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भुगतान करने के बाद 107 वर्कआर्डर किए निरस्त, जांच शुरू
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मुरादाबाद। जलकल विभाग सबमर्सिबल, नलकूप बोरिंग, हैंडपाइप लगाने के ठेकों में घोटालों का अड्डा बन गया है। जमीन पर काम नहीं होने के आरोपों से घिरे ठेकेदारों के 682 वर्कआर्डर को जलकल विभाग ने एक झटके में निरस्त किया था। यह ठेके छह करोड़ के थे। हल्ला मचने के बाद छानबीन में सामने आया कि 682 निरस्त वर्कआर्डर में करीब 107 वर्कआर्डर के भुगतान तो पहले ही ठेकेदारों के पक्ष में किए जा चुके हैं। वित्तीय अनियमितता के तहत इन कामों को भी निरस्त हो चुके वर्कआर्डर की सूची में शामिल कर दिया गया। नगर आयुक्त ने समिति गठित करके इस प्रकरण की जांच बैठा दी है।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में मिनी नलकूप बोरिंग, सबमर्सिबल, पानी की लाइन बिछाने और हैंडपाइप लगाने के कामों के जलकल विभाग ने अलग-अलग महीनोें में कुटेशन जारी किए थे। यह निर्माण के काम 20 से अधिक ठेकेदारों को दिए गए। ठेकेदारों की माने तो वर्कआर्डर जारी होने के बाद उन्होंने तयशुदा जगहों पर काम कराए है। महाप्रबंधक (जलकल) एसपी श्रीवास्तव ने 22 मई को 682 कामों के वर्कआर्डर निरस्त कर दिए। बीते शनिवार को पीलीकोठी स्थिति निगम कार्यालय पर ठेकेदारों ने हंगामा किया। उनका दावा था कि उन्होंने निर्माण पूरे कराए हैं। नगर आयुक्त ने टीम बनाकर कामों के भौतिक सत्यापन कराए।
काम नहीं करने वाले होंगे ब्लैक लिस्ट
447 साइट पर जलकल के काम ठीक मिले। वहीं 128 साइट ऐसी सामने आईं हैं, जहां ठेकेदारों ने काम ही नहीं कराए। सिर्फ भुगतान के लिए दावा कर रहे थे। ऐसे ठेकेदारों को निगम ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी कर रहा है।
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भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी सामने आई है। 128 साइट पर काम ही नहीं हुए। 107 वर्कआर्डर के पहले ही भुगतान हो चुके थे। वित्तीय अनियमितता की जांच बैठाई गई है। - संजय चौहान नगर आयुक्त
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वित्तीय वर्ष 2018-19 में मिनी नलकूप बोरिंग, सबमर्सिबल, पानी की लाइन बिछाने और हैंडपाइप लगाने के कामों के जलकल विभाग ने अलग-अलग महीनोें में कुटेशन जारी किए थे। यह निर्माण के काम 20 से अधिक ठेकेदारों को दिए गए। ठेकेदारों की माने तो वर्कआर्डर जारी होने के बाद उन्होंने तयशुदा जगहों पर काम कराए है। महाप्रबंधक (जलकल) एसपी श्रीवास्तव ने 22 मई को 682 कामों के वर्कआर्डर निरस्त कर दिए। बीते शनिवार को पीलीकोठी स्थिति निगम कार्यालय पर ठेकेदारों ने हंगामा किया। उनका दावा था कि उन्होंने निर्माण पूरे कराए हैं। नगर आयुक्त ने टीम बनाकर कामों के भौतिक सत्यापन कराए।
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काम नहीं करने वाले होंगे ब्लैक लिस्ट
447 साइट पर जलकल के काम ठीक मिले। वहीं 128 साइट ऐसी सामने आईं हैं, जहां ठेकेदारों ने काम ही नहीं कराए। सिर्फ भुगतान के लिए दावा कर रहे थे। ऐसे ठेकेदारों को निगम ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी कर रहा है।
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भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी सामने आई है। 128 साइट पर काम ही नहीं हुए। 107 वर्कआर्डर के पहले ही भुगतान हो चुके थे। वित्तीय अनियमितता की जांच बैठाई गई है। - संजय चौहान नगर आयुक्त