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Moradabad News: हस्तशिल्प पर शून्य शुल्क के लिए पीयूष गोयल से मिले निर्यातक
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मुरादाबाद। हस्तशिल्प निर्यातकों की समस्याओं को लेकर ईपीसीएच का प्रतिनिधिमंडल वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मिला। ईपीसीएच के उपाध्यक्ष नीरज खन्ना के नेतृत्व में निर्यातकों ने वाणिज्य मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। ट्रंप के टैरिफ के कारण उत्पन्न चुनौतियों पर उन्होंने सरकार का सहयोग मांगा।
प्रतिनिधिमंडल में ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा व अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक राजेश रावत भी शामिल रहे। उन्होंने मंत्री से कहा कि पारस्परिक शुल्क के चलते हस्तशिल्प निर्यातकों के सामने गंभीर चुनौतियां आ रही हैं। पिछले वर्ष अमेरिका को किए गए 700 मिलियन डॉलर के निर्यात में से 40 प्रतिशत हिस्सा हस्तशिल्प उत्पादों का था। शुल्कों में बढ़ोतरी के कारण अंतरराष्ट्रीय खरीदार भारी छूट की मांग कर रहे हैं, जिससे निर्यातकों पर बड़ा वित्तीय दबाव है।
निर्यातकों ने मंत्री को ज्ञापन दिया और मांग रखी कि सरकार की ओर से एक वित्तीय राहत और सहायता पैकेज दिया जाए। वह माल जो पहले ही भेजा जा चुका है, गोदामों में है, या ट्रांजिट में है, उसके लिए एक अनुग्रह अवधि दी जाए। वार्ता के दौरान हस्तशिल्प कोड्स को शून्य-शुल्क सूची में शामिल किया जाए। मंत्री ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और बताया कि सरकार इस विषय को प्राथमिकता के साथ अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष उठा रही है।
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प्रतिनिधिमंडल में ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा व अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक राजेश रावत भी शामिल रहे। उन्होंने मंत्री से कहा कि पारस्परिक शुल्क के चलते हस्तशिल्प निर्यातकों के सामने गंभीर चुनौतियां आ रही हैं। पिछले वर्ष अमेरिका को किए गए 700 मिलियन डॉलर के निर्यात में से 40 प्रतिशत हिस्सा हस्तशिल्प उत्पादों का था। शुल्कों में बढ़ोतरी के कारण अंतरराष्ट्रीय खरीदार भारी छूट की मांग कर रहे हैं, जिससे निर्यातकों पर बड़ा वित्तीय दबाव है।
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निर्यातकों ने मंत्री को ज्ञापन दिया और मांग रखी कि सरकार की ओर से एक वित्तीय राहत और सहायता पैकेज दिया जाए। वह माल जो पहले ही भेजा जा चुका है, गोदामों में है, या ट्रांजिट में है, उसके लिए एक अनुग्रह अवधि दी जाए। वार्ता के दौरान हस्तशिल्प कोड्स को शून्य-शुल्क सूची में शामिल किया जाए। मंत्री ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और बताया कि सरकार इस विषय को प्राथमिकता के साथ अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष उठा रही है।
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