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अपनों को देख फूट फूट कर रोने लगे मासूम
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:28 AM IST
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मुरादाबाद।
अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन से उतारे गए बच्चों के परिजन शनिवार दोपहर मुरादाबाद पहुंच गए। अपने मां बाप को देखकर सभी बच्चे फूट फूट कर रोए। काफी समझाने के बाद बच्चे शांत हुए। इसके बाद बाल कल्याण समिति की न्यायपीठ में बच्चे और उनके परिजन पेश हुए। न्यायपीठ ने आदेश दिए हैं कि परिजन खुद बच्चों को राजस्थान तक छोड़कर आएंगे। इसके बाद बच्चे उनके परिजनों को सौंप दिया।
बिहार के कटियार जनपद निवासी सात बच्चे गुरुवार को राजस्थान स्थित मदरसे में पढ़ने जा रहे थे। मानव तस्करी के शक में बच्चों को अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन से मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर उतारा गया था। चाइल्ड लाइन संस्था के पदाधिकारी जीआरपी, आरपीएफ और एएचटीयू टीम को साथी लेकर सभी बच्चों को उतार लिया था। शनिवार दोपहर बच्चों के परिजन और मदरसे के शिक्षक पहुंचे। बाल कल्याण समिति की न्यायपीठ के अध्यक्ष गुलजार अहमद, सदस्य नीतू सक्सेना ने बताया कि बच्चों और उनके परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। परिजनों ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों को मदरसे में पढ़ाई के लि ए भेजा था। अब वह खुद ही बच्चों को राजस्थान तक छोड़कर आएंगे।
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अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन से उतारे गए बच्चों के परिजन शनिवार दोपहर मुरादाबाद पहुंच गए। अपने मां बाप को देखकर सभी बच्चे फूट फूट कर रोए। काफी समझाने के बाद बच्चे शांत हुए। इसके बाद बाल कल्याण समिति की न्यायपीठ में बच्चे और उनके परिजन पेश हुए। न्यायपीठ ने आदेश दिए हैं कि परिजन खुद बच्चों को राजस्थान तक छोड़कर आएंगे। इसके बाद बच्चे उनके परिजनों को सौंप दिया।
बिहार के कटियार जनपद निवासी सात बच्चे गुरुवार को राजस्थान स्थित मदरसे में पढ़ने जा रहे थे। मानव तस्करी के शक में बच्चों को अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन से मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर उतारा गया था। चाइल्ड लाइन संस्था के पदाधिकारी जीआरपी, आरपीएफ और एएचटीयू टीम को साथी लेकर सभी बच्चों को उतार लिया था। शनिवार दोपहर बच्चों के परिजन और मदरसे के शिक्षक पहुंचे। बाल कल्याण समिति की न्यायपीठ के अध्यक्ष गुलजार अहमद, सदस्य नीतू सक्सेना ने बताया कि बच्चों और उनके परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। परिजनों ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों को मदरसे में पढ़ाई के लि ए भेजा था। अब वह खुद ही बच्चों को राजस्थान तक छोड़कर आएंगे।
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