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सौर ऊर्जा से रेलवे ने कम की बिजली की खपत, पांच करोड़ रुपये बचाए

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 14 Dec 2021 01:03 AM IST
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Railways reduced electricity consumption with solar energy, saved five crore rupees
मुरादाबाद। मुरादाबाद रेल मंडल ने अपने नौ रेलवे स्टेशनों पर 704.42 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट लगाकार बिजली की खपत कम की है। मुरादाबाद, बरेली, हरिद्वार, हरदोई, शाहजहांपुर, रायवाला, ऋषिकेश, रुड़की, देहरादून स्टेशनों पर सौर ऊर्जा से संचालित प्लांट लगाए गए हैं। इससे रेलवे के बिजली के खर्चे में पांच करोड़ रुपये की बचत हुई है। इसके अलावा रेलवे ने सभी स्टेशनों पर लगी लाइटों को एलईडी में बदल दिया है। इससे भी विद्युत खपत काफी कम हुई है।
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रेलवे के मुताबिक वर्ष 2019 -2020 में कुल ऊर्जा खपत चार करोड़ 23 लाख 58 हजार 398 यूनिट था। वर्ष 2020 -21 में यह खर्च कुल तीन करोड़ 36 लाख 48 हजार 545 यूनिट रह गया, जोकि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम है। वहीं मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर स्थापित किया गया सोलर प्लांट रेलवे की दोगुनी मदद करेगा। इससे न सिर्फ रेलवे को रोजाना तीन हजार रुपये से ज्यादा की बचत की बचत होगी बल्कि पीवीवीएनएल को भी बिजली की सप्लाई की जा सकेगी। साथ ही पीवीवीएनएल को दी गई बिजली का मूल्य भी बिल में समायोजित हो जाएगा। रेलवे स्टेशन पर स्थापित किए गए सोलर प्लांट की क्षमता 235 किलोवाट है। इससे प्रतिमाह लगभग 25000 किलोवाट बिजली बनाई जा सकेगी। स्टेशन पर उपयोग के अलावा अतिरिक्त ऊर्जा बिजली विभाग को सप्लाई की जाएगी। इससे शहर में भी बिजली सप्लाई बढ़ेगी। नेशनल सोलर मिशन के अंतर्गत स्थापित किया गया यह सोलर प्लांट प्रतिदिन 60 फीसदी तक बिजली बचाएगा।
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इसके अलावा इससे ऊर्जा उत्पन्न करने में प्रदूषण भी नहीं होगा। फिलहाल रेलवे अपने स्टेशन और आवासों के लिए पीवीवीएनएल से बिजली लेता है। इस सोलर पावर प्लांट द्वारा बनाई गई बिजली का उपयोग केवल स्टेशन के लिए किया जा सकेगा। प्रतिदिन होने वाली ऊर्जा खपत में 60 प्रतिशत तक की कमी आएगी और अतिरिक्त ऊर्जा को बिजली विभाग को सप्लाई किया जाएगा। इस ऊर्जा का मूल्य रेलवे के बिजली बिल में समायोजित कराया जाएगा। रेल प्रशासन के मुताबिक इससे हर साल लगभग तीन लाख किलोवाट बिजली का उत्पादन होगा। इससे रेलवे को हर साल 12 लाख रुपये की बचत होगी।
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सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह ने बताया कि मुरादाबाद और हापुड़ में रिमोट एसी कंट्रोलर डिवाइस लग जाने से अब एसी का संचालन एवं मॉनिटरिंग एंड्रॉयड मोबाइल एप से होगी। इससे विद्युत ऊर्जा की बचत होगी।
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