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लघु एवं सीमांत किसानों को मिलेंगे 15 लाख पौधे
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उद्यान विभाग की तरफ से सूखा प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने लिए प्रस्ताव किया गया है। शासन के निर्देश पर जिले में सूखे से प्रभावित 500 किसानों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए 15 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे। सभी पौधे सब्जियों के पौधे होंगे। इनकी खेती कर किसान अपनी आजीविका चला सकते हैं।
यह जानकारी जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने दी। उन्होंने बताया कि जिले के किसानों की समस्या इस योजना से काफी हद तक दूर हो सकेगी। जिले में प्रति किसान 3000 पौधों के वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना का लाभ केवल लघु एवं सीमांत किसान ही उठा सकेंगे। सूखा प्रभावित किसान पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर योजना का लाभ ले सकते हैं। प्रदेश सरकार से प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह से पौधों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। इस बार कम बारिश होने के कारण अधिकांश किसानों के खेत परती रह गए हैं। अब बाढ़ का कहर शुरू हो गया है। इससे धान की खेती भी काफी हद तक पिछड़ गई है। प्रभावित किसानों के लिए शासनस्तर से ने सूखा राहत के तहत यह योजना शुरू की है। इसमें किसानों को खेत की खतौनी, पासबुक, फोटो व आधार कार्ड के साथ ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। उसके बाद क्रमानुसार 500 किसानों को इसका लाभ दिया जाएगा। इसके तहत किसानों को टमाटर, मिर्च, बैगन, शिमला मिर्च, गोभी आदि के पौध उपलब्ध कराए जाएंगे। सूखा प्रभावित किसानों को 15 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे। इनमें में सबसे अधिक सात लाख पौधे गोभी के वितरित किए जाएंगे। इसके बाद टमाटर के तीन लाख पौधे तथा शिमला मिर्च व बैंगन के एक- एक लाख पौधे वितरित किए जाएंगे। जिले में इस बार धान की रोपाई लक्ष्य से 20 प्रतिशत कम हुई है। जिले में 86514 हेक्टेअर में धान की रोपाई का लक्ष्य है। कम बारिश के चलते लक्ष्य के 80 प्रतिशत खेतों में ही धान की रोपाई की गई है। हालांकि अभी बरसात का मौसम है।
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यह जानकारी जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने दी। उन्होंने बताया कि जिले के किसानों की समस्या इस योजना से काफी हद तक दूर हो सकेगी। जिले में प्रति किसान 3000 पौधों के वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना का लाभ केवल लघु एवं सीमांत किसान ही उठा सकेंगे। सूखा प्रभावित किसान पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर योजना का लाभ ले सकते हैं। प्रदेश सरकार से प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह से पौधों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। इस बार कम बारिश होने के कारण अधिकांश किसानों के खेत परती रह गए हैं। अब बाढ़ का कहर शुरू हो गया है। इससे धान की खेती भी काफी हद तक पिछड़ गई है। प्रभावित किसानों के लिए शासनस्तर से ने सूखा राहत के तहत यह योजना शुरू की है। इसमें किसानों को खेत की खतौनी, पासबुक, फोटो व आधार कार्ड के साथ ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। उसके बाद क्रमानुसार 500 किसानों को इसका लाभ दिया जाएगा। इसके तहत किसानों को टमाटर, मिर्च, बैगन, शिमला मिर्च, गोभी आदि के पौध उपलब्ध कराए जाएंगे। सूखा प्रभावित किसानों को 15 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे। इनमें में सबसे अधिक सात लाख पौधे गोभी के वितरित किए जाएंगे। इसके बाद टमाटर के तीन लाख पौधे तथा शिमला मिर्च व बैंगन के एक- एक लाख पौधे वितरित किए जाएंगे। जिले में इस बार धान की रोपाई लक्ष्य से 20 प्रतिशत कम हुई है। जिले में 86514 हेक्टेअर में धान की रोपाई का लक्ष्य है। कम बारिश के चलते लक्ष्य के 80 प्रतिशत खेतों में ही धान की रोपाई की गई है। हालांकि अभी बरसात का मौसम है।
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