{"_id":"62fd27c455692a1faa5b2fd2","slug":"abdullah-azajm-met-wtith-sp-moradabad-news-mbd438076981","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब्दुल्ला ने आजम पर दर्ज मुकदमे को झूठा बताया, एसपी से मिले-00","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब्दुल्ला ने आजम पर दर्ज मुकदमे को झूठा बताया, एसपी से मिले-00
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। सपा नेता आजम खां पर वादी को धमकाने के नए मुकदमे के बाद उनके बेटे एवं स्वार सीट से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम ने एसपी से मुलाकात की। मुकदमे को झूठा बताते हुए निरस्त करने की मांग का पत्र एसपी को दिया।
एसपी को सौंपे पत्र में कहा गया है कि कोर्ट में चल रहे एक मामले के वादी (गवाह) की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री और शहर विधायक आजम खां के खिलाफ निराधार व झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। उक्त गवाह ने आजम खां पर 4-5 लोगों को भेजकर उनके विरुद्ध गवाही न देने का आरोप लगाया है।
पत्र में कहा गया है कि आजम खां का स्वास्थ्य पिछले काफी समय से अत्यंत खराब है। अभी पिछले दिनों वह मेदांता अस्पताल लखनऊ में भर्ती थे और तीन दिन पहले ही रामपुर आए हैं। आजम खां अभी स्वास्थ्य की गंभीर समस्याओं से पीड़ित हैं और चलने-फिरने में भी पूर्ण समर्थ नहीं हैं। उनके विरुद्ध कई अन्य मुकदमे भी विचाराधीन हैं, जिनकी न्यायिक प्रक्रिया के चलते वह माननीय न्यायालय में उपस्थित होते रहे।
विज्ञापन
पत्र में कहा गया है कि आजम खां एक वरिष्ठ नेता हैं और 10 बार विधायक चुने गए हैं। ऐसे में उन पर कुछ लोगों को गवाह के घर भेजकर धमकाने और डराने का आरोप हास्यास्पद और निराधार है। इस प्रकार झूठे, मनगढ़ंत और निराधार मुकदमे दर्ज करके न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। लिहाजा शहर कोतवाली में दर्ज मुकदमे को निरस्त किया जाए।
इस दौरान चमरौआ विधायक नसीर अहमद खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश, आसिम राजा, पूर्व विधायक विजय सिंह भी अब्दुल्ला आजम के साथ रहे।
विज्ञापन
एसपी को सौंपे पत्र में कहा गया है कि कोर्ट में चल रहे एक मामले के वादी (गवाह) की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री और शहर विधायक आजम खां के खिलाफ निराधार व झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। उक्त गवाह ने आजम खां पर 4-5 लोगों को भेजकर उनके विरुद्ध गवाही न देने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
पत्र में कहा गया है कि आजम खां का स्वास्थ्य पिछले काफी समय से अत्यंत खराब है। अभी पिछले दिनों वह मेदांता अस्पताल लखनऊ में भर्ती थे और तीन दिन पहले ही रामपुर आए हैं। आजम खां अभी स्वास्थ्य की गंभीर समस्याओं से पीड़ित हैं और चलने-फिरने में भी पूर्ण समर्थ नहीं हैं। उनके विरुद्ध कई अन्य मुकदमे भी विचाराधीन हैं, जिनकी न्यायिक प्रक्रिया के चलते वह माननीय न्यायालय में उपस्थित होते रहे।
विज्ञापन
पत्र में कहा गया है कि आजम खां एक वरिष्ठ नेता हैं और 10 बार विधायक चुने गए हैं। ऐसे में उन पर कुछ लोगों को गवाह के घर भेजकर धमकाने और डराने का आरोप हास्यास्पद और निराधार है। इस प्रकार झूठे, मनगढ़ंत और निराधार मुकदमे दर्ज करके न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। लिहाजा शहर कोतवाली में दर्ज मुकदमे को निरस्त किया जाए।
इस दौरान चमरौआ विधायक नसीर अहमद खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश, आसिम राजा, पूर्व विधायक विजय सिंह भी अब्दुल्ला आजम के साथ रहे।