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महंगाई की मार: पावरलूम उद्योग प्रभावित, रोजी रोटी का संकट गहराया

Sun, 24 Oct 2021 02:09 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 24 Oct 2021 02:09 PM IST
सार

मेरठ शहर में लॉकडाउन ने पावरलूम और हैंडलूम उद्योग को खासा प्रभावित किया है। व्यापार 25 से 30 प्रतिशत तक सिमट कर रह गया है जिसका एक कारण बढती महंगाई को माना जा रहा है। ट्रेडर्स के अनुसार कारोबार का बडा हिस्सा सीधा प्रभावित हो गया है। बढती महंगाई के कारण बाहरी राज्यों से भी बड़े ऑर्डर नहीं आ रहे हैं।

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Inflation hit: Powerloom industry affected, livelihood crisis deepens
handloom - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ शहर के पावरलूम और हैंडलूम उद्योग पर कोविड ने सीधी चोट की है। बढ़ी महंगाई के चलते व्यापार 25 से 30 प्रतिशत तक सिमट कर रह गया है। अन्य राज्यों से भी बड़े ऑर्डर नहीं आ रहे हैं। पावरलूम में श्रमिकों की कमी बनी हुई हैं। शहर के ट्रेडर्स के अनुसार 150 करोड़ से अधिक का कारोबार सीधा प्रभावित हो गया है।

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शहर की पावरलूम बेड शीट, पर्दे, सोफा कवर, फैंसी कपड़ा, रजाई, गद्दे, कुर्ता, लेडीज सूट आदि के कपड़े बनाते हैं। मेरठ में छोटी और बड़ी मिलाकर लगभग 25 हजार पावरलूम हैं। बाजार अब पूरी तरह से नकदी पर निर्भर हो गया है। कच्छा माल और अन्य आवश्यक वस्तु नकद ही खरीदी जा रही हैं। पॉलिस्टर और कॉटन के धागों के रेट में भी इजाफा हो गया है। पेट्रोल, डीजल के साथ अन्य वस्तुओं के बढ़े दामों ने बाजार भाव को प्रभावित कर दिया है। 
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शहर के खंदक बाजार में 450 के करीब ट्रेडर्स इन पावरलूम से माल खरीदकर देशभर में माल की सप्लाई करते हैं। वर्तमान में यह कारोबार 25 प्रतिशत पर ही सिमटकर रह गया है। कोई बड़ा ऑर्डर नहीं होने के कारण ट्रेडर्स भी शांत है। त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद भी बड़े ऑर्डर न आने से उद्यमियों और ट्रेडर्स दोनों चिंतित हैं। इसके साथ ही एक्सपोर्ट भी प्रभावित है। 
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रोजी रोटी का संकट गहराया
इस्लामाबाद, गोलाकुआं, परतापुर, शाहपीर गेट, हापुड़ रोड, कांच का पुल, पिल्लोखड़ी रोड आदि क्षेत्रों के हैंडलूम व पावरलूम उद्यमियों की बिक्री प्रभावित है। पावरलूम में बड़ी संख्या में महिलाएं कढ़ाई, रंगाई, छपाई और सिलाई का कार्य करती हैं। गद्दे के कवर, तकियों के कवर, सूती शर्ट, बेडशीट आदि तैयार किए जाते हैं। उम्मीद के अनुरूप मांग न होने से परिवारों के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा है।

व्यापार हुआ प्रभावित
व्यापारी से लेकर कारीगर तक सभी परेशान हैं। डेढ़ साल में कारोबार सीधा प्रभावित हुआ है। कई कारोबारियों के पास ऑर्डर नहीं आए हैं। उपयुक्त रेट न दे पाने के कारण ऑर्डर पेंडिंग हैं। - रचित जैन, पारसनाथ पिंट्स

ट्रेडर भी प्रभावित
आजकल हैंडलूम सेक्टर में ट्रेडर्स से लेकर उद्यमी तक हर कोई प्रभावित हैं। ग्राहक का मूड कोई भी समझ नहीं पा रहा है। ऐसे में कैश डीलिंग भी प्रभावित है। - वासु, वासु टेक्सटाइल्स

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दीपावली तक होती है अधिक मांग
दशहरा से दीपावली तक का समय व्यापार के लिए उपयुक्त होता है। सितंबर की शुरुआत से अच्छी सेल शुरू हो जाती है। इस बार बाजार में डिमांड नहीं हैं। कोई भी बाजार का सही सही आंकलन नहीं लगा पा रहा है। - मयंक, ऋषभ टेक्सटाइल्स

पीएलआई योजना वस्त्र उद्योग के लिए संजीवनी
भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने टेक्सटाइल, कपड़ा, वस्त्र उद्योग को पीएलआई या उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना लागू की है। योजना से छोटे वस्त्र उद्योग को विश्व मार्केट में पहुंचने का मौका मिलेगा। मेरठ को इससे नई पहचान मिलेगी।

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