इकट्ठा कर ली गई हैं।
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एसआईटी ने मेरठ के शास्त्रीनगर निवासी इखलाक और शाहजहांपुर जिले के चमकनी गरिपुरा निवासी कबाड़ी इत्तेफाक को गिरफ्तार कर 22 नवंबर को जीएसटी चोरी का खुलासा किया था। इखलाक ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उसका टायर का धंधा मंदा पड़ गया था। इस बीच उसकी मुलाकात मेरठ के शाहिद से हुई। शाहिद ने ही बताया कि बगैर पैसे लगाए बोगस फर्मों के माध्यम से पैसा कमाया जा सकता है।
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शाहिद के सिखाए रास्ते पर चलकर वह कानपुर और लुधियाना के सीए से मिलकर बोगस फर्म बनाने लगा। फर्मों का प्रबंध दिल्ली में चल रहे कॉल सेंटर से होता था। पुलिस ने कॉल सेंटर के एक आरोपी अमित को गिरफ्तार कर काफी जानकारियों का खुलासा किया। एसपी क्राइम सुभाष गंगवार ने भी कहा था कि शीघ्र ही शाहिद को गिरफ्तार किया जाएगा लेकिन अभी तक शाहिद पुलिस के हत्थे नहीं चल सका।
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पुुलिस की विवेचना के दौरान आईटीसी से पैसा हासिल करने वाले आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। इस मामले में राज्य कर के अधिकारियों ने पुलिस को बताया था कि गिरफ्तार आरोपियों के साथियों ने 535 बोगस बोगस फर्में देश के 20 राज्यों में खोलकर 990 करोड़ की जीएसटी चोरी की है। इस गिरोह ने ई वेबिलों के माध्यम से 5478 करोड़ टर्नओवर दिखाया था। पुलिस ने फर्जी सीए परमिंदर सिंह को गिरफ्तार लिया लेकिन अभी तक मास्टर माइंड शाहिद पकड़ा नहीं गया है। अभी जीएसटी चोरी का काफी हिस्सा बाकी है।
लकड़ी चोरी के आरोपियों का नाम पुलिस रिपोर्ट में जुड़ेगा
राज्य कर अपर आयुक्त आरए सेठ ने बताया कि लकड़ी चोरी के प्रमुख आरोपी रियासत सहित अन्य लोगों नाम थाने में दर्ज मुकदमे में जोड़ा जाएगा। इसी आधार पर पुलिस भी आरोपियों को गिरफ्तार भी करेगी। अभी राज्य कर के अधिकारी आरोपियों के बैंक खाते को सीज कराने की तैयारी में लगे हैं। इस मामले में काफी जानकारियां इकट्ठा कर ली गई हैं।