मुरादाबाद; जमातियों की मनमानी से अस्पताल कर्मचारी परेशान, खाने में मांग रहे हैदराबादी बिरयानी
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गाजियाबाद और झांसी के बाद अब मुरादाबाद के नर्मदा होस्टल और जिला अस्पताल में क्वांरटीन जमातियों की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि जमाती उनकी बात नहीं मान रहे हैं और अपनी मनमानी पर उतर आए हैं।
20 जमातियों को होस्टल और जिला अस्पताल में क्वारंटीन किया है। इनमें मलेशिया के आठ जमातियों ने अस्पताल कर्मचारियों को परेशान कर दिया है। एक जमाती ने तो कई बार होस्टल से भगने की भी कोशिश की। इसके बाद होस्टल के बाहर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है।
क्वारंटीन वार्डों में महिला नर्सों के हटाकर पुरुषों की ड्यूटी लगा दी गई है। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि जमाती बीच-बीच में हैदराबादी बिरयानी की मांग करने लगते हैं, लेकिन भूख लगने पर रोटी-सब्जी और दाल चावल पर टूट पड़ते हैं।
मालूम हो कि निजामुद्दीन मरकज से लौटने वाले जमातियों की देशभर में धरपकड़ के बाद उन्हें क्वारंटीन किया गया है। मुरादाबाद में भी बुधवार को 68 जमातियों को पुलिस ने दबोचा और नर्मदा होस्टिल में क्वारंटीन किया है। स्क्रीनिंग के बाद 48 जमातियों को छोड़ दिया गया है।
20 जमातियों को कोरोना संदिग्ध मानते हुए उनके सैंपल लिए गए थे। एक में बुखार और खांसी के लक्षण होने पर उसे जिला अस्पताल और बाकी जमातियों को नर्मदा होस्टल में क्वारंटीन किया गया था। इनमें से आठ लोग मलेशिया के हैं।
उन्हें हिंदी और अंग्रेजी समझ नहीं आ रही है, न ही वे हिंदी या अंग्रेजी बोल पा रहे हैं। वे रह-रह कर शोर मचाने लगते हैं। कई बार भागने के फिराक में वे क्वारंटीन कक्ष से बाहर निकल जाते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि पहले जब उनके लिए रोटी, सब्जी, पूड़ी, दाल और चावल परोसी गई थी तो मलेशिया के जमातियों ने खाने को ठुकरा दिया।
इसके बाद भूख लगने पर रोटी और सब्जी पर टूट पड़े। इस बीच मलेशिया के एक जमाती ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे अस्पताल परिसर में ही दबोच लिया गया। इन हरकतों के बाद से पहरा और भी सख्त कर दिया गया है।