अमर उजाला की खबर का असर: नींद से जागा शिक्षा विभाग, स्कूल में पुताई शुरू, पंखे भी लगे, बच्चों को मिली राहत
Meerut News : मेरठ में अमर उजाला की खबर का असर हुआ तो बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी नींद से जाग गए। अब स्कूल में पुताई शुरू हो गई और पंखे भी लग गए। इससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को बड़ी राहत मिली है।
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मेरठ में नगर के स्कूलों में बगैर पंखे और जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते बच्चों का मामला सामने आने पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। नगर शिक्षा अधिकारी ने जहां शहर के एक दर्जन से भी अधिक स्कूलों का निरीक्षण करके व्यवस्था का जायजा लिया, वहीं फैज-ए-आम डिग्री कॉलेज के कैंपस में संचालित प्राथमिक विद्यालय कोठी अतानस की बिल्डिंग की पुताई शुरू करा दी। स्कूल में पंख भी लगवा दिया गया है।
अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूलों की सच्चाई प्रकाशित की थी। प्राथमिक विद्यालय कोठी अतानस में बगैर पंखे के एक कमरे के स्कूल में 70 बच्चों द्वारा पढ़ाई करने और तीन शिक्षामित्रों की समस्या को उठाया। यहां के शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था को सार्वजनिक किया। कंपोजिट विद्यालय पूर्वा अहिरान, थापरनगर स्थित स्वामी विवेकानंद शिशु विहार स्कूल, पूर्वा फैय्याज अली स्थित प्राथमिक विद्यालय और पूर्वा शेखलाल की अव्यवस्थाओं से प्रशासन तक पहुंचाने का काम किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने पूरे मामले पर संज्ञान लिया और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की क्लास लगाई। उधर नगर शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश सिंह ने अमर उजाला में प्रकाशित सभी स्कूलों का निरीक्षण किया। साथ ही कोठी अतानस स्कूल पहुंचकर पुताई शुरू कराई। उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देश दिए हैं कि तत्काल स्कूल के बच्चों एवं शिक्षकों के लिए फैज-ए-आम कॉलेज से लाइट और सबमर्सिबल के पानी की व्यवस्था की जाए। साथ ही स्कूल का स्थाई बिजली कनेक्शन लिया जाए।
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नगर शिक्षा अधिकारी ने नगर के सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यां को निर्देश दिए हैं कि वह दो दिन के अंदर अपने-अपने स्कूल का अप्रैल 2024 तक का बकाया बिजली बिल का रिकॉर्ड कार्यालय में जमा करें, ताकि रिपोर्ट शासन को भेजी जा सके। नगर शिक्षा अधिकारी का कहना है कि नगर के जिन स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हैं, उनका भी रिकॉर्ड लेकर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
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