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निरीक्षण में 50 सफाई कर्मचारी मिले गैर हाजिर
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:28 AM IST
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मुरादाबाद। नगर आयुक्त के निर्देश पर अधिकारियों ने सोमवार सुबह सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी की जांच की। निरीक्षण में 50 कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पाए गए। पांच स्थाई कर्मचारी लंबे समय से काम पर नहीं आ रहे हैं। जबकि कई कर्मचारियों का कुछ पता ही नहीं चल सका। इन पर नगर आयुक्त ने कठोर कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री द्वारा शहर को गंदा बताने और मेयर से विरोध जताने के बाद सोमवार को निगम अधिकारी हरकत में आ गए। नगर आयुक्त के आदेश पर अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी चेक की। अधिकारियों को जांच में 50 सफाई कर्मचारी मौजूद नहीं मिले। इनका एक दिन का वेतन काटने के आदेश नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा ने दिए हैं। इनके साथ ही पांच स्थाई सफाई कर्मचारी जाकिर, मंगल, विक्की, शिवचरण और मीनू लंबे समय से सफाई करने नहीं आ रहे हैं। इन सभी को सस्पेंड कर दिया गया है। इनके साथ ही सफाई कर्मचारी पूरन और रामबाबू की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कार्यवाहक सफाई नायक विनोद कुमार के काम न करने पर उसको पदावनत कर सफाईकर्मी बना दिया गया। नगर आयुक्त ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी पर मौजूद न मिलने वालों की सेवा समाप्त कर दी जाएंगी।
पार्षद करते रहे हैं विरोध
पार्षद अधिकारियों से कई बार सफाई कर्मचारियों के काम पर न आने की शिकायत कर चुके हैं। यह मामला बोर्ड मीटिंग में भी उठाया था। पार्षदों का आरोप था कि एक ही सफाई कर्मी का नाम कई वार्ड में दिखा रखा है। इसके चलते वार्ड में बोर्ड लगाकर इनके नाम लिखे जाएं।
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बताओ साहब कैसे हो सफाई-
सफाई कर्मचारी नेता ओमीलाल वाल्मिकी ने उप नगर आयुक्त से मिलकर स्पष्ट कर दिया कि ऐसे हालात में शहर की सफाई नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मानक के अनुसार 46 सौ सफाई कर्मचारी होने चाहिए, जबकि 17 सौ कर्मचारी ही हैं। इनमें से 75 को सफाई नायक बना दिया गया है। अन्य 80 को ड्राइवर बनाकर वाहन चलवाए जा रहे हैं। 60 कर्मचारी विभिन्न आफिसों में पानी पिलाने के लिए रखे गए हैं। सौ से ज्यादा कर्मचारियों को अधिकारियों ने अपनी कोठी पर लगाया हुआ है। शहर की सफाई करानी है तो सभी सफाई कर्मचारियों को केवल अपने मूल काम पर लगाया जाए।
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मुख्यमंत्री द्वारा शहर को गंदा बताने और मेयर से विरोध जताने के बाद सोमवार को निगम अधिकारी हरकत में आ गए। नगर आयुक्त के आदेश पर अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी चेक की। अधिकारियों को जांच में 50 सफाई कर्मचारी मौजूद नहीं मिले। इनका एक दिन का वेतन काटने के आदेश नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा ने दिए हैं। इनके साथ ही पांच स्थाई सफाई कर्मचारी जाकिर, मंगल, विक्की, शिवचरण और मीनू लंबे समय से सफाई करने नहीं आ रहे हैं। इन सभी को सस्पेंड कर दिया गया है। इनके साथ ही सफाई कर्मचारी पूरन और रामबाबू की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कार्यवाहक सफाई नायक विनोद कुमार के काम न करने पर उसको पदावनत कर सफाईकर्मी बना दिया गया। नगर आयुक्त ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी पर मौजूद न मिलने वालों की सेवा समाप्त कर दी जाएंगी।
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पार्षद करते रहे हैं विरोध
पार्षद अधिकारियों से कई बार सफाई कर्मचारियों के काम पर न आने की शिकायत कर चुके हैं। यह मामला बोर्ड मीटिंग में भी उठाया था। पार्षदों का आरोप था कि एक ही सफाई कर्मी का नाम कई वार्ड में दिखा रखा है। इसके चलते वार्ड में बोर्ड लगाकर इनके नाम लिखे जाएं।
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बताओ साहब कैसे हो सफाई-
सफाई कर्मचारी नेता ओमीलाल वाल्मिकी ने उप नगर आयुक्त से मिलकर स्पष्ट कर दिया कि ऐसे हालात में शहर की सफाई नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मानक के अनुसार 46 सौ सफाई कर्मचारी होने चाहिए, जबकि 17 सौ कर्मचारी ही हैं। इनमें से 75 को सफाई नायक बना दिया गया है। अन्य 80 को ड्राइवर बनाकर वाहन चलवाए जा रहे हैं। 60 कर्मचारी विभिन्न आफिसों में पानी पिलाने के लिए रखे गए हैं। सौ से ज्यादा कर्मचारियों को अधिकारियों ने अपनी कोठी पर लगाया हुआ है। शहर की सफाई करानी है तो सभी सफाई कर्मचारियों को केवल अपने मूल काम पर लगाया जाए।