{"_id":"594830764f1c1b3f628b46fd","slug":"14979032547-milak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिलक में बीडीसी सदस्य को उठाने के विरोध में आए पूर्व विधायक, पुलिस ने छोडा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मिलक में बीडीसी सदस्य को उठाने के विरोध में आए पूर्व विधायक, पुलिस ने छोडा
Updated Tue, 20 Jun 2017 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिलक में बीडीसी सदस्य को उठाने के विरोध में आए पूर्व विधायक,पुलिस ने छोडा
मिलक। बीडीसी सदस्य को उठाकर 24 घंटे पुलिस हिरासत में रखने के खिलाफ भाजपा के पूर्व विधायक विरोध में आए। इस दौरान पुलिस ने 24 घंटे से हिरासत में रखे पुलिस को छोड़ दिया।
कोतवाली क्षेत्र के परतापुर गांव निवासी एक बीडीसी सदस्य को पुलिस 24 घंटे पहले उठा लाई थी। जिसको पुलिस ने 24 घंटे अपनी हिरासत में रखा था और कोई कार्रवाई नहीं की। जिसको लेकर मामला तूल पकड़ गया। सोमवार को सुबह भाजपा के पूर्व विधायक ज्वालाप्रसाद गंगवार कोतवाली पहुंचे और कोतवाल से मिलकर अवैध रुप से 24 घंटे तक बीडीसी सदस्य को पुलिस हिरासत में रखे जाने पर विरोध जताया। उनका कहना था कि पुलिस पूर्व ब्लाक प्रमुख के इशारे पर उत्पीडन कर रही है। यदि बीडीसी सदस्य दोषी है। तब उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाए। यदि दोषी नहीं है। तब उसको अवैध हिरासत से मुक्त किया जाए। जिसको लेकर कोतवाल आर.बी. कौल का कहना था कि पूर्व ब्लाक प्रमुख अर्चना गंगवार ने आरोपी बीडीसी के खिलाफ उधार में लिए गए दो लाख रुपयों को हड़पने का आरोप लगाया था। जिसकी जांच के लिए संबधित बीडीसी सदस्य को बुलाया गया था। उन्होने अवैध हिरासत से इंकार किया है। उन्होने कहा कि उसके जांच करने को लिए बीडीसी सदस्य के बयान लिए गए थे और वह पुलिस को बयान दर्ज कराकर अपने घर चला गया है। प्रार्थना पत्र की जांच अभी चल रही है। वहीं दूसरी ओर पूर्व ब्लाक प्रमुख अर्चना गंगवार का कहना है कि वह किसी बीडीसी सदस्य का उत्पीडन नहीं कर रही हैं, बल्कि संबधित बीडीसी सदस्य ने जालसाजी से दो लाख रुपये उधार लिए गए रुपये हड़प कर लिए हैं। जिसको लेकर पुलिस को तहरीर दी गई थी।
विज्ञापन
मिलक। बीडीसी सदस्य को उठाकर 24 घंटे पुलिस हिरासत में रखने के खिलाफ भाजपा के पूर्व विधायक विरोध में आए। इस दौरान पुलिस ने 24 घंटे से हिरासत में रखे पुलिस को छोड़ दिया।
कोतवाली क्षेत्र के परतापुर गांव निवासी एक बीडीसी सदस्य को पुलिस 24 घंटे पहले उठा लाई थी। जिसको पुलिस ने 24 घंटे अपनी हिरासत में रखा था और कोई कार्रवाई नहीं की। जिसको लेकर मामला तूल पकड़ गया। सोमवार को सुबह भाजपा के पूर्व विधायक ज्वालाप्रसाद गंगवार कोतवाली पहुंचे और कोतवाल से मिलकर अवैध रुप से 24 घंटे तक बीडीसी सदस्य को पुलिस हिरासत में रखे जाने पर विरोध जताया। उनका कहना था कि पुलिस पूर्व ब्लाक प्रमुख के इशारे पर उत्पीडन कर रही है। यदि बीडीसी सदस्य दोषी है। तब उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाए। यदि दोषी नहीं है। तब उसको अवैध हिरासत से मुक्त किया जाए। जिसको लेकर कोतवाल आर.बी. कौल का कहना था कि पूर्व ब्लाक प्रमुख अर्चना गंगवार ने आरोपी बीडीसी के खिलाफ उधार में लिए गए दो लाख रुपयों को हड़पने का आरोप लगाया था। जिसकी जांच के लिए संबधित बीडीसी सदस्य को बुलाया गया था। उन्होने अवैध हिरासत से इंकार किया है। उन्होने कहा कि उसके जांच करने को लिए बीडीसी सदस्य के बयान लिए गए थे और वह पुलिस को बयान दर्ज कराकर अपने घर चला गया है। प्रार्थना पत्र की जांच अभी चल रही है। वहीं दूसरी ओर पूर्व ब्लाक प्रमुख अर्चना गंगवार का कहना है कि वह किसी बीडीसी सदस्य का उत्पीडन नहीं कर रही हैं, बल्कि संबधित बीडीसी सदस्य ने जालसाजी से दो लाख रुपये उधार लिए गए रुपये हड़प कर लिए हैं। जिसको लेकर पुलिस को तहरीर दी गई थी।
विज्ञापन