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बच्चों को समर्पण भाव से पढ़ाए शिक्षक:जेडी
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:44 AM IST
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नवीन ज्ञान और अध्ययन बिना बच्चों को संपूर्ण शिक्षण देना संभव नही है। शिक्षक नई पुस्तकों को खुद पढ़कर ही बच्चों को पढ़ाएं। उक्त बातें बुधवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने बुधवार को आर्य कन्या इंटर कॉलेज में निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से कही। आर्य कन्या इंटर कॉलेज में पठन पाठन का समुचित माहौल और समर्पण भाव नही मिलने पर कड़ी नाराजगी जताया।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय में प्रकाश और पंखों का अभाव मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने प्रधानाचार्या बीनारानी सिंह को स्कूल परिसर में साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान पाया कि कॉलेज में एक प्रधानाचार्या, सात लेक्चरर और 15 सहायक अध्यापक तैनात है। बावजूद इसके विद्यालय में पठन पाठन काफी खस्ताहाल मिला। शिक्षकों में बच्चों को पढ़ाने के प्रति रुचि नहीं दिखी। प्रत्येक कमरों में महज एक-एक पंखा लगने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विद्यालय में बच्चों से लिए जा रहे विकास फंड और शिक्षक अभिभावक शुल्क की जांच कराने का निर्देश दिया है। जेडी ने पाया कि बच्चों का पैसा बच्चों पर खर्च नही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में किए जा रहे कार्यों की जांच होगी।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय में प्रकाश और पंखों का अभाव मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने प्रधानाचार्या बीनारानी सिंह को स्कूल परिसर में साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान पाया कि कॉलेज में एक प्रधानाचार्या, सात लेक्चरर और 15 सहायक अध्यापक तैनात है। बावजूद इसके विद्यालय में पठन पाठन काफी खस्ताहाल मिला। शिक्षकों में बच्चों को पढ़ाने के प्रति रुचि नहीं दिखी। प्रत्येक कमरों में महज एक-एक पंखा लगने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विद्यालय में बच्चों से लिए जा रहे विकास फंड और शिक्षक अभिभावक शुल्क की जांच कराने का निर्देश दिया है। जेडी ने पाया कि बच्चों का पैसा बच्चों पर खर्च नही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में किए जा रहे कार्यों की जांच होगी।
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