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हाईकोर्ट में नौकरी के नाम पर अमीन ने ठगे आठ लाख

Wed, 27 Jul 2016 10:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Wed, 27 Jul 2016 10:54 AM IST
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Eight Lakh deceived in the name of  jobs in the High Court by Amin
अपराध - फोटो : demo
इलाहाबाद हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर सदर तहसील के अमीन ने एलएलएम के एक छात्र से आठ लाख रुपये ठग लिए। हाईकोर्ट में तैनात जज को अपना रिश्तेदार बताकर अमीन ने ये रकम ली थी, लेकिन छात्र की नौकरी नहीं लग पाई। पीड़ित ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। एसएसपी ने सिविल लाइंस पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं। 
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पीड़ित छात्र सत्यवीर सिंह पुत्र श्यामलाल कुंदरकी के नानपुर गांव का रहने वाला है। वह बिजनौर के विवेक कालेज से एलएलएम का कोर्स कर रहा है। सत्यवीर सिंह ने एसएसपी को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि उसके मामा बाबूराम एडीएम सिटी के पेशकार थे। अब वह रिटायर्ड हो चुके हैं। उनके द्वारा सदर तहसील में तैनात मोतीराम यादव से उनकी जान पहचान हो गई थी। मोतीराम यादव ने झांसा दिया था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज उनके रिश्तेदार हैं।
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हाईकोर्ट में चपरासी के पद पर भर्ती हो रही है। वह दस लाख रुपये में सत्यवीर की नौकरी लगवा देगा। लालच में आकर सत्यवीर के परिवार ने मोतीराम यादव को 8 लाख रुपये दे दिए थे। बाकी रकम रिजल्ट आने के बाद देने थी। सात मई 2016 को रिजल्ट घोषित हुआ। लेकिन सत्यवीर का चयन नहीं हो पाया। जब पीड़ित ने अमीन से अपनी रकम वापस मांगी तो अमीन टाल मटोल करने लगा। 
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जमीन और पेड़ बेचकर जुटाई थी रकम 
मुरादाबाद। सत्यवीर सिंह ने बताया कि अमीन को रकम देने के लिए उसके पिता ने तीन बीघा जमीन और खेत पर लगे पेड़ बेच दिए। तब जाकर रकम रकम जुटा पाए थे। उसने बताया कि जब पिता को पता चला कि सत्यवीर की नौकरी नहीं लग पाई है और रकम भी फंस गई तो वह उसके सदमे में आ गए। कई दिन तक उन्होंने खाना तक नहीं खाया। पूरा परिवार परेशान है। 

पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया आरोपी
मुरादाबाद। सिविल लाइंस पुलिस ने आरोपी को थाने बुलाया। लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। पीड़ित ने बताया कि आरोपी मोतीराम यादव की ऊंची पहुंच के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। 


ये था पूरा मामला
मुरादाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट में चपरासी के 243 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए थे। 20 दिसंबर 2015 को लिखित परीक्षा हुई थी। जबकि सात मई 2016 को परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया गया था। 
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