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बार- बार चुनाव चिन्ह बदले जाने पर प्रत्याशियों ने किया हंगामा

Tue, 20 Apr 2021 11:25 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 20 Apr 2021 11:25 PM IST
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The candidates created a ruckus when the election symbol was changed again and again.
फोटो
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बार- बार चुनाव चिन्ह बदले जाने पर प्रत्याशियों ने किया हंगामा
जिला मुख्यालय पर रहा आपाधापी का माहौल, आक्रोशित रहे प्रत्याशी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन किए हुए प्रत्याशियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा किया। उनका आरोप था कि उनका चुनाव चिन्ह बदल दिया गया है। तीन दिन में ही दो- दो तीन- तीन बार चुनाव चिन्ह बदले जाने पर प्रत्याशी आक्रोशित हो गए। बाद में आरओ ने उनकी बातों को सुना और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
प्रत्याशियों का कहना था कि अभी रविवार को ही चुनाव चिन्ह का आवंटन किया गया था। इस बीच तीन दिन में ऐसा क्या हो गया कि चुनाव चिन्ह बार- बार बदला जा रहा है। इसका मतलब है कि जिला प्रशासन एवं निर्वाचन विभाग ठीक से काम नहीं कर रहा है। उसकी विश्वसनीयता पर भी अब शक हो रहा है। यही स्थिति रही तो परिणाम भी बदलने का प्रयास होगा। चुनाव चिन्ह बदलने से उनके चुनाव प्रचार में बाधा पहुंच रही है। अब इतना कम समय हो गया है वह कहां से प्रचार करें। एक प्रत्याशी को तो तीन- तीन चुनाव चिन्ह मिल गया है। अब वह यह सोचकर परेशान है कि वह किस चुनाव चिन्ह से प्रचार करे। उसका जो पैसा इन चिन्हों के प्रचार में खर्च हुआ है। उसका क्या होगा। सबसे बड़ी बात तो यह है कि अब मतदान में मात्र छह दिन का ही समय बचा है। ऐसे में वह बार- बार कैसे प्रचार करे कि लोग यह समझ जाए कि अब उसका चुनाव चिन्ह बदल गया है। इसी प्रकार के कई मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को पूरे दिन भर जिला मुख्यालय पर आपाधापी का माहौल रहा। कई क्षेत्रों में भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। निर्वाचन कार्यालय की लापरवाही का निष्क्रियता प्रत्याशियों को उठाना पड़ रहा है। कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
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लालगंज। मंगलवार की शाम वार्ड नंबर 15 लालगंज जिला पंचायत सदस्य के दो प्रत्याशियों में उस समय हड़कंप मच गया। जब उन्हें तहसील परिसर में सूचना देकर बुलाया गया कि चुनाव चिन्ह में परिवर्तन किया जाएगा। सूचना पर पहुंचे प्रत्याशियों ने विरोध जताते हुए उपजिलाधिकारी को बताया कि चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रचार कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में चुनाव चिन्ह बदलाव करना लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया के विरुद्ध है। मतदाताओं को इस बात की जानकारी हो चुकी है किस प्रत्याशी का कौन सा चुनाव चिन्ह है। ऐसी स्थिति में चुनाव चिन्ह का परिवर्तन चुनावी प्रत्याशियों के हित में नहीं है। प्रत्याशियों ने उप जिलाधिकारी अमित कुमार शुक्ला से वार्ता के दौरान बता दिया कि हम लोग अपने अपने चुनाव चिन्ह का प्रचार कर चुके हैं।इसलिए बदलाव चुनाव चिन्ह का करना संभव नहीं है। उप जिलाधिकारी ने प्रत्याशियों को आश्वासन देते हुए कहा कि चुनाव चिन्ह में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होगा।
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जिगना। छानबे क्षेत्र के कुछ जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवारों का चुनाव निशान बदल दिए जाने से प्रत्याशियों व समर्थको में रोष व्याप्त है। उम्मीदवारों ने आरओ पर मनमानी का आरोप लगाते हुए गैपुरा पुलिस चौकी पहुंचकर जमकर हंगामा मचाया। इतना ही नहीं प्रतीक चिह्न लेकर पहुंचे नायब तहसीलदार को उम्मीदवारों और समर्थको ने जमकर खरी खोटी सुनाई। इसी विकास खंड में एक उम्मीदवार के तीन दिन में तीन बार प्रतीक चिह्न बदले जाने से उम्मीदवार व समर्थकों में रोष व्याप्त है।

छानबे वार्ड दो में सुरेश कुमार के यहां मंगलवार को नायब तहसीलदार नटवर सिंह परिवर्तित चुनाव चिह्न लेकर पहुंचे तो समर्थक आग बबूला हो गए। इसी तरह वार्ड पांच में प्रेम बहादुर सिंह सहित कई प्रत्याशियों के चुनाव निशान बदले जाने की सूचना लेकर पहुंचे नायब तहसीलदार उमेश चंद को गैपुरा चौकी में लोगों की खरीखोटी सुननी पड़ी। तमाम प्रत्याशियों ने चुनाव निशान लेने से इनकार कर दिया। 18 अप्रैल को चुनाव निशान मिलने पर सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में अपना चुनाव निशान लेकर दो दिन प्रचार-प्रसार भी कर चुके है। अचानक प्रत्याशियों को फोन कर चुनाव चिह्न बदले जाने व परिवर्तित चुनाव चिह्न देने पहुंचे। तो प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में उबाल आ गया। छानबे वार्ड एक के निर्दल उम्मीदवार शेषप्रताप सिंह ने बताया कि निर्वाचन कार्यालय की ओर से तीन दिन में उनका तीन बार प्रतीक चिह्न बदला गया है। उन्होने बताया कि 18 अप्रैल को सिर पर कलश लिए हुए स्त्री चुनाव चिह्न दिया गया था। 19 अप्रैल को बुलाकर ताला व चाबी चिह्न आवंटित कर दिया गया। मंगलवार को तीसरी बार बुुलाकर चुनाव चिह्न तरकश दिया गया है। कछवां, मझवां क्षेत्र में उस समय प्रत्याशियों में अफरा तफरी मच गयी। जब बरैनी गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवार राजकुमार उपाध्याय के घर पर तहसीलदार सदर सुनील कुमार दलबल के साथ पहुंचकर चुनाव निशान बदले जाने की बात बताई। इसी तरह मझवा ब्लाक के वार्ड संख्या दो और तीन से जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशियों को दो दिन पहले रविवार चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था। मंगलवार को दोपहर प्रतीक चिन्ह बदले जाने की जानकारी हुई तो प्रत्याशियों और समर्थको में हड़कंप मच गया।
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